गुरु पूर्णिमा 2026 पर 56 साल बाद बना दुर्लभ 'गुरु-आदित्य राजयोग', जानें स्नान-दान का शुभ मुहूर्त और पूजा विधि जिससे चमकेगी किस्मत
इस बार की गुरु पूर्णिमा (आषाढ़ पूर्णिमा) केवल एक पर्व नहीं, बल्कि ज्योतिषीय दृष्टि से एक ऐतिहासिक दिन बनने जा रही है। 29 जुलाई 2026 को मनाए जाने वाले इस पावन पर्व पर पूरे 56 सालों के बाद ग्रहों का एक ऐसा दुर्लभ महासंयोग बन रहा है, जो इससे पहले 1970 में देखा गया था। अगर आप भी भगवान विष्णु और मां लक्ष्मी की कृपा पाना चाहते हैं, तो इस शुभ संयोग में किए गए स्नान और दान का महत्व कई गुना बढ़ जाता है। आइए विस्तार से जानते हैं इस दिन के सभी शुभ मुहूर्त और अचूक उपाय।
पूर्णिमा तिथि: कब से कब तक?
इस वर्ष उदया तिथि के आधार पर गुरु पूर्णिमा का मुख्य पर्व 29 जुलाई 2026 (बुधवार) को मनाया जाएगा। पंचांग के अनुसार, आषाढ़ माह की पूर्णिमा तिथि की शुरुआत 28 जुलाई की शाम 06:18 बजे से हो जाएगी, जिसका समापन अगले दिन 29 जुलाई की रात 08:05 बजे होगा।
56 साल बाद बन रहे ये 2 महासंयोग
इस वर्ष गुरु पूर्णिमा का महत्व दो बड़े राजयोगों के कारण आसमान छू रहा है:
1. गुरु-आदित्य राजयोग: इस दिन सूर्य देव (आत्मा और सम्मान के कारक) और देवगुरु बृहस्पति (ज्ञान और भाग्य के कारक) एक साथ कर्क राशि में विराजमान रहेंगे। इन दोनों ग्रहों की युति से 'गुरु आदित्य राजयोग' का निर्माण हो रहा है, जो भक्तों को अपार धन, प्रतिष्ठा और कार्यक्षेत्र में बड़ी सफलता दिलाने वाला है।
2. गुरु-शनि का समसप्तक दृष्टि योग: कर्मफल दाता शनि और गुरु एक-दूसरे पर शुभ दृष्टि बनाए रखेंगे। यह दुर्लभ ज्योतिषीय संगम अटके हुए कार्यों को पूरा करने और आध्यात्मिक उन्नति के लिए बेहद फलदायी माना जा रहा है।
पूजा विधि: किन देवी-देवताओं का करें पूजन?
गुरु पूर्णिमा के दिन मुख्य रूप से भगवान श्री हरि विष्णु, धन की देवी माता लक्ष्मी और चंद्रदेव की उपासना की जाती है। मान्यता है कि इस दिन सच्चे मन से विष्णु जी की पूजा करने और रात के समय चंद्रमा को अर्घ्य देने से कुंडली में चंद्र दोष समाप्त होता है और मानसिक तनाव से मुक्ति मिलती है।
स्नान-दान का शुभ मुहूर्त (Muhurat Details)
अपने अनुष्ठान और पूजा को सफल बनाने के लिए इन सटीक मुहूर्तों का ध्यान रखें:
-
विजय मुहूर्त: शाम 04:29 बजे से शाम 05:30 बजे तक
-
गोधूलि मुहूर्त: रात 09:34 बजे से रात 09:51 बजे तक
-
सायाह्न सन्ध्या: रात 09:34 बजे से रात 10:26 बजे तक
-
चंद्रोदय का समय: रात 09:53 बजे (इस समय चंद्रमा को अर्घ्य अवश्य दें)
भाग्य चमकाने के लिए क्या दान करें?
यदि आप अपनी कुंडली में गुरु (बृहस्पति) को मजबूत करना चाहते हैं, तो इस दिन पीले रंग की वस्तुओं का दान सबसे उत्तम माना गया है। किसी जरूरतमंद या ब्राह्मण को पीले वस्त्र, चने की दाल, शुद्ध घी, गुड़ और सामर्थ्य अनुसार दक्षिणा का दान अवश्य करें। इस उपाय से घर में सुख-समृद्धि का स्थायी वास होता है।