भट्ठी की तरह तपने लगा यूपी बांदा में पारा 47 डिग्री पार, प्रयागराज-झांसी में आसमान से बरसी आग
उत्तर प्रदेश में इन दिनों सूरज देवता का रौद्र रूप देखने को मिल रहा है और पूरी रियासत भीषण गर्मी की चपेट में है। हालात ऐसे हो गए हैं कि यूपी के अधिकांश जिले इस समय किसी जलती हुई भट्ठी की तरह तपने लगे हैं। बुंदेलखंड के बांदा जिले में तो गर्मी ने सारे रिकॉर्ड ध्वस्त कर दिए हैं, जहां पारा 47 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच चुका है। बांदा के अलावा प्रयागराज, झांसी और वाराणसी जैसे बड़े शहरों में भी स्थिति बेहद चिंताजनक बनी हुई है। मौसम विभाग (IMD) ने भीषण गर्मी और हीटवेव (लू) को लेकर कड़ा अलर्ट जारी किया है।
बांदा बना यूपी का सबसे गर्म शहर, प्रयागराज में भी रिकॉर्डतोड़ तपिश
मौसम विभाग द्वारा जारी ताजा आंकड़ों के अनुसार, बांदा इस सीजन में उत्तर प्रदेश का सबसे गर्म इलाका दर्ज किया गया है, जहां अधिकतम तापमान 47 डिग्री सेल्सियस के जादुई और खतरनाक आंकड़े को पार कर गया। इसके ठीक बाद संगम नगरी प्रयागराज का नंबर रहा, जहां का अधिकतम तापमान 46.2 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। वहीं झांसी में भी सूरज की तपिश ने लोगों का जीना मुहाल कर दिया है, जहां पारा 45.4 डिग्री सेल्सियस तक जा पहुंचा। इसके अलावा वाराणसी बीएचयू में 44.8, आगरा और फुरसतगंज में 43.8, और राजधानी लखनऊ में तापमान 42.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया है।
बच्चों, बुजुर्गों और मजदूरों के लिए हीट स्ट्रोक का बड़ा खतरा
मौसम वैज्ञानिकों ने चेतावनी जारी करते हुए कहा है कि यह प्रचंड गर्मी आम लोगों के लिए तो असहनीय है ही, लेकिन छोटे बच्चों, बुजुर्गों और पहले से किसी गंभीर बीमारी से पीड़ित मरीजों के लिए यह बेहद जानलेवा साबित हो सकती है। इस जानलेवा धूप में सबसे ज्यादा खतरा खेतों में काम करने वाले किसानों, दिहाड़ी मजदूरों, खनन और औद्योगिक श्रमिकों को है, जिन्हें मजबूरी में खुली धूप में काम करना पड़ता है। इन लोगों में डिहाइड्रेशन (शरीर में पानी की कमी) और हीट स्ट्रोक (लू लगना) का खतरा सबसे अधिक देखा जा रहा है।
दोपहर 11 से 3 बजे तक बाहर निकलने पर पाबंदी जैसी सलाह
बढ़ते खतरे को देखते हुए मौसम विभाग ने आम नागरिकों के लिए एक बेहद जरूरी गाइडलाइन जारी की है। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि सुबह 11 बजे से दोपहर 3 बजे के बीच जब तक कोई बहुत जरूरी काम न हो, तब तक घरों से बाहर बिल्कुल न निकलें। धूप में निकलने पर हल्के रंग के ढीले सूती कपड़े पहनने और सिर को तौलिया, टोपी या छाते से ढककर रखने की हिदायत दी गई है।
चाय-कॉफी और शराब से दूरी बनाने की डॉक्टरों की चेतावनी
स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार, इस मौसम में शरीर को लगातार हाइड्रेटेड रखना सबसे जरूरी है। इसके लिए ओआरएस (ORS) का घोल, घर की बनी लस्सी, छाछ, नींबू पानी, आम का पन्ना और नारियल पानी जैसे तरल पदार्थों का अधिक से अधिक सेवन करना चाहिए। डॉक्टरों ने कड़े शब्दों में चेतावनी दी है कि तेज गर्मी के दौरान शराब, चाय, कॉफी और कार्बोनेटेड सॉफ्ट ड्रिंक्स पीने से बचना चाहिए, क्योंकि ये चीजें शरीर के भीतर पानी की कमी को और ज्यादा बढ़ा देती हैं। इसके साथ ही भारी, तैलीय और बासी भोजन न करने की भी सलाह दी गई है।