Vastu Tips: भूलकर भी तिराहे पर न लें घर, वरना घेर लेंगी कंगाली और बीमारियां, मुसीबत से बचाएंगे ये अचूक वास्तु उपाय
अपना खुद का घर होना हर किसी का सपना होता है। घर खरीदते या बनवाते समय लोग जमीन, बजट और लोकेशन का तो पूरा ध्यान रखते हैं, लेकिन अक्सर वास्तु नियमों की अनदेखी कर बैठते हैं। वास्तु शास्त्र के अनुसार, घर हमेशा सही दिशा, सही कोण और उचित स्थान पर होना चाहिए, क्योंकि इसका हमारे जीवन और तरक्की पर सीधा सकारात्मक या नकारात्मक प्रभाव पड़ता है। अक्सर देखा जाता है कि लोग मुख्य सड़क या कॉर्नर के चक्कर में तिराहे (T-Point) पर घर खरीद लेते हैं या बनवा लेते हैं। इसे लेकर लोगों के मन में हमेशा असमंजस रहता है कि तिराहे पर घर लेना फायदेमंद है या नुकसानदेह। आइए जानते हैं कि इस बारे में वास्तु विज्ञान क्या कहता है और इसके दोषों से बचने के क्या उपाय हैं।
तिराहे पर बना घर क्यों माना जाता है बेहद अशुभ?
वास्तु शास्त्र के नियमों के मुताबिक, तिराहे या टी-पॉइंट पर बने घर को बिल्कुल भी शुभ नहीं माना जाता है। इसके पीछे एक गहरा वैज्ञानिक और आध्यात्मिक कारण है। माना जाता है कि सामने की सड़क से आने वाली गाड़ियों की रोशनी, हवा और गति के साथ भारी मात्रा में नकारात्मक ऊर्जा (Negative Energy) सीधे घर की तरफ आती है। इस सीधी और तेज ऊर्जा का सीधा प्रहार घर के मुख्य द्वार पर होता है। मान्यता है कि ऐसे घरों में रहने वाले लोगों को लगातार आर्थिक तंगी, मानसिक तनाव, आपसी कलह और स्वास्थ्य संबंधी गंभीर परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है। हालांकि, यदि आपका घर पहले से ही ऐसी जगह पर है, तो घबराने की जरूरत नहीं है। कुछ आसान वास्तु उपायों को अपनाकर इसके दुष्प्रभावों को काफी हद तक कम किया जा सकता है।
मुख्य द्वार पर लगाएं ये खास मिरर, लौट जाएगी हर बला
वास्तु विज्ञान में तिराहे वाले मकान के दोष को दूर करने के लिए कॉन्वेक्स मिरर (उभरा हुआ शीशा) लगाना बेहद असरदार और प्रभावी उपाय माना गया है। इस विशेष दर्पण की बाहरी सतह बाहर की तरफ उभरी हुई होती है, जो सामने से आने वाली किसी भी प्रकार की नकारात्मक ऊर्जा और बुरी नजर को परावर्तित करके वापस लौटा देती है। इसे अपने घर के मुख्य द्वार के ठीक ऊपर बाहर की तरफ इस तरह लगाएं कि सामने से आने वाले रास्ते का अक्स इसमें साफ दिखाई दे। इससे घर के भीतर सकारात्मक माहौल बना रहता है।
घर के सामने पौधों से बनाएं एक मजबूत सुरक्षा कवच
सामने की सड़क से आने वाली तीव्र और दूषित ऊर्जा को घर के भीतर प्रवेश करने से रोकने के लिए आप अपने घर के आगे एक मजबूत और ऊंची बाउंड्री वॉल (दीवार) बनवा सकते हैं। इसके अलावा, घर के मुख्य द्वार के सामने या आस-पास ऊंचे, घने और बड़े पत्ते वाले पौधे लगाना भी बेहद लाभकारी माना जाता है। ये हरे-भरे पौधे एक प्राकृतिक सुरक्षा कवच की तरह काम करते हैं, जो बाहर से आने वाली नकारात्मक तरंगों को सोख लेते हैं और आपके परिवार की रक्षा करते हैं।
विंड चाइम की मधुर आवाज से दूर होगी घर की नकारात्मकता
वास्तु के नियमों के अनुसार, तिराहे पर स्थित घर के मुख्य द्वार पर 7 छड़ों (7 Rods) वाली धातु से बनी विंड चाइम लटकाना बेहद शुभ फल देता है। जब भी हवा के झोंकों से इस विंड चाइम की मधुर और सकारात्मक ध्वनि गूंजती है, तो वह आस-पास के पूरे वातावरण को शुद्ध कर देती है। यह आवाज घर में सुख-समृद्धि बढ़ाने और मानसिक अशांति को दूर करने में बहुत सहायक मानी जाती है।
मुख्य द्वार की दिशा बदल देगी आपकी किस्मत का सितारा
अगर आपका मकान तिराहे पर स्थित है या आप वहां निर्माण करवाने जा रहे हैं, तो मेन गेट की स्थिति पर सबसे ज्यादा ध्यान देने की जरूरत है। वास्तु के अनुसार, घर का मुख्य दरवाजा कभी भी सामने से आ रही सड़क के बिल्कुल ऐन सामने यानी सीधे ब्लॉक करने वाली स्थिति में नहीं होना चाहिए। कोशिश करें कि मुख्य द्वार को थोड़ा दाईं या बाईं तरफ खिसकाकर बनवाया जाए, ताकि सामने से आने वाली सीधी ऊर्जा का वेग धीमा हो जाए और उसका सीधा बुरा असर घर के सदस्यों पर न पड़े।
इन छोटे और पवित्र प्रतीकों से दूर करें हर तरह का वास्तु दोष
घर के मुख्य प्रवेश द्वार पर सिंदूर या तांबे से बना स्वास्तिक, ॐ या भगवान श्री गणेश की प्रतिमा अथवा तस्वीर लगाना अत्यंत मंगलकारी माना जाता है। ये पवित्र और शुभ प्रतीक किसी भी प्रकार की नकारात्मक ऊर्जा को घर की चौखट के भीतर कदम नहीं रखने देते। इसके साथ ही, मुख्य द्वार के दोनों तरफ तुलसी, एलोवेरा या अशोक के पौधे जरूर लगाएं। ये पौधे न सिर्फ वायु को शुद्ध करते हैं, बल्कि वास्तु दोषों का शमन कर घर में बरकत और खुशहाली लाते हैं।