गोरखधाम एक्सप्रेस के जनरल कोच में औचक निरीक्षण करने पहुंचे पूर्वोत्तर रेलवे के GM

गोरखधाम एक्सप्रेस के जनरल कोच में औचक निरीक्षण करने पहुंचे पूर्वोत्तर रेलवे के GM

पूर्वोत्तर रेलवे (NER) के मुख्यालय गोरखपुर में उस समय रेल महकमे के आला अफसरों के हाथ-पांव फूल गए, जब रेलवे के महाप्रबंधक (GM) बिना किसी पूर्व प्रोटोकॉल और तामझाम के वीआईपी सैलून छोड़कर सीधे गोरखधाम सुपरफास्ट एक्सप्रेस के जनरल कोच (द्वितीय श्रेणी अनारक्षित डिब्बे) में दाखिल हो गए। आमतौर पर शीर्ष अधिकारियों के निरीक्षण वातानुकूलित (AC) कोचों या प्लेटफॉर्मों के वीआईपी लाउंज तक सीमित रहते हैं, लेकिन जीएम के इस औचक कदम ने स्टेशन से लेकर जोनल मुख्यालय तक हड़कंप मचा दिया।

अधिकारियों और कर्मचारियों को जैसे ही सूचना मिली कि महाप्रबंधक खुद जनरल बोगी में मौजूद यात्रियों के बीच खड़े होकर व्यवस्थाएं देख रहे हैं, स्टेशन डायरेक्टर, आरपीएफ कमांडेंट, वाणिज्य और यांत्रिक विभाग के संबंधित अधिकारी दौड़ते-भागते मौके पर पहुंचे।

यात्रियों के बीच पहुंचे जीएम: सीधे पूछा- 'पानी मिल रहा है, चार्जिंग पॉइंट चालू हैं?'

गोरखधाम एक्सप्रेस (गोरखपुर से बठिंडा/हिसार) पूर्वांचल से दिल्ली और हरियाणा जाने वाली सबसे महत्वपूर्ण और अत्यधिक भीड़भाड़ वाली ट्रेनों में से एक है। इसके जनरल कोचों में पैर रखने तक की जगह नहीं होती। महाप्रबंधक ने बोगी के अंदर पहुंचकर वहां सफर कर रहे आम यात्रियों से सीधा संवाद स्थापित किया।

जीएम ने यात्रियों से पूछा कि क्या उन्हें टिकट लेने में कोई असुविधा हुई? डिब्बे में पंखे, मोबाइल चार्जिंग पॉइंट्स और लाइट ठीक से काम कर रहे हैं या नहीं? यात्रियों ने जहां कई डिब्बों में सफाई व्यवस्था पर संतोष जताया, वहीं कुछ ने यात्रा के दौरान टॉयलेट्स में पानी खत्म होने और ऑन-बोर्ड हाउसकीपिंग सर्विसेज (OBHS) की अनियमितता की शिकायत सीधे महाप्रबंधक से की।

शौचालयों की गंदगी और ओवरचार्जिंग पर अफसरों को लगी फटकार

निरीक्षण के दौरान महाप्रबंधक ने खुद जनरल कोच के शौचालयों की स्थिति, वॉशबेसिन के नलों और बोगी के गलियारे की साफ-सफाई का बारीकी से मुआयना किया। कई स्थानों पर पानी का दबाव कम मिलने और डस्टबिन ओवरफ्लो होने पर उन्होंने साथ मौजूद मैकेनिकल और हाउसकीपिंग विंग के अधिकारियों को कड़ी फटकार लगाई।

इसके अलावा, प्लेटफॉर्म पर पैंट्री कार और स्टॉल वेंडर्स द्वारा यात्रियों से एमआरपी से अधिक दाम (ओवरचार्जिंग) वसूलने की शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए कमर्शियल विभाग को औचक छापेमारी करने और दोषी वेंडर्स के लाइसेंस निरस्त करने के सख्त निर्देश दिए।

औचक निरीक्षण के प्रमुख निर्देश और एक्शन पॉइंट्स:

  • जनरल बोगियों में पानी की निर्बाध आपूर्ति: ट्रेन के रवाना होने से पहले हर कोच के ओवरहेड वॉटर टैंक को 100% भरने की पुष्टि की जाए।

  • भीड़ नियंत्रण और सुरक्षा: जनरल कोचों में अनाधिकृत प्रवेश रोकने और महिला यात्रियों की सुरक्षा के लिए आरपीएफ (RPF) के जवानों की नियमित गश्त सुनिश्चित हो।

  • क्लीन ट्रेन स्टेशन (CTS) व्यवस्था: मार्ग में पड़ने वाले प्रमुख हॉल्ट स्टेशनों पर त्वरित सफाई प्रणाली को कड़ाई से लागू किया जाए।

  • ट्रेनों की समयबद्धता: गोरखधाम जैसी प्राथमिक सुपरफास्ट ट्रेन के समय पालन (Punctuality) में किसी भी प्रकार की तकनीकी लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

कैडर में संदेश: 'कागजी रिपोर्ट नहीं, जमीनी हकीकत ही पैमाना'

पूर्वोत्तर रेलवे में त्योहारों और छठ-दीवाली के आगामी दबाव को देखते हुए महाप्रबंधक का यह औचक निरीक्षण एक कड़ा संदेश माना जा रहा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि रेलवे का असली चेहरा जनरल और स्लीपर क्लास के यात्री हैं, इसलिए अधिकारियों को केवल फाइलों और वीआईपी दौरों पर निर्भर रहने के बजाय जमीनी स्तर पर यात्रियों की बुनियादी सुविधाओं की निगरानी करनी होगी।

जीएम के इस कदम के बाद पूर्वोत्तर रेलवे के सभी मंडलों (वाराणसी, लखनऊ और इज्जतनगर) में स्टेशन अधीक्षकों और तकनीकी टीमों ने ट्रेनों के जनरल डिब्बों की जांच तेज कर दी है।