अयोध्या राम मंदिर में वीआईपी दर्शन पास व्यवस्था ठप: 1500 के कोटे में 150 पास भी नहीं हो रहे जारी, चंपत राय के इस्तीफे और आईडी बंद होने से श्रद्धालु परेशान; जानें क्या है नया नियम

अयोध्या राम मंदिर में वीआईपी दर्शन पास व्यवस्था ठप: 1500 के कोटे में 150 पास भी नहीं हो रहे जारी, चंपत राय के इस्तीफे और आईडी बंद होने से श्रद्धालु परेशान; जानें क्या है नया नियम

अयोध्या। श्रीराम जन्मभूमि मंदिर में दान चोरी के चर्चित मामले के बाद प्रबंधन संभाल रहे 'श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट' में भारी प्रशासनिक उथल-पुथल मची हुई है। ट्रस्ट के पूर्व महासचिव चंपत राय, डॉ. अनिल मिश्रा और गोपाल राव के प्रबंधन से बाहर होने के बाद मंदिर की वीआईपी और सुगम दर्शन पास व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है। आलम यह है कि मंदिर में रोजाना 1500 वीआईपी और सुगम दर्शन पास जारी करने का कोटा तय है, लेकिन वर्तमान में इसका 10 प्रतिशत यानी 150 पास भी जारी नहीं हो पा रहे हैं। इस स्थिति के कारण दूर-दराज से आने वाले विशिष्ट अतिथि और श्रद्धालु कभी सुग्रीव किला स्थित तीर्थ यात्री सेवा केंद्र तो कभी रामकोट के तीर्थ क्षेत्र कार्यालय के चक्कर काटने को मजबूर हैं।

आईडी बंद होने से ठप हुआ पास रेफरेंस सिस्टम

राम मंदिर में पास व्यवस्था के प्रभारी नरेंद्र के अनुसार, पूर्व महासचिव चंपत राय, डॉ. अनिल मिश्रा और गोपाल राव की आधिकारिक सॉफ्टवेयर आईडी पूरी तरह बंद कर दी गई है। पहले इन तीनों अधिकारियों से करीब 40 कार्यकर्ताओं की एक समर्पित टीम जुड़ी हुई थी, जो अलग-अलग रेफरेंस पर पास के आवेदन प्रोसेस करती थी। अयोध्या के स्थानीय व्यापारी, प्रशासनिक अधिकारी, मीडियाकर्मी और अन्य विशिष्ट लोग इन्हीं के संदर्भ से पास बनवाते थे। अब इन तीनों के इस्तीफे और आईडी ब्लॉक होने से उनके रेफरेंस पर पास बनना पूरी तरह बंद हो चुका है।

नए अंतरिम महासचिव की आईडी का इंतजार

चंपत राय के हटने के बाद कृष्ण मोहन को राम मंदिर ट्रस्ट का अंतरिम महासचिव बनाया गया है। हालांकि, नए अंतरिम महासचिव कृष्ण मोहन, ट्रस्टी व निर्मोही अखाड़ा महंत दिनेंद्र दास या किसी अन्य वर्तमान ट्रस्टी के नाम से अभी तक नई सॉफ्टवेयर आईडी जारी नहीं की गई है। इसके लिए आधिकारिक आदेश जारी होने के बाद ही साफ्टवेयर में नई आईडी फीड की जाएगी। वर्तमान में कुछ सीमित पास सीआरपीएफ (CRPF) और विशेष सुरक्षा बल (SSF) के अधिकृत अधिकारियों के माध्यम से जारी किए जा रहे हैं, लेकिन उनकी संख्या मांग के मुकाबले बेहद कम है।

ऑन-द-स्पॉट और ऑनलाइन पास के वर्तमान नियम

प्रशासनिक बदलावों के बीच सामान्य श्रद्धालुओं के लिए कुछ व्यवस्थाएं बिना रुकावट चल रही हैं:

  • तत्काल पास सुविधा: 65 वर्ष से अधिक उम्र के बुजुर्गों और उनके एक अटेंडेंट के लिए तत्काल काउंटर पर तुरंत पास बनाया जा रहा है। इसके साथ ही गोद में छोटे बच्चे होने की दशा में माता-पिता का ऑन-द-स्पॉट पास बन रहा है।

  • ऑनलाइन सुगम दर्शन पास: श्रद्धालु मंदिर की आधिकारिक वेबसाइट से दर्शन की तारीख से 15 दिन पहले खुद ऑनलाइन पास बुक कर सकते हैं। इसके लिए फोटो और सभी दर्शनार्थियों की आईडी देना अनिवार्य है।

  • वीआईपी बनाम सामान्य पास कोटा: विशिष्ट व वीआईपी दर्शन पास में एक आईडी पर अधिकतम 8 दर्शनार्थियों के पास बनाए जा सकते हैं, जबकि सामान्य दर्शन पास में एक आईडी पर केवल 6 दर्शनार्थियों का पास बनता है।

  • 72 घंटे का नियम: यदि किसी श्रद्धालु का एक बार सामान्य दर्शन पास बन जाता है, तो वह अगले 72 घंटे तक दोबारा सामान्य दर्शन पास के लिए आवेदन नहीं कर सकता है।