पहली 3 गेंदों में हैट्रिक, 6 बल्लेबाज 'गोल्डन डक' पर ढेर; TNPL में के. दीबन लिंगेश का ऐतिहासिक तूफान, 84 रनों से जीतकर फाइनल में पहुंची कोवई किंग्स
क्रिकेट की 22 गज की पट्टी पर जब रोमांच और अनहोनी एक साथ दस्तक देते हैं, तो ऐसे रिकॉर्ड्स बनते हैं जिन्हें सदियों तक याद रखा जाता है। चेन्नई के ऐतिहासिक एम.ए. चिदंबरम (चेपॉक) स्टेडियम में खेले गए तमिलनाडु प्रीमियर लीग (TNPL 2026) के दूसरे क्वालीफायर मुकाबले में एक ऐसा ही दुर्लभ और सनसनीखेज वाकया देखने को मिला। टी20 क्रिकेट के इतिहास में शायद ही किसी ने कल्पना की होगी कि 184 रनों के बड़े लक्ष्य का पीछा करने उतरी टीम का खाता भी नहीं खुलेगा और उसके तीन दिग्गज बल्लेबाज पवेलियन लौट चुके होंगे। विदा कोवई किंग्स के दाएं हाथ के तेज गेंदबाज के. दीबन लिंगेश ने पारी की शुरुआती तीन गेंदों पर लगातार तीन शिकार करके 'गोल्डन हैट्रिक' अपने नाम कर ली। इतना ही नहीं, इस पूरे मैच में त्रिची ग्रैंड चोलस के कुल 6 बल्लेबाज बिना कोई गेंद समझे पहली ही गेंद पर यानी 'गोल्डन डक' का शिकार होकर आउट हुए, जिसके चलते पूरी टीम 99 रनों पर सिमट गई और कोवई किंग्स ने 84 रनों के विशाल अंतर से मुकाबला जीतकर फाइनल में प्रवेश कर लिया।
पहली 3 गेंदों पर गोल्डन हैट्रिक: के. दीबन लिंगेश ने रचा इतिहास
चेपॉक की लाल मिट्टी वाली पिच पर जब 184 रनों के लक्ष्य का पीछा करने त्रिची ग्रैंड चोलस के सलामी बल्लेबाज मैदान में उतरे, तब किसी को इस महा-तूफान का अंदेशा नहीं था। गेंद थामी विदा कोवई किंग्स के युवा मध्यम तेज गेंदबाज के. दीबन लिंगेश ने। लिंगेश ने अपने पहले ही ओवर में ऐसी घातक गेंदबाजी का मुजाहिरा पेश किया कि विपक्षी खेमे में भगदड़ मच गई।
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पहली गेंद: दीबन लिंगेश ने शानदार आउटस्विंगर फेंकी, जिस पर त्रिची के ओपनर के. राजकुमार चकमा खा गए और गेंद उनके बल्ले का बाहरी किनारा लेते हुए सीधे विकेटकीपर सुरेश लोकेश्वर के दस्तानों में समा गई। राजकुमार गोल्डन डक (0 रन, 1 गेंद) पर आउट हुए।
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दूसरी गेंद: क्रीज पर नए बल्लेबाज एस. श्याम सुंदर आए। लिंगेश ने ऑफ स्टंप के बाहर बेहतरीन लेंथ गेंद डाली, जिस पर बल्लेबाज ने ड्राइव करने का प्रयास किया और गेंद सीधे स्लिप फील्डर के हाथों में चली गई। सुंदर भी गोल्डन डक पर पवेलियन लौटे।
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तीसरी गेंद: हैट्रिक बॉल पर मैदान में सन्नाटा पसरा हुआ था। सामने थे अनुभवी बल्लेबाज जगदीशन कौशिक। लिंगेश ने हवा में लहराती हुई तेज इनस्विंग गेंद फेंकी, जो बल्ले और पैड के बीच की खाई (गेट) को चीरती हुई सीधे स्टंप्स से जा टकराई और गिल्लियां बिखर गईं।
इस तरह पारी की पहली तीन गेंदों पर लगातार तीन विकेट लेकर दीबन लिंगेश ने टीएनपीएल इतिहास की पहली 'ओपनिंग गोल्डन हैट्रिक' अपने नाम दर्ज करा ली। उनका यह पहला ओवर हैट्रिक मेडन रहा, जिसने टी20 क्रिकेट के रिकॉर्ड बुक को पूरी तरह हिला कर रख दिया।
स्कोरबोर्ड पर 0/3 का स्कोर: चेपॉक में मची सनसनी
क्रिकेट इतिहास में ऐसा बहुत कम देखने को मिलता है जब किसी टीम का स्कोरबोर्ड बिना किसी रन के तीन विकेट (0/3) दिखा रहा हो। दीबन लिंगेश के इस ऐतिहासिक स्पेल ने त्रिची ग्रैंड चोलस के शीर्ष क्रम की रीढ़ पूरी तरह तोड़ दी थी। चेपॉक के दर्शक दीबन लिंगेश की इस सनसनीखेज गेंदबाजी को देखकर स्तब्ध रह गए। लिंगेश ने अपने चार ओवर के कोटे में मात्र 14 रन देकर 3 विकेट चटकाए, जिसमें एक मेडन ओवर भी शामिल रहा। इस अविश्वसनीय गेंदबाजी प्रदर्शन के लिए उन्हें 'प्लेयर ऑफ द मैच' के पुरस्कार से नवाजा गया।
एक ही पारी में 6 बल्लेबाज 'गोल्डन डक' पर आउट: टी20 का शर्मनाक रिकॉर्ड
