शनि की राशि में पहुंचे चंद्रमा, आज से शुरू हुआ इन 3 राशियों का सबसे कठिन समय; कदम-कदम पर बरतनी होगी सावधानी

शनि की राशि में पहुंचे चंद्रमा, आज से शुरू हुआ इन 3 राशियों का सबसे कठिन समय; कदम-कदम पर बरतनी होगी सावधानी

ज्योतिष शास्त्र में सबसे तेज गति से गोचर करने वाले ग्रह चंद्रमा आज यानी 4 जून 2026 की सुबह एक बड़ा राशि परिवर्तन कर चुके हैं। चंद्रमा सुबह 7 बजकर 42 मिनट पर देवगुरु बृहस्पति की राशि धनु से निकलकर अपने परम शत्रु शनि देव की राशि मकर में प्रवेश कर गए हैं। वैदिक ज्योतिष के अनुसार, शनि और चंद्रमा के बीच अत्यंत शत्रुता का संबंध माना जाता है, इसलिए जब भी चंद्रमा शनि की राशि में गोचर करते हैं, तो इसका असर कई राशियों के लिए मानसिक और आर्थिक रूप से काफी कष्टदायक साबित होता है। इस गोचर के प्रभाव से अगले कुछ दिनों तक 3 विशेष राशियों के जीवन में अचानक अनिश्चितताएं, करियर में रुकावटें और स्वास्थ्य संबंधी परेशानियां बढ़ सकती हैं। इन राशियों के जातकों को बेहद फूंक-फूंक कर कदम रखने की सलाह दी गई है।

मिथुन राशि: आठवें भाव में चंद्रमा का जाना बढ़ाएगा मुश्किलें, करियर और पेट की सेहत का रखें खास ध्यान

मिथुन राशि के जातकों के लिए चंद्रमा का यह गोचर उनकी राशि से आठवें यानी अष्टम भाव में हुआ है। ज्योतिष शास्त्र में आठवें भाव को गुप्त शत्रुओं, बाधाओं और अचानक होने वाली अनिश्चितताओं का कारक माना जाता है। इस भाव में चंद्रमा की उपस्थिति आपके लिए काफी प्रतिकूल साबित हो सकती है। जून के इस पहले सप्ताह में आपको अपने करियर या नौकरी में अचानक बड़े उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकते हैं, इसलिए कार्यक्षेत्र में किसी भी तरह के बड़े फैसले को टालना ही बेहतर होगा। इसके अलावा, सेहत के मोर्चे पर आपको पेट (उदर) से जुड़े विकार या इंफेक्शन परेशान कर सकते हैं। धन की बर्बादी से बचने के लिए एक ठोस बजट प्लान करें। बचाव के उपाय: चंद्रमा के इस अशुभ प्रभाव को कम करने के लिए आपको किसी जरूरतमंद को दूध, दही, चावल या सफेद वस्त्रों का दान करना चाहिए।

सिंह राशि: छठे भाव का गोचर लाएगा मानसिक तनाव, कड़वी वाणी बिगाड़ सकती है आपके बनते काम

सिंह राशि वालों के लिए चंद्रमा का गोचर उनकी राशि से छठे भाव में होने जा रहा है। कुंडली का छठा भाव रोग, ऋण और शत्रुओं का घर माना जाता है। इस भाव में मकर राशि के चंद्रमा का आना आपकी सेहत पर सीधा नकारात्मक असर डाल सकता है, जिससे आप शारीरिक कमजोरी और भारी मानसिक तनाव का अनुभव कर सकते हैं। इस दौरान आपको अपनी वाणी पर सबसे ज्यादा नियंत्रण रखने की जरूरत है; आपकी जुबान की कड़वाहट कार्यक्षेत्र में सहकर्मियों और वरिष्ठ अधिकारियों के साथ आपकी छवि को खराब कर सकती है। इस गोचर के बाद अनावश्यक खर्चों के कारण आपका बैंक बैलेंस भी तेजी से घट सकता है। बचाव के उपाय: सिंह राशि के जातकों को इस गोचर के बुरे प्रभावों से बचने के लिए नियमित रूप से भगवान शिव की आराधना और शिव चालीसा का पाठ करना चाहिए।

कुंभ राशि: हानि भाव में चंद्रमा के आने से निवेश में हो सकता है बड़ा नुकसान, ऑफिस की राजनीति से रहें दूर

कुंभ राशि के जातकों के लिए चंद्रमा का यह गोचर उनके द्वादश यानी 12वें भाव में हुआ है, जिसे ज्योतिष में व्यय और हानि का भाव कहा जाता है। चंद्रमा की यह स्थिति संकेत दे रही है कि इस समय आपको किसी भी तरह का नया निवेश करने से पूरी तरह बचना चाहिए, अन्यथा आपका पैसा लंबे समय के लिए फंस सकता है। अगर आप निवेश करना ही चाहते हैं, तो 10 जून 2026 के बाद का समय आपके लिए अधिक अनुकूल रहेगा। शारीरिक रूप से आपको जोड़ों में दर्द या वात रोग की समस्या परेशान कर सकती है। इसके अलावा, वैवाहिक जीवन में जीवनसाथी के साथ बेवजह के मतभेद और उतार-चढ़ाव आ सकते हैं। ऑफिस या बिजनेस में चल रही किसी भी तरह की राजनीति से खुद को बिल्कुल दूर रखें। बचाव के उपाय: कुंभ राशि के जातकों को इस नकारात्मक समय को टालने के लिए रोज सुबह तांबे के लोटे से शिवलिंग पर जलाभिषेक करना चाहिए।

 

 

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