7 गेंद, 0 रन और 3 विकेट! दीप्ति शर्मा ने रचा अद्भुत वर्ल्ड रिकॉर्ड; 150वें T20I मैच में बिना कोई रन दिए झटके 3 विकेट, बनीं दुनिया की नंबर-1 सबसे सफल गेंदबाज
भारतीय महिला क्रिकेट टीम की दिग्गज ऑलराउंडर दीप्ति शर्मा ने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में एक ऐसा करिश्मा कर दिखाया है जो इतिहास के पन्नों में हमेशा के लिए अमर हो गया है। दुबई में खेले जा रहे विमेंस टी20 एशिया कप 2026 के मुकाबले में थाईलैंड के खिलाफ दीप्ति शर्मा ने अपनी फिरकी का ऐसा जादू चलाया कि विरोधी टीम के बल्लेबाजों के पास बचने का कोई रास्ता नहीं बचा। अपने करियर के ऐतिहासिक 150वें टी20 अंतरराष्ट्रीय मैच को यादगार बनाते हुए दीप्ति ने महज 7 गेंदें फेंकी और बिना कोई रन खर्च किए (0 रन देकर) 3 बड़े विकेट झटक लिए।
इस अविश्वसनीय और जादुई गेंदबाजी स्पेल (1.1-1-0-3) के दम पर दीप्ति शर्मा महिला टी20 अंतरराष्ट्रीय (WT20I) क्रिकेट के इतिहास में दुनिया की सबसे ज्यादा विकेट लेने वाली गेंदबाज बन गई हैं। उन्होंने थाईलैंड की ही स्पिनर थिपाचा पुथावोंग (170 विकेट) को पीछे छोड़ते हुए 171 विकेटों का नया वैश्विक कीर्तिमान स्थापित किया है। इसके साथ ही वे टी20 इंटरनेशनल में 3 या उससे अधिक विकेट लेकर एक भी रन न देने वाली पहली भारतीय गेंदबाज (महिला एवं पुरुष दोनों वर्गों में) बन गई हैं।
150वें टी20 इंटरनेशनल मैच में दोहरा जश्न: थिपाचा पुथावोंग को पछाड़कर बनीं नंबर-1
दीप्ति शर्मा के लिए यह मुकाबला हर मायने में ऐतिहासिक था। जैसे ही वे मैदान पर उतरीं, उन्होंने भारत के लिए 150 टी20 अंतरराष्ट्रीय मैच खेलने का खास मुकाम हासिल किया। लेकिन असली जश्न तब शुरू हुआ जब कप्तान हरमनप्रीत कौर ने उन्हें गेंदबाजी आक्रमण पर लगाया। मैच से पहले थाईलैंड की स्टार स्पिनर थिपाचा पुथावोंग 170 विकेटों के साथ महिला टी20 क्रिकेट में सबसे ज्यादा विकेट लेने वाली गेंदबाज थीं। पुथावोंग ने इस मैच में भारत के खिलाफ 1 विकेट लिया था, जिससे उनका आंकड़ा 170 पर पहुंच गया था।
लेकिन जब दीप्ति शर्मा ने गेंद थामी, तो उन्होंने पुथावोंग के इस रिकॉर्ड को कुछ ही मिनटों में ध्वस्त कर दिया। दीप्ति ने अपने 7 गेंदों के संक्षिप्त लेकिन घातक स्पेल में 3 शिकार कर अपने कुल टी20I विकेटों की संख्या को 171 तक पहुंचा दिया। अब दुनिया के सबसे सफल गेंदबाजों की सूची में दीप्ति शर्मा 171 विकेट के साथ शीर्ष पर हैं। उनके बाद थिपाचा पुथावोंग (170), रवांडा की हेनरीट इशिमवे (164), इंग्लैंड की सोफी एक्लेस्टोन (154) और हांगकांग की कैरी चान (153) का नंबर आता है।
मैच का पूरा रोमांच: शेफाली वर्मा का तूफान और 94 रनों की एकतरफा जीत
दुबई के मैदान पर खेले गए इस एकतरफा मुकाबले में भारतीय टीम ने टॉस हारकर पहले बल्लेबाजी करते हुए निर्धारित 20 ओवरों में 9 विकेट के नुकसान पर 159 रनों का चुनौतीपूर्ण स्कोर खड़ा किया था। भारत की ओर से युवा विस्फोटक ओपनर शेफाली वर्मा ने ताबड़तोड़ अंदाज में बल्लेबाजी करते हुए महज 36 गेंदों में 64 रनों की आतिशी पारी खेली। हालांकि मध्यक्रम में लगातार विकेट गिरने से भारत 180 के पार नहीं पहुंच सका, लेकिन आखिरी विकेट के लिए हुई नाबाद 22 रनों की उपयोगी साझेदारी ने टीम को 159 के मजबूत स्कोर तक पहुंचाया।
