पूर्व IAS दिव्या मित्तल के एक सवाल से हरकत में आया प्रशासन, सालों से अटके सरकारी स्कूल का निर्माण कार्य युद्धस्तर पर शुरू

पूर्व IAS दिव्या मित्तल के एक सवाल से हरकत में आया प्रशासन, सालों से अटके सरकारी स्कूल का निर्माण कार्य युद्धस्तर पर शुरू

उत्तर प्रदेश कैडर की पूर्व चर्चित आईएएस अधिकारी दिव्या मित्तल अपने प्रशासनिक फैसलों और जनता से जुड़े मुद्दों को लेकर हमेशा मुखर रही हैं। हाल ही में उन्होंने ग्रामीण क्षेत्र में सालों से अधूरे पड़े एक प्राथमिक विद्यालय के भवन निर्माण को लेकर सवाल खड़ा किया, जिसका असर चंद घंटों के भीतर ही धरातल पर देखने को मिला। दिव्या मित्तल ने स्कूल के जीर्ण-शीर्ण ढांचे, खुले आसमान के नीचे पढ़ने को मजबूर बच्चों और कार्यदायी संस्था की लापरवाही को उजागर करते हुए स्थानीय प्रशासन से जवाब मांगा था। सोशल मीडिया पर उनके पोस्ट के वायरल होते ही संबंधित जिले का प्रशासनिक अमला गहरी नींद से जागा और आनन-फानन में मौके पर पहुंचकर निर्माण कार्य को युद्धस्तर पर दोबारा शुरू करवा दिया।

सोशल मीडिया पर दिव्या मित्तल ने दिखाई थी जमीनी हकीकत, पूछा था सीधा सवाल

मिर्जापुर और बस्ती जैसे जिलों में डीएम रहते हुए जनता के दिलों में खास पहचान बनाने वाली दिव्या मित्तल ने अपने हालिया दौरे या संज्ञान में आए एक सरकारी स्कूल की तस्वीरें साझा की थीं। उन्होंने दिखाया कि किस तरह सरकारी बजट जारी होने के बावजूद स्कूल भवन की दीवारें आधी-अधूरी खड़ी थीं, छत का अता-पता नहीं था और सरिया जंग खा रही थी। इसके चलते गांव के नौनिहालों को धूप, धूल और बारिश के मौसम में खुले में बैठकर पढ़ाई करनी पड़ रही थी। उन्होंने इस पर गहरी चिंता जताते हुए सवाल किया कि जब बच्चों के भविष्य की बात आती है, तो जिम्मेदार विभागों और ठेकेदारों की लापरवाही पर सख्त एक्शन क्यों नहीं होता? पूर्व आईएएस अधिकारी के इस सवाल ने सीधे व्यवस्था की कार्यशैली पर चोट की, जिसके बाद यह मामला उच्चाधिकारियों के संज्ञान में आ गया।

सवाल उठते ही दौड़े बेसिक शिक्षा और पीडब्ल्यूडी के अफसर, मौके पर पहुंची निर्माण सामग्री

पूर्व आईएएस अधिकारी के सवाल उठाते ही जिले के प्रशासनिक अधिकारियों में हड़कंप मच गया। संबंधित ब्लॉक और तहसील के अधिकारियों के साथ बेसिक शिक्षा विभाग (BSA) और लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) की संयुक्त टीम ने तुरंत मौके का मुआयना किया। ठेकेदार और कार्यदायी संस्था को कड़ी फटकार लगाई गई और अधूरे निर्माण को पूरा करने के लिए सख्त समय-सीमा तय कर दी गई। देखते ही देखते स्कूल परिसर में ईंट, मौरंग, सीमेंट और सरिया की गाड़ियां पहुंच गईं और मजदूरों को लगाकर निर्माण कार्य को तेज गति से शुरू करा दिया गया। मौके पर मौजूद अधिकारियों ने स्पष्ट निर्देश दिए कि गुणवत्ता के साथ कोई समझौता नहीं होगा और निर्धारित समय के भीतर भवन का निर्माण पूरा कर बच्चों को सुपुर्द किया जाएगा।

आम जनता ने की सराहना: 'जनप्रतिनिधि और पूर्व अधिकारी ऐसे ही उठाएं आवाज'

प्रशासन की इस त्वरित कार्रवाई के बाद स्थानीय ग्रामीणों और अभिभावकों ने राहत की सांस ली है। ग्रामीणों का कहना है कि वे इस अधूरे स्कूल भवन के लिए कई बार ब्लॉक से लेकर जिले तक गुहार लगा चुके थे, लेकिन किसी ने उनकी सुध नहीं ली थी। दिव्या मित्तल के इस हस्तक्षेप से गांव के बच्चों को अब जल्द ही सुरक्षित पक्की छत और आधुनिक क्लासरूम मिल सकेंगे। सोशल मीडिया पर भी लोग पूर्व आईएएस अधिकारी के इस सजग रुख की जमकर तारीफ कर रहे हैं। लोगों का कहना है कि जब संवेदनशील और जनता से जुड़े पूर्व नौकरशाह जमीनी समस्याओं पर इस तरह से आवाज उठाते हैं, तो व्यवस्था को मजबूरन जवाबदेह बनना पड़ता है।