17 अक्टूबर से सूर्य का नीच राशि तुला में गोचर, इन 4 राशियों का पलटेगा भाग्य, करियर-धन में मिलेगा जबरदस्त लाभ

17 अक्टूबर से सूर्य का नीच राशि तुला में गोचर, इन 4 राशियों का पलटेगा भाग्य, करियर-धन में मिलेगा जबरदस्त लाभ

वैदिक ज्योतिष शास्त्र में सूर्य देव को आत्मा, मान-सम्मान, नेतृत्व क्षमता, पिता और उच्च पद का प्रत्यक्ष कारक ग्रह माना जाता है। नवग्रहों के राजा कहे जाने वाले सूर्य देव हर माह एक राशि से दूसरी राशि में प्रवेश करते हैं, जिसे संक्रांति कहा जाता है। पंचांगीय गणना के अनुसार, 17 अक्टूबर को सुबह सूर्य देव अपनी कन्या राशि की यात्रा समाप्त कर शुक्र के आधिपत्य वाली वायु तत्व प्रधान राशि 'तुला' में प्रवेश करने जा रहे हैं। ज्योतिष शास्त्र के नियमों के मुताबिक, तुला राशि में सूर्य देव अपनी 'नीच' अवस्था में माने जाते हैं। सामान्यतः किसी ग्रह का अपनी नीच राशि में जाना थोड़ा चुनौतीपूर्ण माना जाता है, लेकिन कुंडली के अलग-अलग भावों और अन्य शुभ ग्रहों के साथ बनने वाले युति संबंधों के कारण यह नीच गोचर कई राशियों के लिए 'नीचभंग राजयोग' और शुभ योगों का निर्माण करता है।

17 अक्टूबर को होने वाली इस तुला संक्रांति का प्रभाव सभी 12 राशियों पर व्यापक रूप से देखने को मिलेगा। हालांकि, ज्योतिषीय विश्लेषण के अनुसार, चार ऐसी भाग्यशाली राशियां हैं जिनके लिए सूर्य का यह गोचर नुकसान के बजाय अप्रत्याशित तरक्की, पद-प्रतिष्ठा में वृद्धि और धन लाभ के नए रास्ते खोलने वाला साबित होगा।

1. धनु राशि (Sagittarius): 11वें भाव में सूर्य कराएंगे आमदनी की बंपर बढ़ोतरी

धनु राशि के जातकों के लिए सूर्य का यह गोचर उनके एकादश भाव यानी लाभ और आय के स्थान पर होने जा रहा है। एकादश भाव में सूर्य की उपस्थिति आर्थिक दृष्टि से बेहद शुभ और फलदायी मानी जाती है। 17 अक्टूबर के बाद से धनु राशि के जातकों के लिए आय के नए और अतिरिक्त स्रोत खुलेंगे। कार्यक्षेत्र में आपके पुराने प्रयासों का फल मिलना शुरू होगा और यदि आप किसी बड़े बोनस, वेतन वृद्धि या इन्क्रीमेंट का इंतजार कर रहे थे, तो इस दौरान शुभ समाचार मिल सकता है। व्यापारियों को किसी बड़े सरकारी या निजी सौदे से भारी मुनाफा होने की संभावना है। समाज और कार्यक्षेत्र में बड़े अधिकारियों से आपके संपर्क प्रगाढ़ होंगे, जिसका लाभ आपको भविष्य में मिलेगा।

2. मकर राशि (Capricorn): 10वें भाव में कर्म स्थान होगा मजबूत, करियर में लगेगी लंबी छलांग

मकर राशि के जातकों के लिए सूर्य का गोचर दशम भाव यानी कर्म और पिता के स्थान पर होगा। दशम भाव में सूर्य देव को 'दिग्बल' यानी दिशा बल की प्राप्ति होती है, जिससे नीच राशि में होने के बावजूद उनका प्रभाव करियर में अत्यंत सकारात्मक परिणाम देता है। जो लोग सरकारी नौकरी, राजनीति, प्रशासनिक सेवाओं या कॉरपोरेट मैनेजमेंट से जुड़े हैं, उनके अधिकार क्षेत्र में वृद्धि होगी। आपके काम करने की शैली से उच्चाधिकारी प्रभावित होंगे और आपको किसी नई व बड़ी परियोजना की जिम्मेदारी सौंपी जा सकती है। यदि आप नौकरी बदलने की योजना बना रहे हैं, तो 17 अक्टूबर के बाद बेहतर पैकेज पर नए अवसर आपके दरवाजे पर दस्तक दे सकते हैं।

3. मिथुन राशि (Gemini): 5वें भाव में सूर्य जगाएंगे बुद्धि का पराक्रम, शिक्षा व निवेश में लाभ

मिथुन राशि के लिए सूर्य देव पंचम भाव यानी ज्ञान, बुद्धि, संतान और रचनात्मकता के भाव में गोचर करेंगे। यह अवधि मिथुन राशि के छात्रों और बौद्धिक कार्य करने वालों के लिए वरदान साबित होगी। प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे युवाओं की एकाग्रता बढ़ेगी और उनके प्रदर्शन में सुधार देखने को मिलेगा। जो लोग शेयर बाजार, म्यूचुअल फंड या कला-मनोरंजन से जुड़े क्षेत्रों में सक्रिय हैं, उन्हें अप्रत्याशित वित्तीय लाभ मिल सकता है। आपकी योजनाएं सटीक बैठेंगी और आप विपरीत परिस्थितियों में भी सही समय पर सही फैसले लेने में सफल रहेंगे। संतान पक्ष की ओर से कोई सुखद समाचार मिल सकता है, जिससे परिवार में प्रसन्नता का वातावरण रहेगा।

4. सिंह राशि (Leo): तीसरे भाव में सूर्य का पराक्रम, शत्रुओं पर मिलेगी बड़ी विजय

सिंह राशि के स्वामी स्वयं सूर्य देव हैं और उनका यह गोचर आपकी राशि से तीसरे भाव यानी पराक्रम, साहस और छोटे भाई-बहनों के स्थान में होने जा रहा है। तीसरे भाव में सूर्य का गोचर जातक के आत्मविश्वास को कई गुना बढ़ा देता है। आपके भीतर जोखिम लेने की क्षमता मजबूत होगी, जिससे व्यापारिक क्षेत्र में आप नए फैसले लेकर प्रतिस्पर्धियों से आगे निकल जाएंगे। यदि आपका कोई मामला कोर्ट-कचहरी या विवादों में अटका हुआ था, तो फैसला आपके पक्ष में आने के प्रबल योग हैं। मीडिया, मार्केटिंग, आईटी, खेलकूद और जनसंपर्क से जुड़े जातकों को इस दौरान विदेश या दूरस्थ स्थानों से बेहतरीन काम के अवसर प्राप्त होंगे।