'रोहित-विराट को ड्रॉप करना नामुमकिन': आर अश्विन ने बताए 2 बड़े कारण, बोले- कोई छू भी नहीं सकता

'रोहित-विराट को ड्रॉप करना नामुमकिन': आर अश्विन ने बताए 2 बड़े कारण, बोले- कोई छू भी नहीं सकता

हाल ही में भारतीय कप्तान रोहित शर्मा के वनडे क्रिकेट से संन्यास की अफवाहों और 2027 वर्ल्ड कप में उनकी जगह को लेकर काफी चर्चाएं हुईं। हालांकि, लॉर्ड्स वनडे में रोहित शर्मा (138) और विराट कोहली (74) की शानदार पारियों ने आलोचकों को करारा जवाब दिया है। अब पूर्व दिग्गज भारतीय स्पिनर रविचंद्रन अश्विन ने दावा किया है कि रोहित और विराट को भारतीय टीम से ड्रॉप करना नामुमकिन है और कोई भी चयनकर्ता उन्हें छू भी नहीं सकता।

अश्विन ने बताए 'ड्रॉप न कर पाने' के 2 बड़े कारण

अपने यूट्यूब चैनल 'ऐश की बात' पर चर्चा करते हुए अश्विन ने कहा कि जब तक रोहित और विराट खुद खेलना चाहते हैं, तब तक उन्हें बाहर का रास्ता नहीं दिखाया जा सकता। इसके पीछे उन्होंने दो मुख्य कारण बताए:

  1. प्रदर्शन और बेमिसाल काबिलियत: दोनों ही दिग्गज बल्लेबाज हैं और आज भी मैदान पर लगातार रन बना रहे हैं। उनकी फॉर्म और क्लास का कोई मुकाबला नहीं है।

  2. फैन्स का दबाव और फैन फॉलोइंग: रोहित और विराट की फैन फॉलोइंग काफी तगड़ी है। स्टेडियम में लोग केवल उन्हें देखने आते हैं। अश्विन के मुताबिक, "अगर आप इन्हें बाहर का रास्ता दिखाएंगे, तो देश में बहुत बड़ा हंगामा खड़ा हो जाएगा।"

गेंदबाजों के साथ भेदभाव पर अश्विन का छलका दर्द

अश्विन ने सीनियर बल्लेबाजों और गेंदबाजों के बीच के अंतर पर बात करते हुए मोहम्मद शमी, मोहम्मद सिराज और भुवनेश्वर कुमार जैसे तेज गेंदबाजों के प्रति सहानुभूति व्यक्त की।

"अगर शमी, सिराज या भुवनेश्वर को टीम में शामिल नहीं किया जाता, तो 10 या 10 हजार लोग सवाल पूछेंगे, लेकिन कोई बड़ा शोर नहीं मचेगा। जिस दिन देश में फैंस सीनियर गेंदबाजों के लिए भी वैसा ही शोर मचाने लगेंगे, तब गेंदबाजों को भी ड्रॉप करना मुश्किल हो जाएगा। लेकिन फिलहाल गेंदबाजों के लिए वैसा नियम नहीं चलता।"

'जब तक खेलूंगा, शोर बना रहेगा': रोहित शर्मा

लॉर्ड्स के ऐतिहासिक मैदान पर करियर का 34वां वनडे शतक जड़ने के बाद रोहित शर्मा ने अफवाहों और आलोचनाओं पर बेबाक बयान दिया। हिटमैन ने कहा कि 2007 में अपने अंतरराष्ट्रीय डेब्यू के बाद से वे इस तरह के 'बाहरी शोर' को सुनते आ रहे हैं। जब तक वे क्रिकेट खेलेंगे, यह शोर बना रहेगा। उनका पूरा ध्यान मैदान पर जाकर टीम के लिए रन बनाने और मैच जीतने पर केंद्रित रहता है।