10 करोड़ की संपत्ति के मालिक हैं सपा सांसद रामगोपाल यादव: विदेशी असलहों के हैं खासे शौकीन

10 करोड़ की संपत्ति के मालिक हैं सपा सांसद रामगोपाल यादव: विदेशी असलहों के हैं खासे शौकीन

समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय प्रमुख महासचिव और राज्यसभा उम्मीदवार प्रोफेसर रामगोपाल यादव की गिनती देश के उन दिग्गज राजनेताओं में होती है, जिनकी पकड़ अकादमिक जगत से लेकर संसद के उच्च सदन तक बेहद मजबूत मानी जाती है। उत्तर प्रदेश से राज्यसभा चुनाव के लिए दाखिल किए गए नामांकन हलफनामे में उनकी वित्तीय स्थिति और निजी शौक का जो ब्योरा सामने आया है, उसने एक बार फिर सबका ध्यान आकर्षित किया है। हलफनामे के अनुसार प्रो. रामगोपाल यादव के पास कुल 10 करोड़ रुपये से अधिक की चल-अचल संपत्ति है। राजनीति के चाणक्य कहे जाने वाले रामगोपाल यादव केवल किताबों और संविधान के ही जानकार नहीं हैं, बल्कि वे विदेशी और आधुनिक असलहों के भी खासे मुरीद हैं। उनके पास लाइसेंसी हथियारों का अच्छा-खासा कलेक्शन मौजूद है।

10 करोड़ की संपत्ति का ब्योरा: करोड़ों की जमीन और बैंक बैलेंस

चुनाव आयोग को सौंपे गए आधिकारिक शपथ पत्र के अनुसार प्रो. रामगोपाल यादव की कुल संपत्ति लगभग 10.45 करोड़ रुपये के आसपास है। इसमें उनकी चल और अचल दोनों संपत्तियां शामिल हैं:

  • चल संपत्ति: उनके पास करीब 4.5 करोड़ रुपये से अधिक की चल संपत्ति दर्ज है। इसमें विभिन्न बैंक खातों में जमा नकदी, फिक्स्ड डिपॉजिट (FD), सरकारी बॉन्ड और राष्ट्रीय बचत पत्रों (NSC) में किया गया सुरक्षित निवेश शामिल है।

  • अचल संपत्ति: प्रो. रामगोपाल यादव के पास लगभग 5.95 करोड़ रुपये मूल्य की अचल संपत्ति है। उनके नाम पर उनके पैतृक जिले इटावा के सैफई और जसवंतनगर में उपजाऊ कृषि भूमि, आवासीय परिसर और लखनऊ में आलीशान मकान दर्ज हैं।

  • गाड़ियां और देनदारी: हलफनामे के मुताबिक उनके पास अपनी दैनिक यात्राओं के लिए एसयूवी गाड़ियां मौजूद हैं। खास बात यह है कि अकूत संपत्ति और कई दशकों के राजनीतिक रसूख के बावजूद उन पर किसी भी बैंक का कोई बड़ा वित्तीय कर्ज या भारी देनदारी लंबित नहीं है।

विदेशी असलहों का जखीरा: हलफनामे में दर्ज है हथियारों का ब्योरा

प्रोफेसर रामगोपाल यादव के हलफनामे का सबसे दिलचस्प और चर्चित हिस्सा उनके वैध हथियारों का विवरण है। वे आत्मरक्षा और निशानेबाजी के आधुनिक हथियारों के शौकीन माने जाते हैं:

  • विदेशी पिस्टल: उनके पास विदेशी तकनीक से बनी एक अत्याधुनिक .32 बोर की विदेशी पिस्टल है, जिसकी गुणवत्ता और मारक क्षमता बेहद सटीक मानी जाती है।

  • एनपी बोर रिवाल्वर: इसके अलावा उनके नाम पर एक वैध नॉन-प्रॉहिबिटेड (NP) बोर की भारतीय रिवाल्वर भी दर्ज है, जिसे उन्होंने सालों से अपनी सुरक्षा का हिस्सा बनाया हुआ है।

  • राइफल और कारतूस: उनके शस्त्रागार में एक लंबी दूरी की रायफल और उसके दर्जनों जिंदा कारतूस भी लाइसेंसी रूप से पंजीकृत हैं। नामांकन पत्र में उन्होंने इन सभी असलहों का कानूनी विवरण, लाइसेंस नंबर और बाजार मूल्य पूरी पारदर्शिता के साथ दर्ज किया है।

कॉलेज के प्रोफेसर से लेकर समाजवादी पार्टी के रणनीतिकार तक का सफर

इटावा के के.के. कॉलेज में राजनीति विज्ञान के प्रोफेसर रहे रामगोपाल यादव ने भौतिकी और राजनीति विज्ञान दोनों में उच्च शिक्षा प्राप्त की है। समाजवादी पार्टी के संस्थापक मुलायम सिंह यादव (नेताजी) उन्हें 1980 के दशक में सक्रिय राजनीति में लेकर आए थे। 1992 में जब समाजवादी पार्टी की नींव रखी गई, तो पार्टी का संविधान तैयार करने और कानूनी लड़ाइयों की कमान नेताजी ने रामगोपाल यादव को ही सौंपी थी। संसद के उच्च सदन में पिछले तीन दशकों से वे समाजवादी पार्टी की सबसे मुखर आवाज बने हुए हैं।