गोरखपुर श्मशान घाट पर गुंबद ढहने से दो वकीलों की मौत: पत्नी ने सीएमओ समेत स्वास्थ्यकर्मियों पर दर्ज कराई FIR, सीएम योगी ने किया मुआवजे का ऐलान

गोरखपुर श्मशान घाट पर गुंबद ढहने से दो वकीलों की मौत: पत्नी ने सीएमओ समेत स्वास्थ्यकर्मियों पर दर्ज कराई FIR, सीएम योगी ने किया मुआवजे का ऐलान

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के गृह जनपद गोरखपुर से एक दर्दनाक और व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करने वाला हादसा सामने आया है। शहर के राप्ती तट स्थित राजघाट के गुरु श्री गोरक्षनाथ श्मशान घाट पर रविवार को अंतिम संस्कार के दौरान अचानक लाल पत्थर से बना एक विशाल गुंबदनुमा चबूतरा भरभराकर गिर गया। इस मलबे के नीचे दबने से वहां मौजूद दो वरिष्ठ अधिवक्ताओं की मौत हो गई। घटना के बाद जिला अस्पताल में एंबुलेंस न मिलने और इलाज में कथित लापरवाही को लेकर साथी वकीलों ने करीब साढ़े चार घंटे तक जमकर हंगामा और नारेबाजी की। मामले में मृतक अधिवक्ता की पत्नी की तहरीर पर जिले के मुख्य चिकित्सा अधिकारी (CMO) और स्वास्थ्यकर्मियों के खिलाफ कोतवाली थाने में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। वहीं, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने हादसे का तुरंत संज्ञान लेते हुए मृतकों के परिजनों को चार-चार लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने का ऐलान किया है।

अंतिम संस्कार में शामिल होने गए थे दोनों वकील, मलबे में दबे

जानकारी के अनुसार, साथी अधिवक्ता विनोद तिवारी की मां के निधन के बाद रविवार को राजघाट पर उनका अंतिम संस्कार चल रहा था। इसमें शामिल होने के लिए राप्तीनगर निवासी अधिवक्ता आलोक अस्थाना और शक्तिनगर कॉलोनी निवासी अधिवक्ता संजय सिंह भी घाट पहुंचे थे। इसी दौरान तेज बारिश शुरू हो गई, जिससे बचने के लिए दोनों अधिवक्ता पास में बने गुंबदनुमा चबूतरे के नीचे बैठ गए।

सुबह करीब 11:30 बजे अचानक वह भारी-भरकम गुंबद भरभराकर गिर पड़ा और दोनों वकील उसके मलबे में बुरी तरह दब गए। मौके पर मौजूद लोगों और नगर निगम के स्वच्छता कर्मियों ने मलबा हटाकर दोनों को बाहर निकाला। गंभीर रूप से घायल आलोक अस्थाना को जिला अस्पताल ले जाते समय रास्ते में दम तोड़ना पड़ा, जबकि गंभीर रूप से घायल संजय सिंह ने भी देर शाम मेडिकल कॉलेज में इलाज के दौरान दम तोड़ दिया।

एंबुलेंस समय से न मिलने का आरोप, पत्नी ने सीएमओ पर दर्ज कराया केस

हादसे के बाद घाट पर मौजूद लोगों और साथी वकीलों ने आरोप लगाया कि बार-बार 108 नंबर पर सूचना देने के बावजूद काफी देर तक एंबुलेंस मौके पर नहीं पहुंची। इसके बाद मजबूरन घायलों को मैजिक और ऑटो के जरिए जिला अस्पताल भिजवाना पड़ा।

जिला अस्पताल पहुंचने पर वकीलों ने बदहाली और समुचित उपचार न मिलने का आरोप लगाते हुए भारी हंगामा शुरू कर दिया। साथी की मौत से आक्रोशित वकीलों ने अस्पताल परिसर में करीब साढ़े चार घंटे तक प्रदर्शन किया। इसके बाद मृतक अधिवक्ता आलोक अस्थाना की पत्नी की तहरीर पर पुलिस ने कोतवाली थाने में स्वास्थ्यकर्मियों के साथ-साथ गोरखपुर के सीएमओ डॉ. राजेश झा के खिलाफ भी विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया। हालांकि, सीएमओ ने अपने ऊपर लगे आरोपों को बेबुनियाद बताते हुए कहा कि सूचना मिलते ही वे मौके पर पहुंचे थे और एंबुलेंस के कॉल रिस्पॉन्स टाइम की जांच करवाई जा रही है।

सीएम योगी ने जताया दुख, 4-4 लाख के मुआवजे का ऐलान

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गोरखपुर में हुए इस दुखद हादसे पर गहरा शोक व्यक्त किया है। उन्होंने दिवंगत अधिवक्ताओं की आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना करते हुए शोक संतप्त परिजनों के प्रति संवेदना जताई।

सीएम योगी ने जिला प्रशासन को निर्देश देते हुए पीड़ित परिवारों को चार-चार लाख रुपये की तत्काल आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने की घोषणा की है। मुख्यमंत्री कार्यालय की ओर से यह भी स्पष्ट किया गया कि यदि जरूरत पड़ी, तो मुख्यमंत्री राहत कोष से भी पीड़ित परिजनों को अतिरिक्त वित्तीय मदद मुहैया कराई जाएगी।

28 करोड़ की लागत से हुआ था सुंदरीकरण, डीएम ने दिए जांच के आदेश

इस हादसे ने घाट निर्माण और सुंदरीकरण की गुणवत्ता पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं। उल्लेखनीय है कि वर्ष 2019 में गुरु गोरक्षनाथ घाट के सुंदरीकरण का प्रस्ताव मंजूर हुआ था और करीब 27 करोड़ 85 लाख रुपये की भारी लागत से इसका कायाकल्प कराया गया था।

हादसे के कारणों पर प्राथमिक जांच में आकाशीय बिजली गिरने से स्लैब टूटने की बात कही जा रही है, लेकिन विपक्षी दलों और वकीलों ने इसे घटिया निर्माण और भ्रष्टाचार का नतीजा बताया है। मामले की गंभीरता को देखते हुए जिलाधिकारी दीपक मीणा ने घटनास्थल का निरीक्षण कर गुंबद की तकनीकी संरचना और एंबुलेंस के रिस्पॉन्स टाइम की विस्तृत मजिस्ट्रियल जांच के निर्देश दे दिए हैं। प्रशासन ने घाट परिसर में बनी अन्य सभी गुंबदनुमा संरचनाओं की मजबूती और सुरक्षा जांचने के आदेश भी जारी किए हैं।

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