वेनेजुएला में 'महाविनाश': 39 सेकंड के अंदर आए दो बड़े भूकंप, USGS ने बताया क्यों इतनी खतरनाक थी यह आपदा
वेनेजुएला की राजधानी कराकास और उसके आस-पास के इलाके इस समय कुदरत के भीषण कहर से कराह रहे हैं। देश में आए 7.2 और 7.5 तीव्रता के बैक-टू-बैक दो विनाशकारी भूकंपों ने भारी तबाही मचाई है। अमेरिकी भूगर्भीय संस्था (USGS) ने इस आपदा को लेकर बेहद चौंकाने वाले खुलासे किए हैं, जिससे साफ हो गया है कि आखिर इस भूकंप ने वेनेजुएला को इतनी बुरी तरह क्यों झकझोर दिया।
'डबल इवेंट' ने बदला मंजर: 39 सेकंड में दो बार कांपी धरती
USGS के वैज्ञानिकों के मुताबिक, वेनेजुएला में आया यह भूकंप कोई साधारण भूकंप नहीं था, बल्कि यह एक 'डबल इवेंट' (Double Event) था। कराकास में पहले 7.2 तीव्रता का तगड़ा झटका महसूस किया गया, और लोग संभल पाते उससे पहले ही, मात्र 39 सेकंड के भीतर 7.5 तीव्रता का दूसरा और भी भयानक झटका आया। भूकंप विज्ञान में इस दूसरे झटके को ही मुख्य भूकंप यानी 'मेनशॉक' (Mainshock) माना जा रहा है। इतनी कम अवधि में दो बड़े झटकों ने इमारतों को संभलने का मौका ही नहीं दिया।
कम गहराई (Shallow Depth) बनी महाविनाश की असली वजह
भूकंप वैज्ञानिकों के अनुसार, इस तबाही की सबसे बड़ी वजह दोनों भूकंपों का केंद्र जमीन के बेहद करीब होना था। ये दोनों ही भूकंप जमीन की सतह से केवल 10 से 13 किलोमीटर की गहराई पर आए थे।
कम गहराई क्यों होती है जानलेवा?
जब भी भूकंप जमीन के ऊपरी हिस्से यानी कम गहराई पर आता है, तो उसकी शॉकवेव्स (तरंगों) को सतह तक पहुंचने के लिए बहुत कम दूरी तय करनी पड़ती है। रास्ते में चट्टानों की रुकावट कम होने के कारण भूकंप की ऊर्जा (Energy) नष्ट नहीं होती और वह अपनी पूरी ताकत के साथ सतह पर टकराती है। यही वजह है कि कराकास में झटके इतने विनाशकारी साबित हुए।
राजधानी कराकास में राष्ट्रीय आपातकाल, ढह गई 22 मंजिला इमारत
इस प्राकृतिक आपदा के बाद वेनेजुएला में हालात बेहद गंभीर हो गए हैं। कार्यवाहक राष्ट्रपति डेल्सी रोड्रिगेज ने देश में 'राष्ट्रीय आपातकाल' (National Emergency) की घोषणा कर दी है। उन्होंने टेलीविजन पर भावुक संबोधन देते हुए पीड़ित परिवारों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की।
राजधानी कराकास में तबाही का आलम यह है कि एक 22 मंजिला गगनचुंबी इमारत पूरी तरह से मलबे के ढेर में तब्दील हो चुकी है। युद्धस्तर पर राहत और बचाव कार्य जारी हैं, और मलबे के नीचे सैकड़ों लोगों के दबे होने की आशंका जताई जा रही है। एयरपोर्ट समेत कई अहम इंफ्रास्ट्रक्चर को भारी नुकसान पहुंचा है।
आफ्टरशॉक्स का खतरा: प्रशासन ने जारी की चेतावनी
USGS और स्थानीय अधिकारियों ने चेतावनी दी है कि आने वाले दिनों में कई 'आफ्टरशॉक्स' (Aftershocks - मुख्य भूकंप के बाद के झटके) आ सकते हैं। इनमें से कुछ आफ्टरशॉक्स की तीव्रता भी काफी अधिक हो सकती है, जिससे पहले से कमजोर हो चुकीं और इमारतें गिर सकती हैं। प्रशासन ने लोगों को खुले स्थानों पर रहने और पूरी तरह सतर्क रहने की सख्त सलाह दी है।