गॉल में मानव सुथार का ऐतिहासिक तूफान: डेब्यू टेस्ट में 10 विकेट चटकाकर रचा इतिहास, अनिल कुंबले और अश्विन के एलीट क्लब में एंट्री; बुमराह-शमी भी नहीं कर सके ऐसा कारनामा

गॉल में मानव सुथार का ऐतिहासिक तूफान: डेब्यू टेस्ट में 10 विकेट चटकाकर रचा इतिहास, अनिल कुंबले और अश्विन के एलीट क्लब में एंट्री; बुमराह-शमी भी नहीं कर सके ऐसा कारनामा

भारतीय क्रिकेट टीम को जब भी अपनी फिरकी की ताकत साबित करने की जरूरत पड़ी है, तब-तब देश के घरेलू क्रिकेट से एक ऐसा हीरा निकलकर सामने आया है जिसने दुनिया को दंग कर दिया है। श्रीलंका के खिलाफ गॉल इंटरनेशनल स्टेडियम में खेले गए पहले टेस्ट मुकाबले में राजस्थान के 24 वर्षीय युवा लेग-आर्म स्पिनर मानव सुथार ने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में एक ऐसा धमाकेदार आगाज किया है जिसे दशकों तक याद रखा जाएगा। अपने टेस्ट डेब्यू मुकाबले में ही दोनों पारियों को मिलाकर 10 विकेट (मैच में 131 रन देकर 10 विकेट) चटकाते हुए मानव सुथार ने भारतीय क्रिकेट के 94 साल के इतिहास में अपना नाम स्वर्ण अक्षरों में दर्ज करवा लिया है। सुथार की इस जादुई गेंदबाजी की बदौलत भारत ने गॉल में श्रीलंका को 165 रनों से करारी शिकस्त दी। अपने इस कारनामे के साथ मानव सुथार ने भारतीय गेंदबाजी के एक ऐसे बेहद खास और 'स्पेशल एलीट क्लब' में धमाकेदार एंट्री मार ली है, जहां जसप्रीत बुमराह, मोहम्मद शमी, जहीर खान और जवागल श्रीनाथ जैसे महान गेंदबाज भी अपने पूरे करियर के डेब्यू मैचों में नहीं पहुंच पाए थे।

गॉल में बरपाया कहर: पहली पारी में 4 और दूसरी पारी में चटकाए 6 विकेट

गॉल की ऐतिहासिक टर्निंग पिच पर जहां श्रीलंकाई स्पिनर्स भारतीय बल्लेबाजों के सामने बेअसर साबित हुए, वहीं मानव सुथार ने अपनी सटीक लाइन-लेंथ, ड्रिफ्ट और फ्लाइट से श्रीलंकाई बल्लेबाजी क्रम की कमर तोड़ दी।

  • पहली पारी: सुथार ने 32 ओवर में 76 रन देकर 4 महत्वपूर्ण विकेट झटके, जिसने श्रीलंका को पहली पारी में 284 रनों पर समेटने में निर्णायक भूमिका निभाई।

  • दूसरी पारी: 372 रनों के विशाल लक्ष्य का पीछा कर रही श्रीलंकाई टीम के खिलाफ पांचवें दिन सुथार ने खूनी स्पैल फेंका। उन्होंने 75वें ओवर में तीन गेंदों के भीतर तीन झटके देकर श्रीलंका की उम्मीदों को पूरी तरह ध्वस्त कर दिया। दूसरी पारी में उन्होंने 24.5 ओवर में मात्र 55 रन देकर 6 विकेट अपने नाम किए।

  • मैच के कुल आंकड़े: 56.5 ओवर | 131 रन | 10 विकेट (10/131)।

नरेंद्र हिरवानी के बाद बने केवल दूसरे भारतीय स्पिनर: 38 साल पुराना इतिहास दोहराया

टेस्ट क्रिकेट के इतिहास में डेब्यू मैच में 10 विकेट लेना किसी भी गेंदबाज के लिए जीवन का सबसे बड़ा सपना होता है। भारतीय टेस्ट इतिहास पर नजर डालें तो मानव सुथार टेस्ट डेब्यू पर 10 या उससे अधिक विकेट लेने वाले भारत के केवल दूसरे स्पिन गेंदबाज बन गए हैं।

इससे पहले यह ऐतिहासिक रिकॉर्ड लेग स्पिनर नरेंद्र हिरवानी के नाम दर्ज था, जिन्होंने साल 1988 में वेस्टइंडीज के खिलाफ चेन्नई (चेपॉक) में अपने डेब्यू मैच में 136 रन देकर 16 विकेट झटके थे। 38 साल के लंबे इंतजार के बाद किसी भारतीय स्पिनर ने विदेशी सरजमीं पर अपने डेब्यू टेस्ट में 10 विकेट का आंकड़ा छूने का करिश्मा कर दिखाया है। यदि तेज गेंदबाजों को भी मिला लिया जाए, तो सुथार भारत के केवल चौथे ऐसे गेंदबाज हैं जिन्होंने डेब्यू टेस्ट में 10 विकेट लिए हैं (नरेंद्र हिरवानी - 16 विकेट, प्रवीन आमरे के दौर में प्रवीण कुमार/अन्य तेज गेंदबाजों समेत चुनिंदा लिस्ट)।