160 रनों के लक्ष्य का पीछा करने उतरी थाईलैंड की टीम भारतीय गेंदबाजी आक्रमण के सामने शुरू से ही बेबस नजर आई। 9वें ओवर में गेंदबाजी करने आईं दीप्ति शर्मा ने अपने पहले ही ओवर की दूसरी गेंद पर नाओमी हैमिल्टन को खूबसूरत फिरकी से चकमा देकर एलबीडब्ल्यू आउट कर दिया। दो गेंद बाद उन्होंने नन्नापत चैहान को शॉर्ट मिडविकेट पर कैच कराकर अपने पहले ओवर को 'डबल विकेट मेडेन' में बदल दिया।
इसके बाद 17वें ओवर में वापसी करते हुए दीप्ति ने अपनी पहली ही गेंद पर थाईलैंड की सबसे मजबूत बल्लेबाज नन्नापत कोंचारोएनकाई (41 रन) को आउट करके थाईलैंड की पारी को महज 65 रनों पर समेट दिया। भारत ने यह मुकाबला 94 रनों के विशाल अंतर से जीतकर टूर्नामेंट में अपने अभियान की शानदार शुरुआत की। दीप्ति के अलावा युवा गेंदबाज नंदनी शर्मा ने भी 3 विकेट चटकाए।
आगरा की गलियों से विश्व क्रिकेट के शिखर तक: दीप्ति का प्रेरणादायी सफर
उत्तर प्रदेश के ऐतिहासिक शहर आगरा से ताल्लुक रखने वाली दीप्ति शर्मा का यह मुकाम किसी परीकथा से कम नहीं है। बचपन में अपने बड़े भाई सुमित शर्मा के साथ एकलव्य स्पोर्ट्स स्टेडियम में जाने वाली दीप्ति की प्रतिभा को पूर्व भारतीय खिलाड़ी हेमलता काला ने पहचाना था, जब 50 मीटर दूर से फेंकी गई दीप्ति की थ्रो सीधे स्टंप्स पर जा लगी थी। इसके बाद भाई के मार्गदर्शन और परिवार के कड़े त्याग की बदौलत दीप्ति ने कभी पीछे मुड़कर नहीं देखा।
घरेलू क्रिकेट में उत्तर प्रदेश और बंगाल का प्रतिनिधित्व करने से लेकर विमेंस प्रीमियर लीग (WPL) में यूपी वॉरियर्स की जान बनने तक, दीप्ति हमेशा भारतीय टीम की सबसे भरोसेमंद संकटमोचक रही हैं। वे न केवल एक चतुर ऑफ स्पिनर हैं, बल्कि दबाव के पलों में निचले क्रम पर उपयोगी रन बनाने वाली एक बेहतरीन बाएं हाथ की बल्लेबाज भी हैं। महिला वनडे क्रिकेट में 188 रनों की ऐतिहासिक पारी खेलने का भारतीय रिकॉर्ड भी आज तक दीप्ति शर्मा के ही नाम दर्ज है।
भारतीय महिला क्रिकेट के स्वर्णिम युग की नई इबारत
दीप्ति शर्मा का यह वर्ल्ड रिकॉर्ड केवल एक व्यक्तिगत उपलब्धि नहीं है, बल्कि यह भारतीय महिला क्रिकेट के वैश्विक दबदबे का नया प्रमाण है। हरमनप्रीत कौर, स्मृति मंधाना और दीप्ति शर्मा जैसी अनुभवी खिलाड़ियों की अगुवाई में टीम इंडिया आज दुनिया के हर कोने में अपना लोहा मनवा रही है।
मैच के बाद बात करते हुए दीप्ति ने बड़ी विनम्रता से कहा कि उनका ध्यान कभी भी व्यक्तिगत रिकॉर्ड्स पर नहीं होता, बल्कि वे हर दिन अपने खेल को बेहतर बनाने और टीम को जीत दिलाने पर केंद्रित रहती हैं। महज 7 गेंदों में बिना रन दिए 3 विकेट और दुनिया में सबसे ज्यादा टी20I विकेटों का ताज, यह उपलब्धि साबित करती है कि भारतीय स्पिन गेंदबाजी का स्तर आज भी दुनिया में बेजोड़ है। क्रिकेट प्रेमियों और पूरे देश को आगरा की इस बेटी के इस ऐतिहासिक कारनामे पर गर्व है।