दीबन लिंगेश के शुरुआती झटकों के बाद भी त्रिची ग्रैंड चोलस की दुर्दशा यहीं खत्म नहीं हुई। कोवई किंग्स के गेंदबाजों ने विपक्षी बल्लेबाजों पर दबाव इस कदर बनाए रखा कि त्रिची के बल्लेबाज क्रीज पर टिकने के लिए संघर्ष करते दिखे। इस मुकाबले में सबसे अनोखा और शर्मनाक आंकड़ा यह रहा कि त्रिची ग्रैंड चोलस के कुल 6 बल्लेबाज अपनी पारी की पहली ही गेंद पर बिना खाता खोले (गोल्डन डक) आउट हुए।
शुरुआती तीन बल्लेबाजों (के. राजकुमार, एस. श्याम सुंदर और जगदीशन कौशिक) के अलावा मध्यक्रम और निचले क्रम में भी बल्लेबाजों के आने-जाने का सिलसिला जारी रहा। आईपीएल में अपनी फिरकी का लोहा मनवा चुके बाएं हाथ के स्पिनर मणिमारण सिद्धार्थ ने जफर जमाल को पहली गेंद पर आउट किया, जबकि तेज गेंदबाज आर. दिवाकर ने पुछल्ले बल्लेबाज अथिसयाराज डेविडसन को गोल्डन डक पर पवेलियन का रास्ता दिखाया। त्रिची की ओर से केवल कप्तान जयरामन सुरेश कुमार ही कुछ संघर्ष कर सके, जिन्होंने 48 रनों की जुझारू पारी खेली, लेकिन दूसरे छोर से किसी भी बल्लेबाज का साथ न मिलने के कारण पूरी टीम 15.4 ओवर में महज 99 रनों पर ढेर हो गई।
सुरेश लोकेश्वर और राधाकृष्णन की शतकीय साझेदारी: कोवई किंग्स ने बनाए थे 183 रन
इससे पहले, टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने उतरी विदा कोवई किंग्स ने निर्धारित 20 ओवरों में 5 विकेट खोकर 183 रनों का मजबूत स्कोर खड़ा किया था। टीम को यह मजबूत आधार उनके दोनों सलामी बल्लेबाजों—सुरेश लोकेश्वर और एस. राधाकृष्णन ने दिलाया। दोनों ओपनर्स ने त्रिची के गेंदबाजों की गेंदों पर मैदान के चारों तरफ आकर्षक शॉट्स लगाए और पहले विकेट के लिए 10.2 ओवर में 104 रनों की ताबड़तोड़ शतकीय साझेदारी की।
विकेटकीपर बल्लेबाज सुरेश लोकेश्वर ने 44 गेंदों पर 66 रनों की विस्फोटक पारी खेली, जबकि एस. राधाकृष्णन ने 34 गेंदों पर 48 रनों का उपयोगी योगदान दिया। मध्यक्रम में कप्तान शाहरुख खान ने भी हाथ खोलते हुए मात्र 18 गेंदों पर 34 रनों की तेजतर्रार पारी खेलकर टीम के स्कोर को 183 तक पहुंचाया। त्रिची ग्रैंड चोलस के लिए आर. राजकुमार सबसे सफल गेंदबाज रहे, जिन्होंने 3 विकेट चटकाए, लेकिन बल्लेबाजों के आत्मसमर्पण ने उनकी इस मेहनत पर पूरी तरह पानी फेर दिया।
मणिमारण सिद्धार्थ की घूमती गेंदों का जादू: 4 ओवर में झटके 4 विकेट
तेज गेंदबाजी में जहां दीबन लिंगेश ने शुरुआती तबाही मचाई, वहीं स्पिन विभाग में बाएं हाथ के ऑर्थोडॉक्स स्पिनर मणिमारण सिद्धार्थ ने त्रिची के मध्यक्रम को पूरी तरह तहस-नहस कर दिया। सिद्धार्थ ने अपनी सटीक लाइन, फ्लाइट और गति परिवर्तन से बल्लेबाजों को लगातार छकाया। उन्होंने अपने 4 ओवर के स्पेल में केवल 11 रन खर्च किए और 4 महत्वपूर्ण विकेट अपनी झोली में डाले। सिद्धार्थ और लिंगेश की इस घातक जोड़ी के सामने त्रिची की पूरी बल्लेबाजी ताश के पत्तों की तरह बिखर गई।
28 अगस्त को फाइनल: मदुरै पैंथर्स से होगी खिताबी भिड़ंत
इस धमाकेदार 84 रनों की जीत के साथ विदा कोवई किंग्स ने टीएनपीएल 2026 के फाइनल का टिकट पक्का कर लिया है। अब 28 अगस्त को चेन्नई के इसी एम.ए. चिदंबरम स्टेडियम में खिताबी मुकाबले के लिए विदा कोवई किंग्स की टक्कर सिचम मदुरै पैंथर्स से होगी। पहला क्वालीफायर बारिश की भेंट चढ़ जाने के कारण पॉइंट्स टेबल में शीर्ष पर रहने वाली मदुरै पैंथर्स सीधे फाइनल में पहुंच गई थी।
कोवई किंग्स की इस ऐतिहासिक जीत और गेंदबाजों के प्रचंड फॉर्म ने फाइनल मुकाबले को बेहद रोमांचक बना दिया है। दीबन लिंगेश की पहली 3 गेंदों पर हैट्रिक और त्रिची के 6 बल्लेबाजों के गोल्डन डक का यह मुकाबला टी20 क्रिकेट के इतिहास में एक अद्वितीय अध्याय के रूप में हमेशा दर्ज रहेगा।