भदोही-प्रयागराज गंगा पुल: ₹300 करोड़ से बनेगा 1.32 किमी लंबा सेतु, CM योगी ने पूरी की 30 साल पुरानी मांग

भदोही-प्रयागराज गंगा पुल: ₹300 करोड़ से बनेगा 1.32 किमी लंबा सेतु, CM योगी ने पूरी की 30 साल पुरानी मांग

उत्तर प्रदेश के पूर्वांचल क्षेत्र को सड़क कनेक्टिविटी और बुनियादी ढांचे के मोर्चे पर एक ऐतिहासिक सौगात मिली है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भदोही और प्रयागराज के बीच गंगा नदी पर 300 करोड़ रुपये से अधिक की लागत से बनने वाले 1.32 किलोमीटर लंबे पक्के पुल का शिलान्यास कर दिया है। इस शिलान्यास के साथ ही क्षेत्रीय जनता की पिछले तीन दशक (30 साल) से चली आ रही बहुप्रतीक्षित मांग पूरी हो गई है। यह पुल भदोही के धनतुलसी घाट से प्रयागराज के मांडा क्षेत्र स्थित डेंगुरपुर घाट को सीधे सड़क मार्ग से जोड़ेगा। इस परियोजना में मुख्य सेतु के साथ-साथ दोनों किनारों पर मजबूत पहुंच मार्ग (अपapproach road) और सुरक्षात्मक कार्य भी कराए जाएंगे, जिससे पूरे साल आवागमन सुगम और सुरक्षित रहेगा।

30 साल का इंतजार खत्म और 5 जिलों को सीधा लाभ

इस पक्के पुल के निर्माण से केवल भदोही और प्रयागराज ही नहीं, बल्कि आसपास के तीन अन्य प्रमुख जिलों—मिर्जापुर, वाराणसी और जौनपुर के लोगों को भी सीधा लाभ मिलेगा। यानी पूर्वांचल के कुल पांच जिले इस नए सड़क नेटवर्क से सीधे तौर पर जुड़ जाएंगे। इसके अतिरिक्त, मिर्जापुर के रास्ते मध्य प्रदेश की सीमा की ओर जाने वाले भारी और निजी वाहनों के लिए यह नया मार्ग एक बाईपास और समय बचाने वाले अहम विकल्प के तौर पर काम करेगा। क्षेत्रीय निवासियों के मुताबिक, अब तक गंगा पार करने के लिए लगने वाले घंटों के फेर और लंबी दूरी की यात्रा से हमेशा के लिए निजात मिल जाएगी।

बरसात के मौसम में पीपा पुल हटने की समस्या होगी खत्म

वर्तमान समय में धनतुलसी-डेंगुरपुर घाट पर गंगा पार करने के लिए स्थानीय लोगों को केवल अस्थायी पीपा पुल (पंटून ब्रिज) और छोटी नावों पर ही निर्भर रहना पड़ता है। मानसून के दिनों में जैसे ही गंगा का जलस्तर बढ़ता है, सुरक्षा कारणों से पीपा पुल को खोलकर हटा दिया जाता है। इसके बाद कोनिया और मांडा क्षेत्र के ग्रामीणों का संपर्क कट जाता है और उन्हें नाव के सहारे जान जोखिम में डालकर नदी पार करनी पड़ती है या फिर दर्जनों किलोमीटर का लंबा चक्कर लगाना पड़ता है। पक्का पुल तैयार हो जाने के बाद क्षेत्र की सवा लाख से अधिक आबादी को साल के बारह महीने सुरक्षित व निर्बाध आवागमन की सुविधा उपलब्ध होगी। इससे छात्रों को स्कूल-कॉलेज जाने, मरीजों को समय पर जिला अस्पताल पहुंचाने और रोजमर्रा के बाजार तक पहुंचने में बड़ी राहत मिलेगी।

सीतामढ़ी धार्मिक पर्यटन और भदोही के कालीन उद्योग को नई रफ्तार

यह पुल गंगा किनारे स्थित ऐतिहासिक व धार्मिक महत्व के 'सीता समाहित स्थल सीतामढ़ी' आने वाले देश-विदेश के श्रद्धालुओं के लिए एक वरदान साबित होगा। प्रयागराज, नैनी और संगम की ओर से सीतामढ़ी आने वाले भक्तों को अब सीधा और सुगम मार्ग मिल सकेगा, जिससे धार्मिक पर्यटन को गति मिलेगी और स्थानीय बाजारों व छोटे दुकानदारों की आय में इजाफा होगा।

इसके साथ ही, वैश्विक पटल पर प्रसिद्ध भदोही के कालीन (कारपेट) उद्योग को भी इस पुल से रणनीतिक बढ़त मिलेगी। प्रयागराज की ओर सीधा सड़क संपर्क स्थापित होने से कच्चे माल की आपूर्ति और तैयार कालीनों के परिवहन में लगने वाला समय और लॉजिस्टिक खर्च दोनों घटेंगे। कालीन निर्यातकों और स्थानीय उद्यमियों का मानना है कि इस कनेक्टिविटी से व्यापार विस्तार के कई नए रास्ते खुलेंगे।