मायावती का आरोप- EVM में धांधली कर चंद्रशेखर को BJP ने जिताया, दलित युवाओं को दी नसीहत
बहुजन समाज पार्टी (बसपा) की राष्ट्रीय अध्यक्ष और उत्तर प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री मायावती ने इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (EVM) की विश्वसनीयता पर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े करते हुए देश में बैलेट पेपर से चुनाव कराने की पुरजोर मांग की है। लखनऊ में पत्रकारों से बातचीत करते हुए बसपा सुप्रीमो ने सत्ताधारी भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) पर सीधा हमला बोला और आरोप लगाया कि नगीना लोकसभा सीट पर बिना किसी जनाधार के आजाद समाज पार्टी के प्रमुख चंद्रशेखर आजाद को बीजेपी ने एक षड्यंत्र के तहत ईवीएम में धांधली कराकर जीत दिलाई। मायावती ने कहा कि बहुजन समाज पार्टी को राजनीतिक नुकसान पहुंचाने और दलित मतों को बांटने के लिए यह पूरा खेल रचा गया।
नगीना में चंद्रशेखर का कोई जनाधार नहीं, बीजेपी ने साजिश से जिताया: मायावती
मायावती ने अपने बयान में कहा कि पश्चिमी उत्तर प्रदेश की नगीना सुरक्षित सीट पर आजाद समाज पार्टी का कोई खास जमीनी आधार नहीं था, लेकिन बीजेपी ने बसपा के कैडर वोट बैंक को कमजोर करने के मकसद से पर्दे के पीछे से पूरी मदद की। उन्होंने आरोप लगाया कि ईवीएम में हेरफेर कराकर चंद्रशेखर को सांसद बनवाया गया और अब वे बीजेपी के रणनीतिक इशारों पर ही देशभर में प्रदर्शन कर रहे हैं। मायावती ने दलित युवाओं को आगाह करते हुए कहा कि जब भी कहीं दलितों पर अत्याचार होता है, तो चंद्रशेखर सीधे अधिकारियों से वार्ता कर कानूनी समाधान निकालने की जगह नौजवानों को सड़कों पर उतार देते हैं। इसके चलते युवाओं पर मुकदमे दर्ज होते हैं, वे जेल जाते हैं और उनका करियर व सरकारी नौकरी का भविष्य हमेशा के लिए बर्बाद हो जाता है। इसलिए बहुजन समाज के युवाओं को इनके बहकावे से दूर रहने की जरूरत है।
ईवीएम को रिमोट से हैक किया जा सकता है, वीवीपैट का भी पूरा फायदा नहीं
बसपा सुप्रीमो ने मतदान प्रक्रिया की शुचिता पर बात करते हुए कहा कि किसी भी इलेक्ट्रॉनिक मशीन को रिमोट सिस्टम से प्रभावित या हैक किया जा सकता है। उन्होंने याद दिलाया कि बसपा शुरू से ही ईवीएम से मतदान का विरोध करती रही है और इसी मुद्दे को लेकर सुप्रीम कोर्ट तक गई थी। अदालत के निर्देश पर वीवीपैट (VVPAT) की व्यवस्था तो लागू की गई, लेकिन जब तक वीवीपैट की शत-प्रतिशत पर्चियों का मिलान और गिनती नहीं होती, तब तक किसी भी वोटर को यह विश्वास नहीं दिलाया जा सकता कि उसका वोट उसी प्रत्याशी के खाते में दर्ज हुआ है जिसे उसने बटन दबाकर दिया था। मायावती ने तंज कसते हुए यह भी कहा कि जब केंद्र में कांग्रेस की सरकार थी, तब यही बीजेपी ईवीएम के खिलाफ किताबें लिखती थी और इसे अविश्वसनीय बताती थी, लेकिन सत्ता में आने के बाद अब वह उसी व्यवस्था पर अड़ी हुई है।
चुनाव आयोग से भ्रांतियां दूर करने की अपील, बैलेट पेपर से ही बचेगी लोकतंत्र की साख
मायावती ने चुनाव आयोग से आग्रह किया कि मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) और चुनावी प्रक्रियाओं को लेकर विपक्ष और जनता के बीच फैली तमाम भ्रांतियों को समय रहते दूर किया जाए, ताकि निर्वाचन प्रणाली में आम नागरिक का भरोसा डिगे नहीं। उन्होंने कहा कि दबे-कुचले, कमजोर और पिछड़े वर्ग के मतदाताओं में यह आशंका घर कर रही है कि उनके मतों की सही गिनती नहीं हो रही है, जिससे उनके अंदर मतदान के प्रति निराशा पैदा हो रही है। बसपा प्रमुख ने दो टूक कहा कि स्वतंत्र, निष्पक्ष और पारदर्शी चुनाव कराने का एकमात्र रास्ता यही है कि ईवीएम व्यवस्था को तत्काल बंद कर मतपत्रों (Ballot Paper) के जरिए मतदान कराया जाए, जिससे देश में लोकतंत्र की जड़ों को सुरक्षित रखा जा सके।