इमरान खान का दावा निकला 100% सच! लीक हुए अमेरिकी खुफिया दस्तावेज 'साइफर' ने खोला पाकिस्तान का सबसे बड़ा राज

इमरान खान का दावा निकला 100% सच! लीक हुए अमेरिकी खुफिया दस्तावेज 'साइफर' ने खोला पाकिस्तान का सबसे बड़ा राज

पाकिस्तान की सियासत और वैश्विक कूटनीति के गलियारों में इस समय एक बेहद चौंकाने वाले खुलासे से जबरदस्त भूचाल आ गया है। पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान लंबे समय से जेल की सलाखों के पीछे रहकर भी जिस 'विदेशी साजिश' और अमेरिकी हाथ का दावा कर रहे थे, वह अब पूरी तरह सच साबित होता दिखाई दे रहा है। खोजी पत्रकारिता के लिए दुनिया भर में मशहूर मीडिया आउटलेट 'ड्रॉप साइट' ने एक अत्यंत गोपनीय डिप्लोमैटिक केबल (राजनयिक दस्तावेज) को सार्वजनिक कर दिया है, जिसे पाकिस्तान में 'साइफर' के नाम से जाना जाता है। इस लीक दस्तावेज ने साफ कर दिया है कि इमरान खान का तख्तापलट करने और उनकी सरकार को गिराने के पीछे किसी और का नहीं, बल्कि सीधे तौर पर अमेरिकी प्रशासन का हाथ था। अमेरिका को इमरान खान की स्वतंत्र विदेश नीति और रूस-चीन से बढ़ती नजदीकियां फूटी आंख नहीं सुहा रही थीं।

क्या है 'केबल I-0678' और कोर्ट रूम के बंद दरवाजों के पीछे की वो सीक्रेट मीटिंग

लीक हुए इस बेहद संवेदनशील दस्तावेज को आधिकारिक तौर पर 'केबल I-0678' के रूप में कोड किया गया है। इस दस्तावेज के भीतर वॉशिंगटन में तैनात तत्कालीन पाकिस्तानी राजदूत और अमेरिकी विदेश विभाग (US State Department) के एक बेहद सीनियर अधिकारी के बीच हुई सीक्रेट बातचीत का पूरा ब्योरा दर्ज है। यह बैठक ठीक उस वक्त हुई थी जब पाकिस्तान की संसद में इमरान खान के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव (No-Confidence Motion) लाने की तैयारी चल रही थी। इमरान खान लगातार आरोप लगाते आ रहे थे कि उनकी स्वतंत्र सोच, यूक्रेन युद्ध के दौरान रूस की यात्रा करने और चीन के साथ रणनीतिक रिश्ते मजबूत करने की वजह से अमेरिकी हुक्मरान उनके खून के प्यासे हो गए थे, जिसकी गवाही अब यह लीक केबल दे रही है।

अमेरिकी अधिकारी डोनाल्ड लू की वो धमकी: 'अगर इमरान बच गए, तो पाकिस्तान तबाह हो जाएगा'

दस्तावेजों में दर्ज बातचीत के मुताबिक, अमेरिकी विदेश मंत्रालय के दक्षिण एशिया मामलों के शीर्ष अधिकारी डोनाल्ड लू ने पाकिस्तानी राजदूत को बेहद कड़े शब्दों में सीधे तौर पर चेतावनी और सलाह दी थी। डोनाल्ड लू ने कहा था कि अगर इमरान खान को संसद में वोटिंग के जरिए सत्ता से बेदखल कर दिया जाता है, तो अमेरिका और पाकिस्तान के संबंध रातों-रात बहुत बेहतर हो जाएंगे और पाकिस्तान की पिछली गलतियों को 'माफ' कर दिया जाएगा। लेकिन, इसके साथ ही उन्होंने एक खौफनाक धमकी भी दी कि अगर इमरान खान इस राजनीतिक संकट से उबर जाते हैं और सत्ता में बने रहते हैं, तो अमेरिका पाकिस्तान को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर एकदम अलग-थलग कर देगा, जिससे देश पूरी तरह बर्बाद हो जाएगा।

सीआईए (CIA) चीफ को भाव न देना और एयरबेस के लिए 'एब्सोल्यूटली नॉट' कहना पड़ा भारी?

'ड्रॉप साइट' की रिपोर्ट में दोनों देशों के बीच खटास बढ़ने की एक और बड़ी इनसाइड स्टोरी सामने आई है। लीक दस्तावेजों के अनुसार, जून 2021 में अमेरिकी खुफिया एजेंसी सीआईए (CIA) के डायरेक्टर विलियम बर्न्स अचानक एक बेहद गुप्त मिशन पर पूर्व पीएम इमरान खान से मिलने इस्लामाबाद पहुंचे थे। लेकिन स्वाभिमानी रुख अपनाते हुए इमरान खान ने उनसे मिलने से साफ इनकार कर दिया और संदेश भिजवाया कि वह केवल अपने समकक्ष यानी अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन से ही सीधे बात करेंगे। इसके बाद जो बाइडेन ने अपने पूरे कार्यकाल में इमरान खान को पूरी तरह भाव देना बंद कर दिया। बात तब और बिगड़ गई जब इमरान खान ने अमेरिका को अफगानिस्तान पर नजर रखने के लिए पाकिस्तान का सैन्य एयरबेस देने से सरेआम मना कर दिया था। इसी के बाद अमेरिका ने नवाज शरीफ की पार्टी (PML-N) और पाकिस्तान पीपल्स पार्टी (PPP) के साथ मिलकर इमरान को हटाने का ताना-बाना बुना।

चौतरफा घिरे अमेरिका ने साधी चुप्पी, दावों को बताया पूरी तरह मनगढ़ंत

इस अंतरराष्ट्रीय स्तर के सनसनीखेज खुलासे और साइफर दस्तावेज के हूबहू लीक होने के बाद अमेरिकी विदेश विभाग पूरी तरह रक्षात्मक मुद्रा में आ गया है। वॉशिंगटन की ओर से जारी एक आधिकारिक बयान में इन सभी दावों को सिरे से खारिज करते हुए इन्हें पूरी तरह से गलत और आधारहीन बताया गया है। अमेरिका का कहना है कि इमरान खान अपनी सरकार गिरने में विदेशी दखल का कोई पुख्ता सबूत पेश नहीं कर पाए हैं। हालांकि, खोजी वेबसाइट की रिपोर्ट बताती है कि इमरान खान की सरकार गिरते ही पाकिस्तान और अमेरिका के रिश्तों में अचानक आई गर्मजोशी और पाकिस्तान को मिले वित्तीय पैकेज इस बात का सबसे बड़ा सबूत हैं कि परदे के पीछे असली खेल किसने खेला था। फिलहाल इमरान खान जेल में हैं, लेकिन इस लीक ने पाकिस्तान की मौजूदा सरकार की वैधता पर बड़े सवालिया निशान खड़े कर दिए हैं।

 

 

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