इकाना स्टेडियम तक पहुंचा गोमती नदी का उफान, अंडरपास डूबे; तस्वीरों में देखें लखनऊ में बाढ़ का खौफनाक मंजर

इकाना स्टेडियम तक पहुंचा गोमती नदी का उफान, अंडरपास डूबे; तस्वीरों में देखें लखनऊ में बाढ़ का खौफनाक मंजर

राजधानी लखनऊ में गोमती नदी का रौद्र रूप देखने को मिल रहा है। पहाड़ों और ऊपरी जलग्रहण क्षेत्रों से लगातार छोड़े गए पानी के चलते गोमती का जलस्तर कई वर्षों के रिकॉर्ड को तोड़ चुका है। नदी का पानी बंधों को लांघकर शहर के रिहायशी इलाकों के साथ-साथ अब वीआईपी क्षेत्रों और गोमती नगर विस्तार की प्रमुख सड़कों तक फैल गया है। सोमवार देर रात गोमती नदी का बैक-फ्लो पानी एक बड़े नाले के जरिए अंतरराष्ट्रीय इकाना क्रिकेट स्टेडियम के नजदीक तक पहुंच गया, जिससे आसपास के अंडरपास और कनेक्टिंग रोड्स पूरी तरह जलमग्न हो गए।

इकाना स्टेडियम के पास भरा पानी, अंडरपास तालाब में तब्दील

इकाना स्टेडियम के पास शहीद पथ के नीचे बने अंडरपास, भागीदारी भवन और अंबेडकर स्मारक से जी-20 मार्ग की ओर जाने वाले रास्तों पर भारी जलभराव दर्ज किया गया। कई फीट पानी भर जाने के कारण सुरक्षा के लिहाज से ट्रैफिक पुलिस को इन रास्तों को बैरिकेड लगाकर बंद करना पड़ा।

भारत-वेस्टइंडीज मुकाबले को देखते हुए नगर निगम और एलडीए (LDA) की टीमों ने दर्जनों हेवी-ड्यूटी पंप लगाकर युद्धस्तर पर निकासी अभियान चलाया और मंगलवार दोपहर तक मुख्य रास्तों से पानी को काफी हद तक कम किया जा सका। हालांकि, पास की इमार गोमती ग्रीन्स सोसायटी और उसके विद्युत उपकेंद्र की ओर पानी का दबाव अब भी चिंता का सबब बना हुआ है।

कॉलोनियों में नाव से आवाजाही, मंदिर भी जलमग्न

गोमती के विकराल रूप का सबसे ज्यादा असर निचले और तटीय इलाकों में देखने को मिल रहा है:

  • फैजुल्लागंज व घैला: फैजुल्लागंज की कई कॉलोनियों में 4 से 5 फीट तक पानी भर चुका है। लोग जरूरी सामान बचाने के लिए छतों और सुरक्षित ठिकानों पर शरण लिए हुए हैं। कई मोहल्लों में आवाजाही के लिए नावों का सहारा लेना पड़ रहा है।

  • गोमती रिवरफ्रंट बंद: नदी का जलस्तर डेंजर मार्क के करीब पहुंचने के बाद खूबसूरत रिवरफ्रंट पूरी तरह पानी में समा चुका है, जिसके चलते इसे आम नागरिकों के लिए अग्रिम आदेश तक बंद कर दिया गया है।

  • लेटे हनुमान मंदिर: गोमती तट पर स्थित ऐतिहासिक पातालपुरी लेटे हनुमान मंदिर के गर्भगृह में 13 फीट तक पानी भर गया, जिसके चलते प्रतिमा विश्राम अवस्था में आ गई और केवल बाहर रखी चरण पादुका के दर्शन की अनुमति दी गई है।

प्रशासनिक टीमें लगातार प्रभावित इलाकों में निगरानी रख रही हैं और राहत सामग्री के वितरण के साथ पंपों से पानी निकालने का काम जारी है।