मेरठ के सबसे बड़े सेंट्रल मार्केट पर गरजा बुलडोजर: छावनी में तब्दील हुआ पूरा इलाका, कई दुकानें जमींदोज

मेरठ के सबसे बड़े सेंट्रल मार्केट पर गरजा बुलडोजर: छावनी में तब्दील हुआ पूरा इलाका, कई दुकानें जमींदोज

पश्चिमी उत्तर प्रदेश के मेरठ शहर के सबसे व्यस्त और प्रमुख कारोबारी केंद्र शास्त्री नगर स्थित सेंट्रल मार्केट में आज सुबह प्रशासन का जबर्दस्त बुलडोजर एक्शन देखने को मिला। मेरठ विकास प्राधिकरण (MDA), नगर निगम और जिला प्रशासन की संयुक्त टीम ने भारी पुलिस बल के साथ मिलकर सेंट्रल मार्केट में अवैध व्यावसायिक निर्माणों, बेसमेंट और फुटपाथ पर किए गए पक्के कब्जों को ध्वस्त करने की बड़ी कार्रवाई शुरू की। कार्रवाई की भनक लगते ही व्यापारियों के संभावित उग्र विरोध और हंगामे को देखते हुए पुलिस प्रशासन ने इलाके को पूरी तरह छावनी में तब्दील कर दिया और आसपास के रास्तों को बैरिकेडिंग लगाकर सील कर दिया।

वहीं, विरोध-प्रदर्शन की अगुवाई करने की तैयारी कर रहे संयुक्त व्यापार संघ और स्थानीय व्यापारिक संगठनों के प्रमुख नेताओं को तड़के ही उनके घरों में हाउस अरेस्ट (नजरबंद) कर दिया गया, जिससे व्यापारियों में जबर्दस्त आक्रोश फैल गया है।

तड़के 4 बजे पहुंची कई थानों की फोर्स, सील किया गया पूरा इलाका

प्रशासन ने इस पूरे ध्वस्तीकरण अभियान की तैयारी पूरी तरह गोपनीय रखी थी। सुबह होने से पहले ही पीएसी (PAC), रैपिड एक्शन फोर्स (RAF) और आधा दर्जन थानों की पुलिस फोर्स ने सेंट्रल मार्केट की ओर जाने वाले सभी मुख्य मार्गों—तेजगढ़ी चौराहा, नौचंदी रोड और शास्त्री नगर की मुख्य गलियों पर बैरिकेड्स लगाकर आवाजाही पूरी तरह रोक दी।

किसी भी बाहरी व्यक्ति या आम वाहन को मार्केट के दायरे में घुसने की इजाजत नहीं दी गई। इसके तुरंत बाद एमडीए के तीन बड़े बुलडोजर और जेसीबी मशीनों ने चिन्हित किए गए अवैध हिस्सों, दुकानों के आगे बढ़ाए गए शेड्स और बिना नक्शा पास कराए बने अवैध कॉमर्शियल ढांचों को गिराना शुरू कर दिया।

विरोध की आशंका पर बड़े व्यापारी नेता हाउस अरेस्ट

मार्केट में बुलडोजर चलने की सूचना जैसे ही फैली, व्यापारी सड़कों पर जुटने लगे। हालांकि, प्रशासन ने किसी भी संगठित विरोध की संभावना को नाकाम करने के लिए पहले ही रणनीति बना ली थी। संयुक्त व्यापार संघ के वरिष्ठ पदाधिकारियों और सेंट्रल मार्केट व्यापार मंडल के प्रमुख नेताओं के आवासों के बाहर सुबह-सुबह ही भारी पुलिस फोर्स तैनात कर दी गई और उन्हें घरों से बाहर निकलने पर पाबंदी लगा दी गई।

हाउस अरेस्ट किए गए व्यापारी नेताओं ने पुलिसिया कार्रवाई की कड़े शब्दों में निंदा की है। नेताओं का कहना है कि प्रशासन ने व्यापारियों को अपना पक्ष रखने या सामान हटाने तक का उचित समय नहीं दिया और तानाशाही रवैया अपनाते हुए रोजी-रोटी पर बुलडोजर चला दिया।

आवासीय भूखंडों पर अवैध कॉमर्शियल निर्माण की थी शिकायतें

प्रशासनिक अधिकारियों के अनुसार, यह कार्रवाई उच्च न्यायालय के आदेशों और अवैध अतिक्रमण विरोधी अभियान के तहत की जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि:

  • आवासीय बनाम व्यावसायिक: शास्त्री नगर के कई आवासीय भूखंडों पर नियमों को ताक पर रखकर बड़े-बड़े व्यावसायिक कॉम्पलेक्स और दुकानें तान दी गई थीं।

  • पार्किंग और बेसमेंट का दुरुपयोग: कई इमारतों में बेसमेंट की मंजूरी पार्किंग के लिए ली गई थी, लेकिन वहां अवैध रूप से दुकानें और गोदाम संचालित किए जा रहे थे, जिससे पूरे सेंट्रल मार्केट में रोजाना भीषण जाम की स्थिति पैदा हो रही थी।

  • नोटिस की अनदेखी: एमडीए के अधिकारियों का दावा है कि संबंधित दुकानदारों और भवन स्वामियों को पूर्व में कई बार विधिक नोटिस जारी कर अवैध निर्माण खुद हटाने का समय दिया गया था, लेकिन नोटिसों की अनदेखी के बाद विवश होकर यह कार्रवाई अमल में लानी पड़ी।

मार्केट में तनाव, पुलिस का फ्लैग मार्च

बुलडोजर कार्रवाई के दौरान व्यापारियों और पुलिसकर्मियों के बीच कई बार तीखी नोकझोंक भी देखने को मिली, लेकिन भारी सुरक्षा घेरे के चलते स्थिति नियंत्रण में रही। एडीएम सिटी और एसपी सिटी खुद मौके पर मौजूद रहकर स्थिति की निगरानी करते रहे। पुलिस अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि कानून-व्यवस्था बिगाड़ने या सरकारी कार्य में बाधा डालने वालों के खिलाफ सख्त वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। इलाके में शांति बनाए रखने के लिए पुलिस लगातार फ्लैग मार्च कर रही है।