'समस्याओं का समाधान वॉशिंगटन से नहीं, दिल्ली से निकलेगा': US राजदूत सर्जियो गोर के दौरे पर बोले CM उमर अब्दुल्ला; अमेरिका ने माना- 'J&K भारत का अहम हिस्सा'

'समस्याओं का समाधान वॉशिंगटन से नहीं, दिल्ली से निकलेगा': US राजदूत सर्जियो गोर के दौरे पर बोले CM उमर अब्दुल्ला; अमेरिका ने माना- 'J&K भारत का अहम हिस्सा'

भारत में नवनियुक्त अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर (Sergio Gor) के जम्मू-कश्मीर दौरे को लेकर कूटनीतिक और सियासी हलकों में बड़ी हलचल देखने को मिली है। अनुच्छेद 370 हटने और नई सरकार के गठन के बाद किसी अमेरिकी राजदूत का यह पहला स्वतंत्र श्रीनगर दौरा है। श्रीनगर में मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला (Omar Abdullah) से मुलाकात से ठीक पहले सीएम ने मीडिया से बातचीत करते हुए एक बेहद स्पष्ट, परिपक्व और कड़ा संदेश दिया। उमर अब्दुल्ला ने साफ लफ्जों में कहा कि वे किसी दूसरे देश के राजदूत के सामने अपने देश की शिकायतें लेकर जाने की आदत नहीं रखते। उन्होंने जोर देकर कहा कि जम्मू-कश्मीर के मुद्दों और समस्याओं का समाधान वॉशिंगटन से नहीं, बल्कि भारत सरकार और नई दिल्ली से ही निकलेगा।

'विदेशी राजदूत से देश की शिकायत करना मेरी आदत नहीं': उमर अब्दुल्ला

मुलाकात से पहले संवाददाताओं से बात करते हुए मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने अमेरिकी राजदूत के दौरे पर अपना रुख पूरी तरह साफ किया।

उमर अब्दुल्ला के बयान के प्रमुख बिंदु:

  • शिकायत करने का कोई सवाल नहीं: सीएम ने कहा, "बहुत लंबे समय बाद कोई अमेरिकी राजदूत जम्मू-कश्मीर आ रहे हैं। उन्हें आने दीजिए, हम बैठकर बातचीत करेंगे। लेकिन किसी दूसरे देश के राजदूत के सामने अपने ही देश की शिकायत करना मेरी आदत कभी नहीं रही है। यह पूरी तरह गलत बात होगी।"

  • समाधान नई दिल्ली में है, वॉशिंगटन में नहीं: जब उनसे पूछा गया कि क्या वे राज्य के दर्जे या आंतरिक मुद्दों को उठाएंगे, तो उन्होंने स्पष्ट कहा कि हमारी समस्याओं का समाधान अमेरिका या वॉशिंगटन से नहीं आने वाला है। इन सभी मामलों का हल केवल केंद्र सरकार ही कर सकती है।

  • सुनाने से ज्यादा सुनना पसंद करेंगे: उमर अब्दुल्ला ने कहा कि वे अमेरिकी राजदूत से ज्यादा कहने के बजाय उनकी बात सुनना पसंद करेंगे कि वे घाटी को किस नजरिए से देखते हैं।

मुलाकात के बाद अमेरिकी राजदूत का बड़ा बयान: 'J&K भारत का अहम अंग'

श्रीनगर में मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला के साथ द्विपक्षीय बातचीत के बाद अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर ने पत्रकारों से बात करते हुए भारत के रुख का जोरदार समर्थन किया।

अमेरिकी राजदूत ने कहा, "यह एक बेहद खूबसूरत जगह है और मैं पहली बार यहां आकर रोमांचित हूं। जम्मू-कश्मीर भारत का एक बेहद महत्वपूर्ण और अभिन्न हिस्सा है। मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला के साथ हमारी बैठक बहुत सौहार्दपूर्ण और सकारात्मक रही, जिसमें आर्थिक सहयोग, पर्यटन और भविष्य के अवसरों पर चर्चा हुई।"

अमेरिकी ट्रैवल एडवाइजरी (Travel Advisory) की होगी समीक्षा

घाटी के पर्यटन और अर्थव्यवस्था को गति देने के लिए लंबे समय से यह मांग की जा रही थी कि अमेरिका जम्मू-कश्मीर को लेकर जारी अपनी 'लेवल-4 डू नॉट ट्रैवल' एडवाइजरी को वापस ले। पीडीपी प्रमुख महबूबा मुफ्ती ने भी राजदूत से इस एडवाइजरी को हटाने की अपील की थी ताकि विदेशी पर्यटक बिना डर के कश्मीर आ सकें।

इस पर सकारात्मक रुख दिखाते हुए राजदूत सर्जियो गोर ने संकेत दिया कि भारत सरकार, मुख्यमंत्री और स्थानीय प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए शानदार कदम उठाए हैं। इसे देखते हुए वॉशिंगटन कश्मीर पर अपनी ट्रैवल एडवाइजरी का स्तर घटाने (Downgrade) पर गंभीरता से पुनर्विचार करेगा।

सर्जियो गोर के बयान पर पाकिस्तान को लगी मिर्ची

सर्जियो गोर द्वारा कश्मीर को भारत का अभिन्न अंग बताए जाने और श्रीनगर दौरे पर पाकिस्तान ने कड़ा ऐतराज जताया है। इस्लामाबाद में पाकिस्तानी विदेश मंत्रालय ने अमेरिकी राजनयिक को तलब कर विरोध दर्ज कराया। हालांकि, भारतीय कूटनीतिक विशेषज्ञों का मानना है कि उमर अब्दुल्ला के राष्ट्रवादी रुख और अमेरिकी राजदूत के स्पष्ट बयान ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पाकिस्तान के दुष्प्रचार की हवा निकाल दी है।

श्रीनगर के अपने आधिकारिक कार्यक्रमों और उपराज्यपाल मनोज सिन्हा से मुलाकात के बाद अमेरिकी राजदूत लद्दाख के दौरे पर रवाना होंगे।

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