भारत की U19 टीम में बड़ा फेरबदल, ऑस्ट्रेलिया सीरीज के लिए स्क्वॉड में 2 नए खिलाड़ियों की एंट्री

भारत की U19 टीम में बड़ा फेरबदल, ऑस्ट्रेलिया सीरीज के लिए स्क्वॉड में 2 नए खिलाड़ियों की एंट्री

भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) ने आयु सत्यापन (Age Verification) प्रक्रिया में गड़बड़ी और फर्जीवाड़े के गंभीर मामले सामने आने के बाद सख्त कदम उठाते हुए भारत की अंडर-19 टीम में तत्काल प्रभाव से बदलाव कर दिए हैं। ऑस्ट्रेलिया अंडर-19 के खिलाफ होने वाली बहुप्रतीक्षित घरेलू सीरीज से ठीक पहले हुई इस अनुशासनात्मक कार्रवाई ने एक बार फिर जूनियर क्रिकेट में उम्र छिपाने की बीमारी पर गंभीर बहस छेड़ दी है।

बोर्ड की सतर्कता और आयु परीक्षण प्रणाली के तहत जब चयनित खिलाड़ियों के दस्तावेजों और मेडिकल रिकॉर्ड्स की अंतिम स्तर पर जांच की गई, तो दो खिलाड़ियों के जन्म प्रमाण पत्र और आयु से जुड़े आंकड़ों में विसंगतियां पाई गईं। इसके तुरंत बाद जूनियर राष्ट्रीय चयन समिति ने कड़ा रुख अपनाते हुए दोनों खिलाड़ियों को स्क्वॉड से बाहर का रास्ता दिखा दिया और उनकी जगह दो अन्य प्रतिभाशाली युवाओं को टीम में शामिल करने का आधिकारिक ऐलान किया।

ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ सीरीज के लिए 2 नए खिलाड़ियों की एंट्री

आगामी सीरीज के मद्देनजर टीम संतुलन को बनाए रखने के लिए चयनकर्ताओं ने घरेलू सर्किट और कूच बेहार ट्रॉफी में लगातार शानदार प्रदर्शन करने वाले दो नए खिलाड़ियों को टीम में शामिल किया है:

  • नए चेहरों को मौका: बाहर किए गए खिलाड़ियों के स्थान पर बोर्ड ने पूरी तरह से सत्यापित और हालिया प्रदर्शन में निरंतरता दिखाने वाले दो नए युवा क्रिकेटरों को स्क्वॉड में जोड़ा है, जिससे गेंदबाजी और बल्लेबाजी दोनों विभागों में गहराई बनी रहे।

  • सीरीज की अहमियत: ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ होने वाली यह द्विपक्षीय सीरीज (जिसमें वनडे और चार दिवसीय मल्टी-डे मैच शामिल हैं) अगले अंडर-19 विश्व कप के संभावित कोर ग्रुप को तैयार करने के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण मानी जा रही है।

  • कैंप में त्वरित रिपोर्टिंग: दोनों नए खिलाड़ियों को तुरंत राष्ट्रीय क्रिकेट अकादमी (NCA) द्वारा आयोजित ट्रेनिंग कैंप में शामिल होने के निर्देश दिए गए हैं ताकि वे टीम रणनीति और संयोजन में ढल सकें।

TW3 टेस्ट और डिजिटल वेरिफिकेशन ने खोली पोल

बीसीसीआई पिछले कुछ वर्षों से आयु धोखाधड़ी को रोकने के लिए आधुनिक वैज्ञानिक और डिजिटल तकनीकों का सहारा ले रहा है:

  • TW3 (Tanner-Whitehouse 3) पद्धति: बोर्ड अंडर-16 और अंडर-19 स्तर पर खिलाड़ियों की उम्र का सटीक अनुमान लगाने के लिए बाएं हाथ की कलाई के एक्स-रे पर आधारित 'TW3 बोन एज टेस्ट' अनिवार्य रूप से कराता है।

  • दस्तावेजी क्रॉस-वेरिफिकेशन: केवल मेडिकल टेस्ट ही नहीं, बल्कि नगरपालिका से जारी जन्म प्रमाण पत्र, स्कूल प्रवेश रिकॉर्ड और आधार विवरणों का भी स्वतंत्र एजेंसियों के जरिए मिलान किया जाता है।

  • दो साल के बैन का प्रावधान: बीसीसीआई के नियमों के अनुसार, यदि कोई खिलाड़ी पहली बार स्वेच्छा से अपनी गलत उम्र स्वीकार नहीं करता और जांच में फर्जीवाड़ा पकड़ा जाता है, तो उस पर दो साल तक के लिए सभी घरेलू टूर्नामेंटों से प्रतिबंधित (Ban) किए जाने का कड़ा नियम है।

जूनियर क्रिकेट की शुचिता बनाए रखने के लिए बोर्ड का कड़ा संदेश

यह पहला मौका नहीं है जब किसी अंतरराष्ट्रीय या अंतर-राज्यीय टूर्नामेंट से पहले ऐसे फर्जीवाड़े सामने आए हों। इससे पहले भी राज्य क्रिकेट संघों के स्तर पर कई खिलाड़ियों पर निलंबन की गाज गिर चुकी है।

बीसीसीआई अधिकारियों ने साफ किया है कि जूनियर स्तर पर निष्पक्षता और वास्तविक आयु वर्ग के युवाओं को सही अवसर उपलब्ध कराना बोर्ड की सर्वोच्च प्राथमिकता है। यदि कोई खिलाड़ी दस्तावेजों में हेरफेर करके अधिक उम्र में जूनियर स्तर पर खेलता है, तो इससे वास्तविक उम्र के हकदार बच्चों का करियर बर्बाद होता है। ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ सीरीज से ठीक पहले लिया गया यह कड़ा फैसला यह संदेश देता है कि प्रतिभा कितनी भी बड़ी क्यों न हो, अनुशासन और ईमानदारी से समझौता कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

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