बुमराह, शमी, कपिल और अश्विन भी नहीं कर पाए थे डेब्यू पर यह कमाल

मानव सुथार की यह उपलब्धि इसलिए भी अकल्पनीय मानी जा रही है क्योंकि आधुनिक और ऐतिहासिक क्रिकेट के सबसे बड़े गेंदबाज भी अपने करियर के पहले टेस्ट मैच में 10 विकेट नहीं ले सके थे:

  • जसप्रीत बुमराह: 2018 में दक्षिण अफ्रीका (केपटाउन) में अपने डेब्यू टेस्ट में बुमराह ने 4 विकेट झटके थे।

  • मोहम्मद शमी: 2013 में ईडन गार्डन्स में वेस्टइंडीज के खिलाफ शमी ने शानदार शुरुआत करते हुए 9 विकेट लिए थे, लेकिन वे भी 10 विकेट के ऐतिहासिक आंकड़े से एक विकेट दूर रह गए थे।

  • रविचंद्रन अश्विन: 2011 में वेस्टइंडीज के खिलाफ दिल्ली टेस्ट में अश्विन ने डेब्यू पर 9 विकेट (3/81 और 6/47) चटकाए थे।

  • अनिल कुंबले: भारत के सबसे सफल टेस्ट गेंदबाज कुंबले ने 1990 में मैनचेस्टर में अपने डेब्यू पर केवल 3 विकेट हासिल किए थे।

  • कपिल देव: भारत के महानतम ऑलराउंडर कपिल देव ने 1978 में पाकिस्तान के खिलाफ अपने डेब्यू टेस्ट में सिर्फ 1 विकेट लिया था।

सुथार ने इन सभी दिग्गजों को पीछे छोड़ते हुए डेब्यू मैच में ही 10 विकेट लेने का दुर्लभ रिकॉर्ड अपने नाम कर लिया।

विदेशी धरती (Overseas) पर डेब्यू में 10 विकेट लेने वाले पहले भारतीय स्पिनर

नरेंद्र हिरवानी का 16 विकेट का रिकॉर्ड भारत की घरेलू पिच (चेन्नई) पर बना था। लेकिन मानव सुथार भारत के टेस्ट इतिहास के पहले ऐसे स्पिनर बन गए हैं जिन्होंने विदेशी धरती (SENA या उपमहाद्वीप की विदेशी पिचों) पर अपने डेब्यू टेस्ट मैच में 10 विकेट लेने का कारनामा किया है। गॉल का मैदान हमेशा से श्रीलंकाई स्पिनरों का गढ़ माना जाता रहा है, जहां मुथैया मुरलीधरन और रंगना हेराथ जैसे दिग्गजों ने राज किया था। उसी मैदान पर एक 24 वर्षीय भारतीय युवा द्वारा मैच में 10 विकेट लेकर 'प्लेयर ऑफ द मैच' का पुरस्कार जीतना भारतीय क्रिकेट की नई बेंचमार्क स्थापित करता है।

श्रीगंगानगर से गॉल तक का सफर: कड़ी मेहनत और घरेलू क्रिकेट की तपस्या

राजस्थान के श्रीगंगानगर से आने वाले मानव सुथार का यह सफर रातों-रात नहीं बना है। उनके पिता जगदीश सुथार एक शारीरिक शिक्षक (पीटीआई) हैं, जिन्होंने मानव की प्रतिभा को बचपन में ही पहचान लिया था और उन्हें नेट्स पर घंटों अभ्यास कराया।

घरेलू क्रिकेट में राजस्थान के लिए खेलते हुए और बाद में इंडिया 'ए' (India A) के दौरों पर इंग्लैंड लायंस व ऑस्ट्रेलिया 'ए' के खिलाफ शानदार प्रदर्शन करके सुथार ने राष्ट्रीय चयनकर्ताओं का ध्यान अपनी ओर खींचा था। रणजी ट्रॉफी और दलीप ट्रॉफी में लगातार पांच विकेट हॉल (Five-wicket hauls) लेने के बाद उन्हें कुलदीप यादव और रवींद्र जडेजा जैसे दिग्गजों की मौजूदगी के बावजूद प्लेइंग इलेवन में मौका दिया गया, जिसे उन्होंने पूरी तरह भुनाया।

भारतीय टेस्ट टीम में स्पिन की नई पीढ़ी का उदय

रविचंद्रन अश्विन और रवींद्र जडेजा जैसे दिग्गजों के करियर के अंतिम पड़ाव में होने के बीच भारतीय क्रिकेट को एक ऐसे युवा स्पिनर की तलाश थी जो लंबे स्पैल फेंकने का धैर्य और विकेट निकालने की मारक क्षमता रखता हो। मानव सुथार ने गॉल में 10 विकेट लेकर यह साबित कर दिया है कि भारतीय टेस्ट क्रिकेट का स्पिन भविष्य पूरी तरह सुरक्षित हाथों में है।

कप्तान शुभमन गिल ने भी मैच के बाद प्रेजेंटेशन में कहा कि मानव सुथार ने जिस तरह से दबाव के पलों में अपनी लाइन को पकड़े रखा और बल्लेबाजों को गलतियां करने पर मजबूर किया, वह किसी अनुभवी दिग्गज जैसा था। सुथार के इस प्रदर्शन ने कोलंबो में होने वाले दूसरे टेस्ट और आगामी विदेशी दौरों के लिए टीम इंडिया में उनकी जगह को पूरी तरह पक्का कर दिया है।

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