राम भक्तों की आस्था पर चोट? कहां गायब हो गई 200 किलो चांदी की ईंटें, सिंधी समाज ने राम मंदिर ट्रस्ट से मांगी जानकारी

राम भक्तों की आस्था पर चोट? कहां गायब हो गई 200 किलो चांदी की ईंटें, सिंधी समाज ने राम मंदिर ट्रस्ट से मांगी जानकारी

अयोध्या का भव्य राम मंदिर इन दिनों कथित चढ़ावा चोरी के आरोपों और विवादों को लेकर लगातार सुर्खियों में बना हुआ है। इस हाई-प्रोफाइल विवाद के बीच अब सिंधी समाज भी खुलकर सामने आ गया है, जिससे मामले ने एक नया मोड़ ले लिया है। सिंधी समाज के दानदाताओं ने दावा किया है कि उन्होंने साल 2021 में मंदिर निर्माण के लिए एक-एक किलो वजन की कुल 200 चांदी की ईंटें राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट को सौंपी थीं। समाज का आरोप है कि दान दिए जाने के 5 साल बाद भी आज तक उन्हें इस बहुमूल्य चढ़ावे की कोई आधिकारिक रसीद नहीं दी गई है। अब उन्होंने ट्रस्ट से पूछा है कि आखिर उनकी आस्था के उस प्रतीक (चांदी की ईंटों) का कहां और क्या इस्तेमाल किया गया?

साल 2021 में सौंपी गई थी डेढ़ करोड़ की चांदी, चंपत राय पर रसीद न देने का आरोप

विश्व सिंधी सेवा संगम के पदाधिकारी राजू मनवानी के मुताबिक, यह पूरा मामला जनवरी 2021 का है, जब राम मंदिर का निर्माण कार्य शुरुआती चरण में था। उस समय सिंधी समाज के लोगों ने एकजुट होकर अपनी आस्था के तहत 26 जनवरी 2021 को एक-एक किलो की 200 चांदी की ईंटें राम मंदिर ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय को सौंपी थीं। उस वक्त इस चांदी की बाजार कीमत करीब ₹1.5 करोड़ थी। राजू मनवानी का आरोप है कि जब उन्होंने रसीद मांगी, तो चंपत राय ने चांदी की शुद्धता की जांच और उसके उपयोग की प्रक्रिया का हवाला देकर रसीद देने से मना कर दिया था और कहा था कि रसीद बाद में मिल जाएगी, जो आज तक नहीं मिली।

"क्या हमारी चांदी का भी हुआ गलत इस्तेमाल?" सिंधी समाज ने उठाए गंभीर सवाल

न्यूज एजेंसी एएनआई (ANI) और विभिन्न मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, सिंधी समाज के प्रतिनिधियों ने अब इस बात पर गहरी चिंता जताई है कि मंदिर में चढ़ावा चोरी की जो खबरें आ रही हैं, कहीं उसमें उनकी दान की गई सामग्री भी तो शामिल नहीं है? राजू मनवानी ने सीधे तौर पर सवाल उठाया है कि वह केवल यह जानना चाहते हैं कि क्या उनके द्वारा दी गई 200 किलो चांदी को पिघलाकर भव्य राम मंदिर के निर्माण में कहीं इस्तेमाल किया गया है या नहीं? उन्होंने ध्यान दिलाया कि साल 2021 में जिस चांदी की कीमत डेढ़ करोड़ रुपये थी, आज चांदी के बढ़े दामों के कारण उसकी कीमत करीब ₹6 से ₹7 करोड़ हो चुकी है।

राम मंदिर चढ़ावा चोरी विवाद में रोज हो रहे नए खुलासे, बढ़ा जन आक्रोश

अयोध्या राम मंदिर में चढ़ावे और वीआईपी पास के नाम पर हो रही कथित धोखाधड़ी और चोरी का मामला पिछले कुछ दिनों से गरमाया हुआ है। इस विवाद में रोज नए और चौंकाने वाले खुलासे हो रहे हैं, जिससे देशभर के राम भक्तों की भावनाएं आहत हो रही हैं। सिंधी समाज का यह नया दावा ट्रस्ट की प्रबंधन प्रणाली और पारदर्शिता पर बड़े सवाल खड़े करता है। भक्तों का कहना है कि जब देश-विदेश से लोग अपनी गाढ़ी कमाई का अंश भगवान राम के चरणों में समर्पित कर रहे हैं, तो उसकी पाई-पाई का हिसाब पारदर्शी तरीके से सामने रखा जाना चाहिए।

सोशल मीडिया से लेकर प्रशासनिक गलियारों तक ट्रस्ट से जवाब की मांग तेज

इस पूरे विवाद के बाद सोशल मीडिया से लेकर प्रशासनिक हलकों तक में हलचल तेज हो गई है। सिंधी समाज के इस बड़े कदम के बाद अब अन्य दानदाता भी अपने द्वारा किए गए गुप्त दान और सामग्री दान के विवरण को लेकर सतर्क हो रहे हैं। फिलहाल, सिंधी समाज द्वारा उठाए गए इन गंभीर सवालों और 200 किलो चांदी की ईंटों की मिस्ट्री पर राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट या चंपत राय की तरफ से कोई आधिकारिक स्पष्टीकरण या बयान सामने नहीं आया है। भक्त उम्मीद कर रहे हैं कि ट्रस्ट जल्द ही इस मुद्दे पर स्थिति साफ करेगा ताकि राम भक्तों की आस्था को ठेस न पहुंचे।