'टोटी चोर चोरी करते रहेंगे, नुकसान गांव का होगा': सीएम योगी का अखिलेश पर तीखा तंज

'टोटी चोर चोरी करते रहेंगे, नुकसान गांव का होगा': सीएम योगी का अखिलेश पर तीखा तंज

उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में रोजगार और विकास को लेकर आयोजित एक भव्य सरकारी कार्यक्रम में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने विपक्षी दलों, खासकर समाजवादी पार्टी पर अब तक का सबसे तीखा हमला बोला है। लखनऊ में 1,375 नवचयनित ग्राम पंचायत अधिकारियों को नियुक्ति पत्र वितरित करते हुए मुख्यमंत्री ने बिना किसी का नाम लिए 'टोटी चोर' वाला बहुचर्चित तंज कसा। उन्होंने कहा कि हर घर नल योजना के तहत जब गांव-गांव पाइपलाइन पहुंच रही है, तो गांव के युवाओं को प्लंबर का प्रशिक्षण देना जरूरी है ताकि कोई टोटी चुराकर भागे तो तुरंत मरम्मत हो सके, वरना 'टोटी चोर' चोरी करते रहेंगे और गांव का पानी बर्बाद होता रहेगा। मुख्यमंत्री के इस बयान के बाद प्रदेश के सियासी गलियारों में एक बार फिर तीखी नोकझोंक शुरू हो गई है।

1375 ग्राम पंचायत अधिकारियों को मिले नियुक्ति पत्र, युवाओं में भारी उत्साह

राजधानी में आयोजित नियुक्ति पत्र वितरण समारोह के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पंचायती राज विभाग में निष्पक्ष और पारदर्शी चयन प्रक्रिया के जरिए चुने गए 1,375 ग्राम पंचायत अधिकारियों को उनके ज्वाइनिंग लेटर सौंपे। इस अवसर पर पंचायती राज मंत्री ओम प्रकाश राजभर सहित शासन के तमाम वरिष्ठ अधिकारी भी मंच पर मौजूद रहे। मुख्यमंत्री ने चयनित युवाओं और उनके परिजनों को बधाई देते हुए कहा कि नियुक्ति पत्र भले ही एक अभ्यर्थी के हाथ में जाता है, लेकिन उससे जुड़े पूरे परिवार, गांव और समाज में एक नई उम्मीद और खुशहाली का संचार होता है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे गांवों में जाकर शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं को अंतिम पंक्ति के व्यक्ति तक पहुंचाने के लिए पूरी ईमानदारी, तत्परता और संवेदनशीलता से कार्य करें।

टोटी चोर चोरी करते रहेंगे और पानी बहता रहेगा: सीएम का तंज

भाषण के दौरान मुख्यमंत्री ने ग्रामीण क्षेत्रों में स्वच्छ पेयजल और स्वास्थ्य सुधार के लिए चलाई जा रही 'जल जीवन मिशन' और 'हर घर नल योजना' का विस्तार से जिक्र किया। उन्होंने कहा कि गांवों में मुख्य रूप से बीमारियों के दो बड़े कारण होते थे—पहला गंदगी और दूसरा शुद्ध पेयजल का अभाव। स्वच्छ भारत मिशन ने गंदगी को समाप्त किया और अब हर घर नल योजना शुद्ध पानी देकर बीमारियों पर विराम लगा रही है। इसी संदर्भ में उन्होंने पूर्व की सपा सरकार के कार्यकाल पर चुटकी लेते हुए कहा, "हर घर नल योजना होगी तो गांव के किसी नौजवान को प्लंबर बनाकर उसे ट्रेंड कर सकेंगे। कहीं पाइप टूटा तो पानी बहता न रहे। कोई टोटी चोरी करके चला गया तो फिर क्या होगा? कम से कम प्लंबर उसकी मरम्मत कर सके। वरना टोटी चोर टोटी चोरी करते रहेंगे और पानी गिरता रहेगा। ऐसे में क्षति पूरे गांव की होगी।"

अखिलेश कहते थे नौकरी नहीं मिल रही, अब वे सिर्फ गिनते रहें

सपा प्रमुख अखिलेश यादव द्वारा सरकारी भर्तियों पर उठाए जा रहे सवालों का सीधा जवाब देते हुए सीएम योगी ने मंच से दो टूक संदेश दिया। मुख्यमंत्री ने कहा, "सपा के अध्यक्ष लगातार कह रहे थे कि नियुक्ति पत्र वितरित नहीं हो रहे हैं। मैंने कहा कि आप चिंता मत करिए, हमारी सरकार हर सप्ताह एक नियुक्ति पत्र वितरण कार्यक्रम जरूर आयोजित करेगी। अकेले सितंबर माह में यह मेरा चौथा नियुक्ति पत्र वितरण कार्यक्रम है। इसके बाद अक्टूबर के पहले हफ्ते से भी यह सिलसिला लगातार यूं ही जारी रहेगा।" उन्होंने तंज कसते हुए आगे कहा, "हम पारदर्शी तरीके से युवाओं को नौकरियां और नियुक्ति पत्र बांटते रहेंगे और मैं विपक्ष से कहूंगा कि वे केवल बैठकर नियुक्तियों की गिनती करते रहें।"

2017 से पहले माफिया की समानांतर सरकार थी, अब बिना भेदभाव राशन

मुख्यमंत्री ने 2017 से पहले के उत्तर प्रदेश और वर्तमान हालात की तुलना करते हुए पिछली सरकारों की कार्यशैली को कटघरे में खड़ा किया। उन्होंने कहा कि 2017 से पहले प्रदेश में पूरी तरह अराजकता का माहौल था, हर जिले में माफिया सक्रिय थे और माफियाओं की समानांतर सरकारें चला करती थीं। न आम नागरिक सुरक्षित था, न ही व्यापारियों की संपत्ति। आज उत्तर प्रदेश दंगा मुक्त, कर्फ्यू मुक्त और माफिया के खौफ से पूरी तरह मुक्त हो चुका है। उन्होंने कहा कि आज प्रदेश के 16 करोड़ जरूरतमंदों को बिना किसी का चेहरा या जाति देखे पूरी निष्पक्षता से मुफ्त राशन मिल रहा है, जो यह साबित करता है कि मौजूदा व्यवस्था में हकदार को उसका हक सीधे मिल रहा है।

रंग बदलने वाले गिरगिटों से सावधान रहने की जरूरत

सीएम योगी ने अपने संबोधन के समापन में युवाओं और जनता को विपक्ष के नए राजनीतिक नारों से आगाह किया। उन्होंने कहा कि जिन लोगों ने अपने शासनकाल में उत्तर प्रदेश के युवाओं की पहचान का संकट खड़ा किया था, जिन लोगों ने प्रतियोगी छात्रों और नौजवानों के हक पर डकैती डाली थी और दलितों-वंचितों को सरकारी योजनाओं से दूर रखा था, वे आज गिरगिट की तरह रंग बदलते हुए नए-नए स्लोगन और रूप धरकर सामने आ रहे हैं। उन्होंने जनता को सचेत करते हुए कहा कि ऐसे गिरगिटों से पूरी तरह सावधान रहने की जरूरत है, क्योंकि ये समाज में नए-नए शिगूफे छोड़कर केवल भ्रम पैदा करना चाहते हैं ताकि राज्य को एक बार फिर उसी पुरानी अराजकता, भाई-भतीजावाद और भ्रष्टाचार के दलदल में धकेला जा सके।