कानपुर के बिठूर से विपक्ष पर गरजे सीएम योगी: 411 करोड़ की सौगात दे सपा-कांग्रेस को घेरा
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने महर्षि वाल्मीकि जयंती के पावन पर्व पर सोमवार को कानपुर के ऐतिहासिक और धार्मिक महत्व वाले स्थल बिठूर का दौरा किया। इस दौरान मुख्यमंत्री ने बिठूर और आसपास के क्षेत्रों के सर्वांगीण विकास के लिए 411 करोड़ रुपये की लागत वाली विभिन्न विकास परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया। बिठूर आश्रम में विधिवत पूजन-अर्चन के बाद आयोजित एक विशाल जनसभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने समाजवादी पार्टी और कांग्रेस पर राजनीतिक हमला बोला। उन्होंने विपक्षी दलों पर परिवारवाद, तुष्टीकरण, दंगा संस्कृति और अपराधियों को संरक्षण देने का सीधा आरोप लगाते हुए कहा कि जनता अब नकारात्मक राजनीति करने वालों को पहचान चुकी है।
मुख्यमंत्री ने विशेष तौर पर समाजवादी पार्टी के मुखिया अखिलेश यादव पर तीखा तंज कसते हुए कहा कि किसी को विरासत में राजनैतिक गद्दी तो मिल सकती है, लेकिन बुद्धि कभी विरासत में नहीं मिलती। बुद्धि प्राप्त करने के लिए इंसान को जमीन पर उतरकर कठिन परिश्रम करना पड़ता है और जनता के सुख-दुख का सहभागी बनना पड़ता है। सीएम ने सवाल उठाया कि सपा और कांग्रेस के नेताओं को विदेशी घुसपैठियों से इतना प्रेम क्यों है। उन्होंने जोर देकर कहा कि जब भी देशहित या गरीब कल्याण की बात आती है, विपक्ष हमेशा नकारात्मक रवैया अपनाकर खड़ा हो जाता है। उन्होंने मथुरा के बहुचर्चित जवाहरबाग कांड और मुजफ्फरनगर के भयावह दंगों की याद दिलाते हुए सपा के पूर्व शासनकाल की कानून-व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े किए।
वैदिक मंत्रोच्चार के बीच वाल्मीकि आश्रम में पूजन, स्वतंत्रता सेनानियों को अर्पित किए श्रद्धा सुमन
सोमवार सुबह करीब 11 बजे मुख्यमंत्री का काफिला बिठूर स्थित पावन महर्षि वाल्मीकि आश्रम पहुंचा। आश्रम परिसर में संतों और आचार्यों की उपस्थिति में वैदिक मंत्रोच्चार के बीच मुख्यमंत्री ने विधि-विधान से पूजा-अर्चना की और प्रदेशवासियों के सुख, समृद्धि और शांति की मंगल कामना की। इसके पश्चात मुख्यमंत्री स्थानीय बिठूर विधायक अभिजीत सिंह सांगा के आवास पर पहुंचे, जहां उन्होंने विधायक की दिवंगत माता निर्मला सिंह के चित्र पर पुष्प अर्पित कर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि दी और शोकाकुल परिवार को ढांढस बंधाया।
इसके बाद मुख्यमंत्री जनसभा स्थल ऐतिहासिक नाना राव पेशवा स्मारक पार्क पहुंचे। पार्क में स्थापित 1857 के प्रथम स्वतंत्रता संग्राम के अमर महानायक तात्या टोपे और पेशवा नाना राव की प्रतिमाओं पर मुख्यमंत्री ने माल्यार्पण कर उन्हें नमन किया। जनसभा को संबोधित करते हुए सीएम योगी ने कहा कि बिठूर केवल एक कस्बा नहीं है, बल्कि यह सनातन धर्म की अमूल्य आध्यात्मिक धरोहर और भारत के प्रथम स्वतंत्रता संग्राम की शौर्य गाथा का जीवंत प्रतीक है। राज्य सरकार इस तपोभूमि को अंतरराष्ट्रीय स्तर के पर्यटन केंद्र के रूप में तेजी से विकसित कर रही है, जिससे यहां रोजगार और स्थानीय व्यापार के नए अवसर सृजित हो रहे हैं।
