बांग्लादेश क्रिकेट में खत्म होगा 3 कप्तानों का फॉर्मूला! BCB का नया प्लान तैयार, लिटन दास और शांतो को मिल सकती है बड़ी कमान

बांग्लादेश क्रिकेट में खत्म होगा 3 कप्तानों का फॉर्मूला! BCB का नया प्लान तैयार, लिटन दास और शांतो को मिल सकती है बड़ी कमान

बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड (BCB) अपनी राष्ट्रीय टीम की कप्तानी व्यवस्था में एक बड़ा और निर्णायक बदलाव करने की तैयारी में है। अब तक तीनों प्रारूपों (टेस्ट, वनडे और टी20) में अलग-अलग कप्तान रखने की नीति को दरकिनार कर बोर्ड फिर से पुराने 'टू-कैप्टन' मॉडल पर लौटने जा रहा है। नए प्रस्ताव के तहत रेड बॉल क्रिकेट (टेस्ट) के लिए एक अलग कप्तान और व्हाइट बॉल क्रिकेट (वनडे और टी20) के लिए एक साझा कप्तान नियुक्त किया जाएगा।

इस सिलसिले में ढाका के शेर-ए-बांग्ला नेशनल क्रिकेट स्टेडियम में बुधवार, 29 जुलाई को होने वाली बीसीबी बोर्ड डायरेक्टर्स की बैठक में इस प्रपोजल को औपचारिक रूप से पेश किया जाएगा, जिस पर मुहर लगना लगभग तय माना जा रहा है।

लिटन दास संभालेंगे व्हाइट बॉल की कमान, मेहदी हसन मिराज की छुट्टी तय

सूत्रों के मुताबिक, मौजूदा टी20 कप्तान लिटन दास को व्हाइट बॉल फॉर्मेट (वनडे और टी20) की पूरी जिम्मेदारी सौंपी जा सकती है। इसके साथ ही मेहदी हसन मिराज से वनडे टीम की कप्तानी छीने जाने की पूरी संभावना है। मिराज को जून 2025 में वनडे की कप्तानी मिली थी और इसी साल अप्रैल में उन्हें 2027 वर्ल्ड कप तक के लिए कप्तान घोषित किया गया था। हालांकि, उनकी कप्तानी में टीम का प्रदर्शन बेहद निराशाजनक रहा है और बांग्लादेश ने उनके नेतृत्व में विदेशी सरजमीं पर खेले गए 13 में से सिर्फ 2 वनडे मैचों में ही जीत दर्ज की है।

वहीं, टी20 में अपनी कप्तानी से प्रभावित करने वाले युवा मध्यक्रम बल्लेबाज तौहीद हृदॉय को वनडे में भी उपकप्तान बनाया जा सकता है। हृदॉय ने हाल ही में जिम्बाब्वे और ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ टी20 सीरीज में अपने प्रदर्शन और नेतृत्व क्षमता से बोर्ड को काफी प्रभावित किया है।

टेस्ट में नजमुल हुसैन शांतो पर भरोसा कायम, बोर्ड के फैसले पर जताई सहमति

रेड बॉल क्रिकेट यानी टेस्ट फॉर्मेट में नजमुल हुसैन शांतो ही बांग्लादेशी टीम का नेतृत्व करते रहेंगे। पहले बोर्ड ने शांतो को फिर से वनडे की कमान सौंपने पर भी विचार किया था, क्योंकि वह पूर्व में वनडे कप्तान रह चुके हैं। हालांकि, बोर्ड और शांतो के बीच हुई बातचीत में यह सहमति बनी कि रेड बॉल और व्हाइट बॉल क्रिकेट में अलग-अलग कप्तान होना टीम के हित में है। शांतो खुद भी इस बात से सहमत हैं कि केवल टेस्ट कप्तानी पर ध्यान केंद्रित करने से उनके खेल और नेतृत्व में अधिक निखार आएगा, जबकि लिटन दास सीमित ओवरों के क्रिकेट में टीम को नई दिशा दे सकेंगे।