बाबा रामदेव के 'कन्वर्टेड मुसलमान' वाले बयान पर AIMIM नेता शौकत अली का तीखा पलटवार

बाबा रामदेव के 'कन्वर्टेड मुसलमान' वाले बयान पर AIMIM नेता शौकत अली का तीखा पलटवार

योग गुरु बाबा रामदेव के एक हालिया बयान ने देश की सियासत और सामाजिक मंचों पर नई बहस छेड़ दी है। मथुरा के बरसाना में पंडित प्रदीप मिश्रा की शिव महापुराण कथा के दौरान बाबा रामदेव ने भारतीय मुसलमानों के इतिहास और उनकी जड़ों को लेकर टिप्पणी की थी। रामदेव ने कहा था कि हिंदुस्तान के सभी मुसलमान कन्वर्टेड हैं और उनके मूल पूर्वज भारतीय ऋषि-मुनि व भगवान राम और कृष्ण रहे हैं। इस बयान पर ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) की तरफ से तीखी प्रतिक्रिया सामने आई है। AIMIM के वरिष्ठ नेता शौकत अली ने योग गुरु पर जोरदार पलटवार करते हुए उन्हें उलटे 'घर वापसी' की सलाह दे डाली है और तंज कसते हुए कहा कि वे वापस आ जाएं तो दोनों मिलकर नमाज पढ़ेंगे और बिरयानी भी खाएंगे।

'अब्बा आदम हम सबके पूर्वज, आपने बदला धर्म': शौकत अली का रामदेव पर कटाक्ष

AIMIM के उत्तर प्रदेश अध्यक्ष शौकत अली ने बाबा रामदेव के दावे पर सीधे प्रहार करते हुए कहा कि मानव जाति के सबसे पहले पूर्वज 'अब्बा आदम' (हजरत आदम) हैं। उन्होंने रामदेव को संबोधित करते हुए कहा कि हमारे और आपके, दोनों के पूर्वज एक ही हैं और धर्म तो दरअसल आपने बदला है। शौकत अली ने तंजिया लहजे में कहा कि बाबा रामदेव को अब घर वापसी कर लेनी चाहिए। उन्होंने कहा कि सोचिए उस वक्त कितना मजा आएगा जब हम और आप मिलकर एक साथ नमाज भी पढ़ेंगे और साथ बैठकर लजीज बिरयानी का लुत्फ भी उठाएंगे। शौकत अली के इस तीखे बयान का वीडियो सोशल मीडिया पर आते ही तेजी से वायरल हो गया है और दोनों पक्षों के समर्थक आमने-सामने आ गए हैं।

मथुरा के बरसाना में क्या बोले थे बाबा रामदेव?

यह पूरा विवाद उस वक्त शुरू हुआ जब बाबा रामदेव मथुरा के बरसाना में चल रहे धार्मिक अनुष्ठान में शिरकत करने पहुंचे थे। वहां मीडिया से बातचीत के दौरान उन्होंने AIMIM प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी के उस बयान का जवाब दिया, जिसमें ओवैसी ने कहा था कि देश में कोई नहीं चाहता कि मुसलमानों की अपनी स्वतंत्र राजनीतिक आवाज हो।

इस पर प्रतिक्रिया देते हुए बाबा रामदेव ने कहा था कि हिंदू और मुसलमान मिलकर रहेंगे तो देश मजबूत बनेगा। इसके साथ ही उन्होंने मुस्लिम समुदाय को अपनी जड़ों को पहचानने की नसीहत देते हुए कहा था कि भारत में रहने वाले सभी मुसलमान 'कन्वर्टेड' हैं। उनके पूर्वज मक्का-मदीना से नहीं आए थे, बल्कि उनके पूर्वज भारतीय ऋषि-ऋषिकाएं और भगवान राम व कृष्ण थे। रामदेव ने यह भी जोड़ा था कि जब तक मुसलमान अपने मूल पूर्वजों के साथ अपना जुड़ाव महसूस नहीं करेंगे, तब तक वे खुद को कमजोर और उपेक्षित समझते रहेंगे।

रेवंत रेड्डी के बयान और फूहड़ रील्स पर भी साधा था निशाना

बरसाना के मंच से बाबा रामदेव ने केवल मुसलमानों पर ही बात नहीं की, बल्कि उन्होंने तेलंगाना के मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी के उस बयान पर भी कड़ा ऐतराज जताया था जिसमें उन्होंने राम को अमीरों और शिव को गरीबों का देवता बताया था। रामदेव ने कहा कि सनातन धर्म को जातियों और वर्गों में बांटने की साजिश रची जा रही है। राम, कृष्ण, शिव और हनुमान सब एक ही परब्रह्म के रूप हैं और भगवान के नाम पर भेदभाव फैलाना पाप है। इसके अलावा उन्होंने युवाओं से सोशल मीडिया पर परोसी जा रही अश्लील सामग्री और फूहड़ रील्स से दूर रहने की अपील करते हुए सांस्कृतिक मूल्यों को अपनाने का आग्रह किया था। हालांकि, अब शौकत अली के पलटवार के बाद यह पूरा मामला धार्मिक पहचान और 'घर वापसी' की नई राजनीतिक जंग में तब्दील होता दिख रहा है।