सपा का मतलब दंगा, भ्रष्टाचार और परिवारवाद: जवाहरबाग और मुजफ्फरनगर कांड का किया उल्लेख
जनसभा में आए लोगों को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पूर्ववर्ती सपा सरकार पर सीधा हमला बोला और कहा कि समाजवादी पार्टी की पहचान हमेशा से दंगा, भ्रष्टाचार और परिवारवाद की पोषक पार्टी के रूप में रही है। उन्होंने मथुरा के जवाहरबाग कांड का उल्लेख करते हुए जनता को याद दिलाया कि कैसे सपा सरकार के समय सरकारी जमीन पर अवैध कब्जा करने वाले उपद्रवियों और अपराधियों ने जांबाज पुलिस अधीक्षक मुकुल द्विवेदी और एसओ संतोष यादव की निर्मम हत्या कर दी थी। उस समय सत्ता के संरक्षण के कारण खाकी तक सुरक्षित नहीं थी।
इसके साथ ही उन्होंने मुजफ्फरनगर दंगों की चर्चा करते हुए कहा कि जब पश्चिमी उत्तर प्रदेश हिंसा की आग में जल रहा था, उस वक्त लखनऊ में बैठा सपा नेतृत्व पूरी तरह निष्क्रिय और मूकदर्शक बना हुआ था। दंगाइयों को सरकारी संरक्षण दिया गया, जिसके कारण महीनों तक मासूम नागरिक विस्थापित रहे और व्यापार चौपट हो गया। मुख्यमंत्री ने कहा कि 2017 के बाद उत्तर प्रदेश में कानून का राज स्थापित हुआ है। आज प्रदेश में पर्व और त्योहार शांतिपूर्ण माहौल में मनाए जाते हैं, बेटियां सुरक्षित हैं और दंगाइयों को पता है कि कानून से खिलवाड़ करने पर उनकी पीढ़ियों को हर्जाना भुगतना पड़ेगा।
महापुरुषों के अपमान और नाम बदलने की राजनीति पर सपा को घेरा, कांग्रेस को बताया 'मानसिक रूप से दिवालिया'
मुख्यमंत्री ने वर्ष 2012 से 2017 के बीच सपा सरकार के दौरान हुए प्रशासनिक निर्णयों पर प्रहार करते हुए कहा कि सत्ता में आते ही सपा ने दलित और वंचित समाज के महापुरुषों के नाम पर बने संस्थानों और जिलों के नाम बदलने का पाप किया था। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि सपा शासन में संत रविदास नगर का नाम बदलकर भदोही किया गया, कन्नौज के राजकीय मेडिकल कॉलेज से बाबा साहब डॉ. भीमराव आंबेडकर का नाम हटा दिया गया और राजधानी लखनऊ में मान्यवर कांशीराम के नाम पर बने प्रतिष्ठित संस्थानों की पहचान मिटाने की कोशिश की गई। लेकिन भाजपा सरकार ने सत्ता में आने के बाद इन सभी महापुरुषों के मान-सम्मान को पुनः बहाल किया और उनकी स्मृतियों को संजोया।
कांग्रेस पार्टी पर निशाना साधते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि कांग्रेस अब पूरी तरह मानसिक रूप से दिवालिया हो चुकी है। जब भी देश के हित में कड़े कदम उठाए जाते हैं, कांग्रेस देश की संवैधानिक संस्थाओं, निर्वाचन आयोग और न्यायपालिका को कटघरे में खड़ा करने लगती है। नागरिकता संशोधन कानून (सीएए) का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि सपा और कांग्रेस ने मिलकर इस मानवीय कानून का केवल अपने संकीर्ण वोट बैंक के लिए विरोध किया। उन्होंने साफ किया कि विदेशी घुसपैठियों के कारण देश के मूल गरीब नागरिकों, किसानों और युवाओं के हक और रोजगार पर डाका पड़ता है। जनसभा में कैबिनेट मंत्री राकेश सचान, राज्य मंत्री प्रतिभा शुक्ला, सांसद रमेश अवस्थी, विधायक अभिजीत सिंह सांगा और विधायक राहुल बच्चा सोनकर सहित अनेक वरिष्ठ जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे।