'एक और हार का मतलब बहुत सारे फैंस का छूटना...'; रमीज राजा ने पाकिस्तान टीम को दी दो टूक चेतावनी, बोले- टेस्ट हारना बन चुका है नॉर्मल बात
इंग्लैंड दौरे पर तीन मैचों की टेस्ट सीरीज खेलने पहुंची पाकिस्तान क्रिकेट टीम के लिए हेडिंग्ले में खेले गए पहले मुकाबले के नतीजे किसी बुरे सपने से कम साबित नहीं हुए। मेजबान इंग्लैंड ने पाकिस्तान को एक पारी और 103 रनों के भारी अंतर से रौंदकर सीरीज में 1-0 की बढ़त बना ली। इस शर्मनाक हार और मैदान पर खिलाड़ियों के ढीले रवैये को लेकर सरहद पार आलोचनाओं का तूफान खड़ा हो गया है। इसी बीच पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (PCB) के पूर्व चेयरमैन और दिग्गज कमेंटेटर रमीज राजा ने पाकिस्तानी खिलाड़ियों और टीम प्रबंधन को आड़े हाथों लेते हुए बेहद सख्त और गंभीर चेतावनी दी है। रमीज ने साफ शब्दों में आगाह किया है कि पाकिस्तान टीम जिस तेजी से अपना 'फैन बेस' खो रही है, वह किसी भी अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट संरचना के लिए सबसे बड़ा विनाशकारी संकेत है। उन्होंने जोर देकर कहा कि अगर लॉर्ड्स में होने वाले दूसरे टेस्ट में भी टीम को एक और शिकस्त झेलनी पड़ी, तो बड़ी संख्या में समर्थक हमेशा के लिए पाकिस्तानी क्रिकेट से मुंह मोड़ लेंगे।
'द ओवरलैप क्रिकेट' पर छलका रमीज का दर्द: 'हारना अब पाकिस्तान के लिए सामान्य हो चुका है'
यूट्यूब और डिजिटल प्लेटफॉर्म पर लोकप्रिय पॉडकास्ट 'द ओवरलैप क्रिकेट' में इंग्लैंड के दो महान पूर्व कप्तानों—माइकल वॉन और एलेस्टेयर कुक के साथ चर्चा करते हुए रमीज राजा ने पाकिस्तानी टीम की मौजूदा दशा पर खुलकर अपनी बात रखी। रमीज ने कहा कि सोशल मीडिया पहले से ही टीम के प्रदर्शन पर सवाल उठा रहा है और अब प्रशंसकों का धैर्य पूरी तरह जवाब दे चुका है।
रमीज राजा ने बातचीत के दौरान कहा, "सोशल मीडिया इस समय पूरी तरह पाकिस्तानी टीम के पीछे पड़ा हुआ है और वे पहले ही बड़ी संख्या में अपने फैंस खो चुके हैं। सबसे चिंताजनक बात यह है कि अब पाकिस्तान के लिए टेस्ट मैच हारना एक आम और सामान्य बात बन चुकी है। एक और हार का सीधा मतलब यह होगा कि बहुत सारे प्रशंसक हमेशा के लिए क्रिकेट से दूर चले जाएंगे। मेरा हमेशा से यह दृढ़ विश्वास रहा है कि जब कोई टीम अपने फैंस और सपोर्टर्स को खोने लगती है, तो उसकी कामयाबी का पहला और सबसे अहम खंभा ढह जाता है। किसी भी टीम को महान बनने के लिए उसके पीछे एक मजबूत और वफादार फैन बेस होना जरूरी है, लेकिन पाकिस्तान टीम अपने समर्थकों को साथ खड़े रहने की कोई वजह ही नहीं दे पा रही है।"
जब समर्थक ही नहीं मांग रहे ऑटोग्राफ: कुक और वॉन ने भी उजागर की कड़वी सच्चाई
इस चर्चा के दौरान इंग्लैंड के पूर्व कप्तान एलेस्टेयर कुक और माइकल वॉन ने भी इस बात की पुष्टि की कि इंग्लैंड की धरती पर पाकिस्तान क्रिकेट की लोकप्रियता में अभूतपूर्व गिरावट देखने को मिल रही है। कुक ने बताया कि पिछले दौरों की तुलना में इस बार होटल और स्टेडियम के बाहर पाकिस्तानी खिलाड़ियों के ऑटोग्राफ और तस्वीरें लेने के लिए जमा होने वाले प्रशंसकों की तादाद बहुत कम हो गई है।
माइकल वॉन ने भी इस बात पर हैरानी जताई कि जो टीम कभी अपने जुनून, अप्रत्याशित आक्रामकता और जोशीले समर्थकों के लिए जानी जाती थी, उसके प्रति अब प्रवासी फैंस में भी उदासीनता दिखने लगी है। रमीज ने इस पर सहमति जताते हुए कहा कि जब वे खुद पीसीबी चेयरमैन थे, तो उनका मुख्य उद्देश्य पाकिस्तान क्रिकेट को एक ग्लोबल ब्रांड बनाना और फैन बेस को मजबूत करना था, लेकिन पिछले कुछ वर्षों में लगातार हो रहे बदलावों, अंदरूनी राजनीति और मैदान पर लचर प्रदर्शन ने इस साख को गहरा धक्का पहुंचाया है।
