गुरु पूर्णिमा पर भूलकर भी न करें ये 4 गलतियां, मां लक्ष्मी और चंद्र देव हो सकते हैं नाराज
नई दिल्ली। आषाढ़ मास की पूर्णिमा तिथि पर मनाया जाने वाला गुरु पूर्णिमा का पर्व धार्मिक और आध्यात्मिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण माना जाता है। इस पावन अवसर पर जगत के पालनहार श्री हरि विष्णु, धन की देवी मां लक्ष्मी, चंद्र देव और गुरुजनों की विशेष पूजा-अर्चना का विधान है। मान्यता है कि विधि-विधान से की गई पूजा से जीवन की तमाम आर्थिक समस्याओं से मुक्ति मिलती है।
हिंदू पंचांग के अनुसार, इस वर्ष गुरु पूर्णिमा का व्रत, पवित्र स्नान, दान और पूजन बुधवार, 29 जुलाई 2026 को किया जाएगा। ज्योतिषशास्त्र और धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस शुभ दिन पर कुछ कार्यों को करना बेहद वर्जित माना गया है। आइए जानते हैं कि गुरु पूर्णिमा के दिन किन 4 गलतियों को करने से बचना चाहिए।
गुरु पूर्णिमा के दिन न करें ये 4 काम
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तामसिक भोजन का सेवन: गुरु पूर्णिमा के पावन दिन पर मांस, मदिरा या अन्य तामसिक पदार्थों का सेवन भूलकर भी न करें। ऐसा करने से मां लक्ष्मी नाराज हो सकती हैं और घर की सुख-शांति प्रभावित हो सकती है।
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दूध और चांदी का दान: इस दिन कुछ विशेष चीजों के दान से बचना चाहिए। खासतौर पर दूध और चांदी का दान करने की सख्त मनाही है। मान्यता है कि इससे कुंडली में चंद्रमा कमजोर होता है, जिसका सीधा असर आपकी आर्थिक स्थिति पर पड़ता है।
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फटे, पुराने और काले कपड़े पहनना: चूंकि यह तिथि मां लक्ष्मी की कृपा प्राप्त करने के लिए विशेष है, इसलिए इस दिन कटे-फटे, पुराने या काले रंग के वस्त्र न पहनें। शुभ फलों और मां लक्ष्मी का आशीर्वाद पाने के लिए गुलाबी या लाल रंग के कपड़े पहनना उत्तम माना जाता है।
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घर में अंधेरा रखना: गुरु पूर्णिमा की शाम या रात को घर के किसी भी कोने में अंधेरा न रहने दें। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, जिस घर में अंधेरा या नकारात्मकता होती है, वहां मां लक्ष्मी का वास नहीं होता। इसलिए पूरे घर में पर्याप्त रोशनी की व्यवस्था रखें।