KKR का वो जांबाज खिलाड़ी, पैर में फ्रैक्चर होने के बाद भी खेलता रहा मैच, कप्तान अजिंक्य रहाणे ने खोला सबसे बड़ा राज

KKR का वो जांबाज खिलाड़ी, पैर में फ्रैक्चर होने के बाद भी खेलता रहा मैच, कप्तान अजिंक्य रहाणे ने खोला सबसे बड़ा राज

इंडियन प्रीमियर लीग 2026 के ग्रुप स्टेज से भले ही कोलकाता नाइट राइडर्स (KKR) का सफर खत्म हो गया हो, लेकिन टीम के मिस्ट्री स्पिनर वरुण चक्रवर्ती ने अपनी अटूट प्रतिबद्धता से हर किसी का दिल जीत लिया है। वरुण चक्रवर्ती इस पूरे सीजन में कई गंभीर चोटों से जूझते रहे, लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी और सीजन के सिर्फ तीन मैचों को छोड़कर बाकी सभी मुकाबलों में मैदान पर उतरकर केकेआर के लिए अपना सब कुछ झोंक दिया। केकेआर के इस अभियान के खत्म होने के बाद अब कप्तान अजिंक्य रहाणे ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में इस बात का सटीक कारण बताया है कि आखिर इतनी गंभीर चोटों और पैर में फ्रैक्चर होने के बावजूद वरुण चक्रवर्ती को प्लेइंग इलेवन में क्यों शामिल किया जाता रहा।

शेन वॉटसन और अभिषेक नायर ने भी माना वरुण का लोहा

सीजन की बेहद खराब शुरुआत के बाद कोलकाता नाइट राइडर्स ने जब आईपीएल 2026 में अपनी दूसरी जीत दर्ज की, तो उसके पीछे वरुण चक्रवर्ती का वो अटूट दृढ़ संकल्प था जिसने टीम मैनेजमेंट को भी हैरान कर दिया। टीम के सहायक कोच शेन वॉटसन और मुख्य कोच अभिषेक नायर ने भी वरुण चक्रवर्ती के इस जज्बे की जमकर सराहना की है। कोचों का मानना है कि चोटिल होने के बावजूद टीम को संकट से निकालने के लिए मैदान पर उतरना वरुण की अपनी फ्रेंचाइजी के प्रति गहरी निष्ठा और उनकी मानसिक मजबूती को दर्शाता है।

कप्तान अजिंक्य रहाणे ने किया वरुण चक्रवर्ती को खिलाने की असली वजह का खुलासा

केकेआर के आखिरी लीग मैच के बाद पत्रकारों से बातचीत करते हुए कप्तान अजिंक्य रहाणे ने वरुण चक्रवर्ती की चोट पर खुलकर बात की। रहाणे ने बताया कि जब वरुण के पैर में हेयरलाइन फ्रैक्चर की बात सामने आई, तो टीम प्रबंधन ने कोई जल्दबाजी नहीं की। रहाणे ने कहा कि देखिए, हमारी टीम के फिजियो, बीसीसीआई (BCCI) और भारतीय राष्ट्रीय टीम के मेडिकल स्टाफ के बीच इस चोट को लेकर लगातार चर्चा हो रही थी। एक कप्तान के तौर पर मैं डॉक्टरों के काम में बिल्कुल दखल नहीं देता। मेरा मुख्य काम यह देखना होता है कि खिलाड़ी की मानसिक स्थिति क्या है, क्या वह खुद इस दर्द के साथ मैदान पर उतरना चाहता है या नहीं, और इसमें उसके करियर को लेकर कितना जोखिम शामिल है।

बीसीसीआई और केकेआर की मेडिकल टीम के बीच था तगड़ा तालमेल

पीटीआई (PTI) की रिपोर्ट के अनुसार, वरुण चक्रवर्ती की चोट का प्रबंधन केकेआर के मेडिकल स्टाफ, बीसीसीआई के सेंटर ऑफ एक्सीलेंस और भारतीय टीम के फिजियो के बीच एक बेहद करीबी समन्वय के साथ किया जा रहा था। नियम के मुताबिक आईपीएल फ्रेंचाइजी को बीसीसीआई के केंद्रीय अनुबंध (Central Contract) वाले खिलाड़ियों की चोट की स्थिति के बारे में पल-पल की जानकारी बोर्ड को देनी होती है, खासकर तब जब चोट के और ज्यादा बिगड़ने का खतरा हो। रहाणे ने साफ किया कि जब फिजियोथेरेपिस्ट ने इस बात का पूरा भरोसा दिलाया कि मैच खेलने से वरुण की चोट और ज्यादा गंभीर नहीं होगी, तभी उन्हें टीम में शामिल करने का फैसला लिया गया।

सनराइजर्स हैदराबाद के खिलाफ मैच में दर्द के बावजूद खेलने के लिए बेताब थे वरुण

कप्तान रहाणे ने सनराइजर्स हैदराबाद के खिलाफ खेले गए मुकाबले का जिक्र करते हुए वरुण चक्रवर्ती की जमकर तारीफ की। उन्होंने कहा कि सनराइजर्स के खिलाफ मैच के दौरान वरुण के पैर में हेयरलाइन फ्रैक्चर था, लेकिन इसके बावजूद वह खेलने के लिए पूरी तरह बेताब थे। इसका पूरा श्रेय वरुण को ही जाता है क्योंकि ऐसी दर्दनाक चोट में भी आप यह दिखाते हैं कि टीम आपके लिए कितनी अहमियत रखती है। हालांकि, बीच में जब उनका दर्द बहुत ज्यादा बढ़ गया था, तब हमें उन्हें एक मैच में आराम देना पड़ा था। लेकिन जैसे ही दर्द थोड़ा कम हुआ, उन्होंने खुद आकर कहा कि वह खेलने के लिए तैयार हैं। जब कोई खिलाड़ी खुद खेलने की ऐसी उत्सुकता दिखाता है, तो इससे पूरी टीम और फिजियो में एक बेहद सकारात्मक संदेश जाता है।

 

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