जर्मनी में अपार्टमेंट में आग लगने से 3 भारतीयों की दर्दनाक मौत, हत्या के आरोप में पड़ोसी संदिग्ध गिरफ्तार

जर्मनी में अपार्टमेंट में आग लगने से 3 भारतीयों की दर्दनाक मौत, हत्या के आरोप में पड़ोसी संदिग्ध गिरफ्तार

जर्मनी के पश्चिमी राज्य नॉर्थ राइन-वेस्टफेलिया स्थित बोचुम शहर से एक रूह कंपा देने वाली घटना सामने आई है, जिसने भारत से लेकर यूरोप तक बसे भारतीय समुदाय को गहरे सदमे में डाल दिया है। शहर के एक आवासीय अपार्टमेंट में तड़के भीषण आग लगने के कारण तीन भारतीय नागरिकों की मौके पर ही जिंदा जलकर दर्दनाक मौत हो गई। शुरुआती जांच में जहां इसे एक सामान्य दुर्घटना माना जा रहा था, वहीं फॉरेंसिक साक्ष्यों और पुलिस तफ्तीश के बाद मामले ने चौंकाने वाला मोड़ ले लिया है। जर्मन अभियोजकों और पुलिस ने इसे सोची-समझी साजिश और आगजनी का मामला मानते हुए उसी इमारत में रहने वाले एक संदिग्ध व्यक्ति को हत्या के आरोप में गिरफ्तार कर लिया है।

आधी रात को भड़की आग, ऊपरी मंजिल पर फंसे रह गए भारतीय

स्थानीय आपातकालीन सेवाओं और दमकल विभाग के अनुसार, आग इमारत के निचले हिस्से से शुरू हुई और चंद ही मिनटों में सीढ़ियों के जरिए पूरी इमारत में फैल गई। लकड़ी और पुराने ढांचे के कारण आग की लपटों ने देखते ही देखते विकराल रूप धारण कर लिया और जहरीला धुआं कमरों में भर गया। ऊपरी मंजिल पर मौजूद भारतीय नागरिक आग की भयंकर तपिश और धुएं के बीच बाहर निकलने का रास्ता नहीं ढूंढ पाए और कमरे में ही घिर गए। जब तक फायर ब्रिगेड की गाड़ियां मौके पर पहुंचीं और लपटों पर काबू पाया गया, तब तक तीनों लोग दम घुटने और झुलसने के कारण अपनी जान गंवा चुके थे। घटना में कुछ अन्य निवासियों को भी धुएं से सांस लेने में तकलीफ के चलते अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

साजिश की आशंका पर संदिग्ध गिरफ्तार, हत्या की धाराओं में केस दर्ज

घटनास्थल की तकनीकी और फॉरेंसिक जांच के दौरान पुलिस को ऐसे सबूत मिले जिससे यह स्पष्ट हुआ कि आग प्राकृतिक या शॉर्ट सर्किट की वजह से नहीं, बल्कि किसी ज्वलनशील पदार्थ के इस्तेमाल से जानबूझकर लगाई गई थी। इसके तुरंत बाद स्थानीय पुलिस ने इलाके की घेराबंदी कर एक संदिग्ध व्यक्ति को हिरासत में ले लिया। अभियोजन पक्ष के अनुसार, गिरफ्तार किया गया व्यक्ति उसी इमारत का पूर्व या मौजूदा निवासी बताया जा रहा है, जिसका अपार्टमेंट के कुछ लोगों के साथ पुराना विवाद चल रहा था। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ तिहरे हत्याकांड (ट्रिपल मर्डर) और गंभीर आगजनी के तहत आपराधिक मामला दर्ज कर पूछताछ शुरू कर दी है ताकि वारदात के वास्तविक मकसद का पता लगाया जा सके।

भारतीय दूतावास सक्रिय, शवों की पहचान और परिजनों से संपर्क की प्रक्रिया तेज

इस दुखद घटना की सूचना मिलते ही जर्मनी स्थित भारतीय दूतावास और महावाणिज्य दूतावास पूरी तरह सक्रिय हो गए हैं। भारतीय राजनयिकों ने स्थानीय जर्मन पुलिस और जांच एजेंसियों से संपर्क साधकर पूरे घटनाक्रम की निष्पक्ष और त्वरित जांच की मांग की है। दूतावास के अधिकारियों ने बताया कि मृतकों की शिनाख्त की आधिकारिक प्रक्रिया पूरी की जा रही है और भारत में उनके शोकाकुल परिवारों से संपर्क साधा जा रहा है। इसके साथ ही कानूनी और प्रशासनिक औपचारिकताओं को पूरा कर पार्थिव शरीरों को जल्द से जल्द भारत भेजने (रेपैट्रिएशन) के लिए सभी आवश्यक प्रबंध किए जा रहे हैं।

प्रवासियों की सुरक्षा को लेकर उठे गंभीर सवाल

जर्मनी में हाल के वर्षों में भारतीय छात्रों, आईटी प्रोफेशनल्स और कुशल कामगारों की संख्या में तेजी से इजाफा हुआ है। ऐसे में एक रिहायशी इमारत में इस तरह आग लगाकर भारतीयों की जान लिए जाने की घटना ने वहां रह रहे भारतीय समुदाय के मन में सुरक्षा को लेकर गहरी चिंता पैदा कर दी है। स्थानीय भारतीय संगठनों ने मांग की है कि जांच एजेंसियां इस पहलू की भी गहराई से पड़ताल करें कि कहीं इस हमले के पीछे नस्लीय या घृणा आधारित (हेट क्राइम) कोई मंशा तो नहीं थी। वहीं जर्मन अधिकारियों ने आश्वासन दिया है कि कानून के तहत दोषी को सख्त से सख्त सजा दिलाई जाएगी।