राम मंदिर चढ़ावा चोरी कांड: सुप्रीम कोर्ट को अंतरिम रिपोर्ट सौंपेगी SIT, अंतिम रिपोर्ट के लिए सरकार मांग सकती है और समय
अयोध्या के ऐतिहासिक श्रीराम जन्मभूमि मंदिर में चढ़ावे की धनराशि के गबन और चोरी के मामले में एक बड़ा अपडेट सामने आया है। इस हाई-प्रोफाइल मामले की जांच के लिए गठित विशेष जांच दल (SIT) आगामी सोमवार (20 जुलाई) को देश की शीर्ष अदालत (Supreme Court) के समक्ष अपनी अंतरिम जांच रिपोर्ट प्रस्तुत कर सकती है। इस रिपोर्ट के जरिए राज्य सरकार सुप्रीम कोर्ट को अब तक की जांच की प्रगति और वर्तमान स्थिति से अवगत कराएगी। सूत्रों के मुताबिक, एसआईटी ने अपनी विस्तृत जांच लगभग पूरी कर ली है और रिपोर्ट का मसौदा भी तैयार है, लेकिन अंतिम रिपोर्ट को औपचारिक रूप से दाखिल करने के लिए अदालत से कुछ और समय मांगा जा सकता है।
लापरवाह अधिकारियों पर गाज गिरना तय, सुरक्षा व्यवस्था में होंगे बड़े बदलाव
शासन से जुड़े सूत्रों के अनुसार, 20 जुलाई को सुप्रीम कोर्ट में अंतरिम रिपोर्ट पेश किए जाने के बाद ही एसआईटी अपनी अंतिम रिपोर्ट आधिकारिक रूप से राज्य सरकार को सौंपेगी। इस रिपोर्ट में मंदिर प्रशासन की सुरक्षा और ऑडिट व्यवस्था को लेकर कई कड़े कदम उठाने की सिफारिश की गई है। एसआईटी की इस रिपोर्ट में लापरवाही बरतने वाले जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ सख्त विभागीय कार्रवाई, सुरक्षा मानकों में सुधार, सीसीटीवी (CCTV) निगरानी को और चुस्त-दुरुस्त करने तथा चढ़ावे के प्रबंधन और ऑडिटिंग को पूरी तरह पारदर्शी बनाने के लिए व्यापक प्रशासनिक बदलावों का खाका तैयार किया गया है।
तीन सदस्यीय उच्चस्तरीय समिति कर रही है मामले की पड़ताल
श्रीराम जन्मभूमि मंदिर में श्रद्धालुओं द्वारा चढ़ाए गए नकद दान की गणना के दौरान हुए गबन के गंभीर आरोपों को देखते हुए शासन ने बीते 13 जून को तीन सदस्यीय विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया था। इस उच्चस्तरीय समिति में लखनऊ के मंडलायुक्त विजय विश्वास पंत, लखनऊ रेंज की आईजी किरण एस. और विशेष सचिव वित्त नील रतन शामिल हैं। समिति को शुरुआत में 15 जुलाई तक का समय दिया गया था, जिसके दौरान एसआईटी ने न केवल चोरी बल्कि मंदिर की पूरी व्यवस्थागत और प्रशासनिक खामियों का भी विस्तृत विश्लेषण किया है कि आखिर किन कमियों की वजह से इतनी बड़ी चोरी को अंजाम दिया जा सका।
प्रारंभिक रिपोर्ट के आधार पर जेल में हैं 8 आरोपी
एसआईटी ने इससे पहले 23 जून को अपनी प्रारंभिक रिपोर्ट राज्य सरकार को सौंपी थी, जिसके आधार पर अयोध्या पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए 25 जून को 8 मुख्य आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया था। इन आरोपियों में राम शंकर यादव उर्फ टिन्नू, सुभाष चंद्र श्रीवास्तव, मनीष यादव, अविनाश शुक्ला, अनुकल्प मिश्रा, लवकुश मिश्रा, करुणेश पांडेय और रामाशंकर मिश्रा शामिल हैं, जो फिलहाल न्यायिक अभिरक्षा में जेल में बंद हैं।
दूसरी ओर, अयोध्या पुलिस भी अपनी समानांतर जांच को तेजी से आगे बढ़ा रही है। हाल ही में आरोपियों को पुलिस रिमांड पर लेकर पूछताछ की गई है, जिससे चोरी के धन के स्रोत और उसके उपयोग की महत्वपूर्ण कड़ियां हाथ लगी हैं। पुलिस ने अब तक भारी मात्रा में नकदी, सोना, वाहन और निवेश से जुड़े दस्तावेज बरामद किए हैं, साथ ही गिरोह से जुड़े कई संदिग्ध बैंक खातों को भी फ्रीज कर दिया है।