फ्लाईदुबई विमान में कैप्टन स्मित मच्छार पर हमले के बाद विमान को मार गिराने वाला था इजरायल
दुबई से इजरायल के तेल अवीव आ रही फ्लाईदुबई (Flydubai) की फ्लाइट FZ1073 में भारतीय मूल के कैप्टन स्मित मच्छार पर कॉकपिट के भीतर हुए हमले को लेकर एक रोंगटे खड़े कर देने वाला अंतरराष्ट्रीय खुलासा सामने आया है। जब कॉकपिट में ओमानी मूल के को-पायलट ने कैप्टन स्मित मच्छार पर चाकू से ताबड़तोड़ वार कर विमान को तेजी से नीचे गोता लगवाना शुरू किया था, तब इजरायली सुरक्षा तंत्र में आपातकालीन अलार्म बज उठा था। इजरायल को अंदेशा हो गया था कि आतंकवादी 11 सितंबर 2001 (9/11) की तर्ज पर विमान को हाइजैक कर इजरायल के किसी शहर या हवाई अड्डे पर आत्मघाती तरीके से टकराने जा रहे हैं।
खुलासे के मुताबिक, इजरायली वायुसेना (IAF) ने तुरंत अपने लड़ाकू विमानों को आसमान में स्क्रैम्बल (Scramble) कर दिया था और यदि विमान इजरायल के हवाई क्षेत्र में दाखिल होता, तो सभी 174 से अधिक यात्रियों सहित पूरे विमान को हवा में ही मिसाइल दागकर मार गिराने (Shoot Down) का अंतिम आदेश लागू होने वाला था।
1 मिनट में 14,000 फीट नीचे गिरा विमान: 9/11 जैसे हमले का खौफ
घटना के दौरान जब विमान इजरायली सीमा के करीब पहुंच रहा था, तभी फर्स्ट ऑफिसर (को-पायलट) हमाम अल-हम्मामी ने अचानक कैप्टन स्मित मच्छार पर हमला बोल दिया। को-पायलट ने कैप्टन को नीचे गिराकर चाकू से कई वार किए, जिससे कॉकपिट में चारों तरफ खून फैल गया। हमलावर ने विमान के नेविगेशन और कंट्रोल सिस्टम से छेड़छाड़ करते हुए उसे अत्यधिक तेज गति से नीचे गिराना शुरू किया। महज 1 से 2 मिनट के भीतर विमान करीब 14,000 फीट नीचे गोता खा गया।
विमान के रडार पर इस तरह अचानक अनियंत्रित होने और तेल अवीव के एयर ट्रैफिक कंट्रोल (ATC) से रेडियो संपर्क टूटने के बाद इजरायल की खुफिया एजेंसी मोसाद, शिन बेट और वायुसेना में हड़कंप मच गया। सुरक्षा प्रोटोकॉल के तहत यह माना गया कि विमान पूरी तरह हाइजैक हो चुका है और यह तेल अवीव के बेन गुरियन एयरपोर्ट या घनी आबादी पर आत्मघाती हमले की तैयारी है।
वायुसेना ने मिसाइलों से लॉक कर लिया था टारगेट
इजरायली वायु रक्षा कमान ने सर्वोच्च 'रेड अलर्ट' जारी करते हुए एयरबेस से लड़ाकू विमानों को हवा में उड़ा दिया। लड़ाकू विमानों को स्पष्ट निर्देश थे कि यदि यह अनियंत्रित विमान इजरायल के संप्रभु हवाई क्षेत्र में प्रवेश करता है और जमीन से दिए गए निर्देशों का पालन नहीं करता, तो आबादी को बचाने के लिए विमान को बीच हवा में ही मिसाइल मारकर नष्ट कर दिया जाए।
उस वक्त विमान में 174 से 180 यात्री सवार थे, जिनमें अधिकांश इजरायली नागरिक थे। यह एक ऐसा भयावह क्षण था जहां सैकड़ों निर्दोष लोगों की जान कुछ ही मिनटों के फासले पर थी।
कैप्टन स्मित मच्छार का अदम्य साहस: खून से लथपथ होकर भी खोला दरवाजा
जब मौत सामने खड़ी थी, तब भारतीय पायलट कैप्टन स्मित मच्छार ने अकल्पनीय बहादुरी दिखाई। चाकू के गंभीर घावों और अत्यधिक खून बहने के बावजूद उन्होंने हिम्मत नहीं हारी। वे हमलावर से भिड़ते रहे और किसी तरह कॉकपिट के सुरक्षा दरवाजे (Cockpit Door) को अनलॉक करने में सफल रहे।
दरवाजा खुलते ही विमान में सवार इजरायली यात्री और केबिन क्रू के सदस्य कॉकपिट में घुस गए और उन्होंने हमलावर को-पायलट को दबोच लिया। इसके बाद फ्लाइट में मौजूद ऑफ-ड्यूटी पायलट और क्रू मेंबर्स की मदद से विमान के गोता लगाने को रोका गया और विमान को इजरायल के बजाय सऊदी अरब के तबुक हवाई अड्डे की ओर मोड़ दिया गया।
सऊदी अरब में इमरजेंसी लैंडिंग से टली सबसे बड़ी त्रासदी
विमान जैसे ही सऊदी अरब के तबुक एयरपोर्ट पर सुरक्षित उतरा, इजरायल में राहत की सांस ली गई और लड़ाकू विमानों को स्टैंडबाय पर वापस बुलाया गया। सऊदी सुरक्षा बलों ने हमलावर को-पायलट को तत्काल गिरफ्तार कर लिया। कैप्टन स्मित मच्छार को गंभीर हालत में अस्पताल पहुंचाया गया, जहां प्राथमिक इलाज के बाद उनकी जान बच सकी।
इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने सार्वजनिक बयान जारी कर कैप्टन स्मित मच्छार को 'सच्चा नायक' (True Hero) बताते हुए सैल्यूट किया। नेतन्याहू ने कहा कि यदि भारतीय कैप्टन ने अपनी जान की परवाह किए बिना मुकाबला न किया होता, तो एक ऐसी भीषण त्रासदी घट जाती जिसकी कल्पना मात्र से रूह कांप जाती है।