यूपी में 48 घंटे बाद बदलेगा मौसम का मिजाज, 5 अक्टूबर से झमाझम बारिश के आसार; तेजी से लुढ़केगा रात का पारा
उत्तर प्रदेश में मानसून की विदाई की प्रक्रिया के बीच मौसम लगातार करवट बदल रहा है। पिछले कुछ दिनों से पूरे प्रदेश में तेज धूप निकलने से दिन के समय उमस और तपिश का असर महसूस किया जा रहा है। हालांकि, भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के ताज़ा पूर्वानुमान के अनुसार राज्यवासियों को जल्द ही उमस भरी गर्मी से बड़ी राहत मिलने वाली है। आगामी तीन दिनों के बाद प्रदेश के वायुमंडलीय पैटर्न में सक्रिय बदलाव देखने को मिलेगा, जिसके चलते पूर्वी उत्तर प्रदेश सहित कई जिलों में हल्की से मध्यम बारिश दर्ज की जा सकती है।
मौजूदा मौसमी परिस्थितियों का विश्लेषण करें तो उत्तर प्रदेश के ज्यादातर हिस्सों में 4 अक्टूबर तक आसमान पूरी तरह साफ रहने का अनुमान है। दिन में कड़ी धूप खिलने के कारण पारे में हल्की बढ़ोतरी दर्ज की जा रही है, लेकिन 5 अक्टूबर से हवाओं का रुख बदलते ही बादलों का डेरा जमना शुरू हो जाएगा। इस मौसमी बदलाव के असर से अधिकतम और न्यूनतम तापमान दोनों में गिरावट दर्ज होगी, जिसके चलते रातों में गुलाबी ठंडक का अहसास तेजी से बढ़ने लगेगा।
लखनऊ से पूर्वांचल और पश्चिमी यूपी तक: जानिए कैसा रहेगा आपके जिले का हाल
राज्य के अलग-अलग अंचलों में तापमान और मौसमी गतिविधियों में विविधता दर्ज की जा रही है। राजधानी लखनऊ, कानपुर, उन्नाव, बाराबंकी, अयोध्या और आसपास के तराई व मध्य इलाकों में शनिवार को दिन का अधिकतम तापमान 33 से 35 डिग्री सेल्सियस के आसपास बने रहने की संभावना है। वहीं पश्चिमी उत्तर प्रदेश के आगरा, मथुरा, अलीगढ़, झांसी और बुंदेलखंड के इलाकों में दोपहर के वक्त तापमान 35 डिग्री के पार दर्ज किया जा रहा है।
इसके विपरीत रात के तापमान में गिरावट का दौर शुरू हो चुका है। पश्चिमी यूपी के मुजफ्फरनगर, मेरठ, इटावा और सहारनपुर में न्यूनतम तापमान 21 से 22 डिग्री सेल्सियस तक आ चुका है। पूर्वी यूपी के हरदोई, बहराइच, गोरखपुर, वाराणसी और बस्ती जैसे जिलों में भी रात का पारा 20 से 22 डिग्री के आसपास रिकॉर्ड किया जा रहा है, जिससे देर रात और सुबह-सुबह हल्की ठंडक महसूस की जा रही है।
5 और 6 अक्टूबर को किन इलाकों में होगी बारिश और क्या है IMD का सटीक अलर्ट
मौसम विभाग के अनुसार 5 और 6 अक्टूबर को एक चक्रवाती परिसंचरण और नम पुरवाई हवाओं के प्रभाव से पूर्वी उत्तर प्रदेश के अधिकांश जिलों में हल्की से मध्यम दर्जे की वर्षा होने के पूरे आसार हैं। गोरखपुर, देवरिया, कुशीनगर, मऊ, बलिया, गाजीपुर, जौनपुर, प्रयागराज, मिर्जापुर और सोनभद्र के साथ-साथ तराई बेल्ट के श्रावस्ती, बलरामपुर, सिद्धार्थनगर और महाराजगंज में बौछारें पड़ने की संभावना जताई गई है। इसके साथ ही मध्य यूपी के लखनऊ, सीतापुर, हरदोई और रायबरेली में भी कहीं-कहीं बादल छाने और छिटपुट बारिश देखने को मिल सकती है।
राहत की बात यह है कि इस बारिश के दौरान किसी भी प्रकार की भारी तबाही या अतिवृष्टि की गंभीर चेतावनी नहीं है। 7 अक्टूबर से यह मौसमी तंत्र कमजोर पड़ने लगेगा और पश्चिमी विक्षोभ के आगे निकलने के बाद राज्य में बारिश का दौर थम जाएगा। 7 से 12 अक्टूबर के दौरान प्रदेशभर में मौसम दोबारा शुष्क होने की उम्मीद है, जिसके बाद उत्तर-पश्चिमी शुष्क हवाएं रात के पारे को और नीचे गिराएंगी।
किसानों और आम नागरिकों पर क्या पड़ेगा असर: धान की फसल के लिए संजीवनी
अक्टूबर की शुरुआत में होने वाली यह बारिश किसानों के लिए काफी अहम साबित हो सकती है। कृषि विशेषज्ञों के अनुसार, इस समय खेतों में धान की फसल बालियां निकलने और पकने की अवस्था में है। देर से बोई गई धान और गन्ने की फसलों को इस समय हल्की सिंचाई की सख्त आवश्यकता है। ऐसे में अगर 5 और 6 अक्टूबर को हल्की वर्षा होती है, तो यह फसलों के लिए संजीवनी का काम करेगी और दानों का भराव बेहतर होगा।
दूसरी तरफ, आम जनजीवन के नजरिए से देखें तो यह मौसम स्वास्थ्य के प्रति सतर्कता बरतने का है। दिन में तेज धूप और रात में गिरते पारे के कारण तापमान का अंतर (डाईयूरनल टेम्परेचर वेरिएशन) बढ़ रहा है। ऐसे बदलते मौसम में सर्दी, जुकाम, वायरल बुखार और मौसमी एलर्जी के मामलों में बढ़ोतरी हो सकती है। चिकित्सकों ने सुबह और देर रात के समय हल्के गर्म कपड़े उपयोग करने और खानपान में संतुलन बनाए रखने का सुझाव दिया है।
तापमान में गिरावट से शुरू होगी गुलाबी ठंड की दस्तक
अक्टूबर का पहला सप्ताह खत्म होते ही उत्तर प्रदेश में आधिकारिक तौर पर गुलाबी ठंड की शुरुआत मानी जा रही है। बारिश के बाद हवा में आर्द्रता और ठंडी पछुआ हवाओं का मेल तापमान को नियंत्रित रखेगा। मौसम विज्ञानियों का कहना है कि आने वाले दिनों में अधिकतम तापमान 29 से 30 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान लुढ़क कर 19 से 21 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच सकता है। इसके परिणामस्वरूप एयर कंडीशनर और पंखों की गति धीमी होने लगेगी और रातों में मौसम पूरी तरह सुहावना हो जाएगा।