हार से ज्यादा बॉडी लैंग्वेज और जज्बे की कमी पर उठे गंभीर सवाल
रमीज राजा ने स्पष्ट किया कि अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में जीत और हार खेल का हिस्सा है और कोई भी समझदार प्रशंसक यह उम्मीद नहीं करता कि टीम हर मुकाबला जीतेगी ही। लेकिन जिस तरह से हेडिंग्ले में टीम ने बिना कोई संघर्ष किए घुटने टेके, वह अस्वीकार्य है। पाकिस्तानी टीम पहली पारी में 171 और दूसरी पारी में महज 135 रनों पर सिमट गई थी, जबकि इंग्लैंड ने पहली पारी में ही 409 रन ठोक दिए थे।
पूर्व कप्तान ने कहा, "आप हर टेस्ट नहीं जीत सकते, यह बात समझ में आती है। लेकिन मैदान पर आपका लड़ने का जज्बा, आपकी उपस्थिति और आपकी आक्रामक बॉडी लैंग्वेज तो नजर आनी चाहिए। हेडिंग्ले में ऐसा लगा मानो टीम में कोई जान ही नहीं थी। जैसे ही 20 रनों की कोई छोटी साझेदारी बनती थी, तुरंत विकेट गिर जाता था। बल्लेबाजी बेहद साधारण स्तर की थी और गेंदबाजी में कोई धार नजर नहीं आई। जब खिलाड़ी बिना लड़े आत्मसमर्पण कर देते हैं, तो फैंस का दिल टूट जाता है।"
लॉर्ड्स में करो या मरो का मुकाबला: क्या बाबर आजम की वापसी बदलेगी किस्मत?
सीरीज का दूसरा टेस्ट मैच लंदन के ऐतिहासिक लॉर्ड्स मैदान पर खेला जाना है, जहां पाकिस्तान के सामने करो या मरो की स्थिति होगी। पहले टेस्ट में पाकिस्तान के नियमित कप्तान और प्रमुख बल्लेबाज बाबर आजम फिटनेस समस्याओं के कारण प्लेइंग इलेवन का हिस्सा नहीं बन सके थे। उनकी गैरमौजूदगी में पाकिस्तानी बल्लेबाजी क्रम ताश के पत्तों की तरह बिखर गया था।
लॉर्ड्स टेस्ट से पहले बाबर आजम की वापसी की पूरी उम्मीद जताई जा रही है और वे नेट्स में पसीना बहा रहे हैं। हालांकि, रमीज राजा और क्रिकेट पंडितों का मानना है कि सिर्फ बाबर के लौटने से समस्या का समाधान नहीं होगा। अगर पाकिस्तान को लॉर्ड्स में वापसी करनी है, तो उसके तेज गेंदबाजों को अंग्रेजी परिस्थितियों का फायदा उठाना होगा और मध्यक्रम के बल्लेबाजों को क्रीज पर समय बिताने का धैर्य दिखाना होगा।
2006 के बाद से इंग्लैंड में टेस्ट सीरीज जीत का सूखा
पाकिस्तान का इंग्लैंड में हालिया टेस्ट रिकॉर्ड भी प्रशंसकों के बीच चिंता का एक बड़ा कारण बना हुआ है। पाकिस्तान ने आखिरी बार साल 2006 में इंग्लैंड की धरती पर टेस्ट सीरीज में जीत का स्वाद चखा था। उसके बाद से बीते दो दशकों में पाकिस्तान ने जब भी इंग्लैंड का दौरा किया, उसे या तो ड्रॉ से संतोष करना पड़ा या फिर हार का मुंह देखना पड़ा। साल 2020 के पिछले दौरे में भी तीन मैचों की सीरीज में इंग्लैंड ने 1-0 से जीत हासिल की थी।
लंबे प्रारूप में पाकिस्तान का समग्र रिकॉर्ड भी पिछले कुछ वर्षों में बेहद निराशाजनक रहा है। घरेलू मैदानों पर ऑस्ट्रेलिया, इंग्लैंड और यहां तक कि एशियाई पिचों पर लगातार टेस्ट सीरीज गंवाने के बाद पाकिस्तान की आईसीसी वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप (WTC) की उम्मीदें पहले ही धूमिल हो चुकी हैं।
लॉर्ड्स में तय होगा पाकिस्तान क्रिकेट का भविष्य और फैंस का भरोसा
लॉर्ड्स में शुरू हो रहा दूसरा टेस्ट मैच केवल एक मुकाबला नहीं है, बल्कि यह पाकिस्तान क्रिकेट के अस्तित्व, उसके सम्मान और दुनिया भर में फैले लाखों समर्थकों के भरोसे की सबसे बड़ी अग्निपरीक्षा है। यदि पाकिस्तान की टीम लॉर्ड्स में जोरदार पलटवार करती है और मुकाबले को पांचवें दिन तक ले जाकर कड़ी टक्कर देती है, तो वह अपने रूठे हुए फैंस को वापस मैदान से जोड़ सकती है। लेकिन अगर हेडिंग्ले जैसी कहानी दोबारा दोहराई गई, तो रमीज राजा की यह चेतावनी सच साबित होगी और पाकिस्तान क्रिकेट को अपने ही समर्थकों के बहिष्कार का सबसे कड़वा घूंट पीना पड़ेगा।