हर हाथ में बंदूक ट्रंप की महाविनाशक धमकी के बाद ईरान का खौफनाक कदम, आम नागरिकों को बांटे हथियार
मिडिल ईस्ट (पश्चिम एशिया) से इस वक्त की सबसे बड़ी और चौंकाने वाली खबर सामने आ रही है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की तीखी चेतावनियों और धमकियों के बाद ईरान ने एक ऐसा आत्मघाती कदम उठाया है, जिसने दुनिया भर के सैन्य विश्लेषकों को हैरान कर दिया है। अमेरिका और इजरायल के साथ बढ़ते तनाव और संभावित युद्ध की अनिश्चितता के बीच ईरान सरकार ने अपने देश के आम नागरिकों को ही सेना की तरह युद्ध के मैदान में उतारने का फैसला कर लिया है। तेहरान की सड़कों पर अब आम नागरिकों के हाथों में घातक राइफलें और हथियार दिखाई दे रहे हैं।
तेहरान की सड़कों पर खुली मिलिट्री ट्रेनिंग, महिलाएं भी संभाल रहीं मोर्चा
खुफिया और अंतरराष्ट्रीय मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, ईरान की राजधानी तेहरान सहित कई प्रमुख शहरों में बेहद खौफनाक और हैरान करने वाले नजारे देखने को मिल रहे हैं। सार्वजनिक स्थलों, पार्कों और मैदानों में इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) के कमांडो और सैनिक आम नागरिकों को खुली ट्रेनिंग दे रहे हैं। इस अभियान में सिर्फ पुरुष ही नहीं, बल्कि भारी संख्या में महिलाएं भी हिस्सा ले रही हैं। IRGC के जवान इन नागरिकों को आधुनिक बंदूकें और हथियार चलाना, उन्हें लोड करना और विपरीत परिस्थितियों में दुश्मन पर निशाना साधना सिखा रहे हैं।
ट्रंप की धमकी से सहमा ईरान या आर-पार की तैयारी?
ईरान द्वारा उठाए गए इस अप्रत्याशित कदम के पीछे सबसे बड़ा कारण अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की वह सख्त और आक्रामक नीतियां हैं, जिसके तहत ईरान पर चौतरफा दबाव बनाया जा रहा है। सूत्रों के मुताबिक, सीजफायर लागू होने के तीन हफ्तों से ज्यादा का समय बीत जाने के बाद भी दोनों पक्षों के बीच कोई भी ठोस समझौता नहीं हो सका है। शांति वार्ता पूरी तरह से बेपटरी हो चुकी है। एक तरफ जहां अमेरिकी प्रशासन अपनी बेहद सख्त शर्तों पर अड़ा हुआ है, वहीं दूसरी तरफ ईरान ने भी साफ कर दिया है कि वह किसी भी कीमत पर अमेरिका या इजरायल के सामने घुटने नहीं टेकेगा। इसी अनिश्चितता और महायुद्ध के डर से ईरान अब 'टोटल वॉर' (पूर्ण युद्ध) मोड में आ गया है।
इजरायल और अमेरिकी ठिकानों पर मंडराया बड़ा खतरा
ईरान की इस खतरनाक मोर्चेबंदी ने इजरायल और खाड़ी देशों में मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकानों की धड़कनें बढ़ा दी हैं। सामरिक विशेषज्ञों का मानना है कि आम जनता का यह सैन्यीकरण इस बात का पुख्ता संकेत है कि ईरान किसी भी वक्त गोरिल्ला वॉरफेयर या बड़े पैमाने पर नागरिक प्रतिरोध के लिए तैयार हो रहा है। यदि अमेरिका या इजरायल की ओर से ईरान की धरती पर कोई सर्जिकल स्ट्राइक या सैन्य कार्रवाई होती है, तो ईरान का प्लान हर घर से प्रतिरोध करने का है।