यूपी में रोजाना 1 डिग्री गिर रहा पारा, सुबह-रात में बढ़ी गुलाबी ठंड; जानिए दिवाली से पहले कैसा रहेगा मौसम
उत्तर प्रदेश में मानसून की पूरी तरह विदाई के बाद अब गुलाबी ठंड ने अपने पैर पसारने शुरू कर दिए हैं। बीते कुछ दिनों से राज्य के मौसम के मिजाज में लगातार बदलाव देखने को मिल रहा है। दिन के समय तेज और खिली हुई धूप निकलने के बावजूद सुबह के शुरुआती घंटों और देर रात के तापमान में लगातार गिरावट दर्ज की जा रही है। मौसम विभाग (IMD) के अनुसार, प्रदेश के ज्यादातर जिलों में रोजाना रात का पारा करीब 1 डिग्री सेल्सियस तक नीचे आ रहा है। रात और भोर के समय चल रही ठंडी हवाओं के कारण लोगों को अब पंखे और एसी की गति धीमी करनी पड़ रही है, जबकि कई इलाकों में लोगों ने हल्की चादरें और गर्म कपड़े निकालना भी शुरू कर दिया है।
उत्तर-पश्चिमी शुष्क हवाओं का असर: आसमान साफ होते ही बढ़ी रात की सिहरन
आंचलिक मौसम विज्ञान केंद्र लखनऊ के अनुसार, इस मौसमी बदलाव की मुख्य वजह उत्तर-पश्चिम दिशा से आने वाली शुष्क और ठंडी हवाएं हैं। मानसून के बादल छंटने के बाद पूरे प्रदेश में आसमान एकदम साफ हो गया है। साफ आसमान होने की वजह से दिन में धरती सूरज की किरणों से जितनी जल्दी गर्म होती है, रात के समय 'रेडिएशनल कूलिंग' (विकिरण द्वारा ठंडक) के कारण उतनी ही तेजी से गर्मी वायुमंडल में विसर्जित हो जाती है। नमी का स्तर घटने और पछुआ हवाओं के जोर पकड़ने से रात के तापमान में यह क्रमिक गिरावट देखी जा रही है। पश्चिमी यूपी से लेकर पूर्वांचल तक ग्रामीण और खुले मैदानी इलाकों में शहरी क्षेत्रों की तुलना में ठंडक का एहसास ज्यादा तेजी से बढ़ रहा है।
प्रमुख शहरों का हाल: 18 से 20 डिग्री तक पहुंचा रात का पारा
राजधानी लखनऊ, कानपुर, वाराणसी, प्रयागराज, आगरा, मेरठ, बरेली और नोएडा-गाजियाबाद सहित राज्य के प्रमुख शहरों में न्यूनतम तापमान अब 18 से 21 डिग्री सेल्सियस के बीच पहुंच गया है। दिन का अधिकतम तापमान अभी भी 31 से 33 डिग्री सेल्सियस के आसपास बना हुआ है, जिसके कारण दोपहर में हल्की तपिश महसूस होती है। हालांकि, दिन और रात के पारे में 12 से 14 डिग्री का बड़ा अंतर आ जाने की वजह से मौसम में तीखा उतार-चढ़ाव देखने को मिल रहा है। तराई के जिलों जैसे बहराइच, लखीमपुर खीरी, पीलीभीत और महाराजगंज में सुबह के समय हल्का कुहासा और ओस की बूंदें भी नजर आने लगी हैं, जो सर्दी के औपचारिक आगमन का स्पष्ट संकेत दे रही हैं।
सेहत पर मौसम की मार: मौसमी बीमारियों को लेकर डॉक्टरों ने किया अलर्ट
तापमान में रोजाना आ रहे इस उतार-चढ़ाव के चलते मौसमी बीमारियों का खतरा तेजी से बढ़ गया है। दिन में तेज धूप और रात में अचानक ठंडक बढ़ने के कारण अस्पतालों और स्वास्थ्य केंद्रों पर सर्दी, जुकाम, खांसी, वायरल बुखार और गले में संक्रमण के मरीजों की संख्या में इजाफा हो रहा है। डॉक्टरों का कहना है कि यह 'मौसम परिवर्तन' (ट्रांजीशन फेज) बच्चों और बुजुर्गों के लिए सबसे संवेदनशील होता है। विशेषज्ञों ने सलाह दी है कि सुबह की सैर पर निकलने वाले लोग हल्के फुल-स्लीव कपड़े पहनकर निकलें और रात को सीधे ठंडी हवा के संपर्क में आने या ठंडा पानी पीने से परहेज करें।
दिवाली तक कैसा रहेगा मौसम: क्या और बढ़ेगी ठंड?
मौसम वैज्ञानिकों के पूर्वानुमान के मुताबिक, अगले एक हफ्ते तक उत्तर प्रदेश में बारिश की कोई संभावना नहीं है और मौसम पूरी तरह शुष्क बना रहेगा। दिवाली के करीब आते-आते रात के तापमान में 2 से 3 डिग्री की और गिरावट आने का अनुमान है। इसके साथ ही, हवा की रफ्तार धीमी होने और पराली व आतिशबाजी के धुएं के चलते सुबह के समय विजिबिलिटी में कमी और स्मॉग (धुंध) का असर भी देखने को मिल सकता है। कुल मिलाकर, अक्टूबर का आखिरी हफ्ता यूपी में सर्दी के औपचारिक आगाज की ठोस जमीन तैयार कर देगा।