दुर्गा पूजा पर बांग्लादेश सरकार का बड़ा फैसला: 5 करोड़ टका का अनुदान और 5 दिन की छुट्टी का ऐलान

दुर्गा पूजा पर बांग्लादेश सरकार का बड़ा फैसला: 5 करोड़ टका का अनुदान और 5 दिन की छुट्टी का ऐलान

बांग्लादेश में अल्पसंख्यक हिंदू समुदाय के सबसे बड़े धार्मिक उत्सव शारदीय दुर्गा पूजा को लेकर सरकार ने एक बड़ा और राहत भरा फैसला लिया है। देश में आगामी दुर्गा पूजा को सुरक्षित, सौहार्दपूर्ण और भव्य तरीके से संपन्न कराने के लिए सरकार ने विशेष वित्तीय पैकेज की घोषणा करते हुए 5 करोड़ टका के सरकारी अनुदान को मंजूरी दे दी है। यह राशि पहले की तुलना में उल्लेखनीय रूप से बढ़ाई गई है, जिससे देश भर के पूजा मंडपों और उत्सव समितियों को सीधा आर्थिक सहयोग मिलेगा। इसके साथ ही सरकारी कर्मचारियों और आम नागरिकों के लिए छुट्टियों के कैलेंडर में संशोधन करते हुए लगातार 5 दिनों के लंबे अवकाश का मार्ग भी प्रशस्त कर दिया गया है।

अल्पसंख्यकों की सुरक्षा और धार्मिक स्वतंत्रता को लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर जारी चिंताओं के बीच ढाका प्रशासन द्वारा उठाए गए इस कदम को सामाजिक सद्भाव और विश्वास बहाली के एक महत्वपूर्ण प्रयास के रूप में देखा जा रहा है। सरकार ने साफ संदेश दिया है कि उत्सव के दौरान किसी भी प्रकार की उपद्रवी या असामाजिक गतिविधि को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और पूजा पंडालों की सुरक्षा के लिए त्रिस्तरीय सुरक्षा घेरा तैनात रहेगा।

5 करोड़ टका का ऐतिहासिक अनुदान: पूजा समितियों को मिलेगा सीधा आर्थिक संबल

धार्मिक मामलों के मंत्रालय के अनुसार, इस वर्ष देश भर में पूजा पंडालों के प्रबंधन, सजावट और बुनियादी सुविधाओं के लिए हिंदू धार्मिक कल्याण ट्रस्ट के माध्यम से कुल 5 करोड़ टका की राशि वितरित की जाएगी। यह अनुदान राशि पूर्व में दी जाने वाली सहायता राशि से काफी अधिक है।

सरकार के विशेष प्रतिनिधियों ने स्पष्ट किया कि कई पिछड़े और ग्रामीण क्षेत्रों में आर्थिक तंगी के कारण स्थानीय पूजा समितियों को आयोजन में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ता था। इस विशेष फंड का बड़ा हिस्सा सीधे तौर पर जरूरतमंद मंडपों को आवंटित किया जाएगा, ताकि वे बिना किसी वित्तीय बाधा के अपनी धार्मिक परंपराओं का निर्वहन कर सकें। इसके अलावा, प्रतिमा विसर्जन के घाटों, प्रकाश व्यवस्था और पेयजल जैसी जरूरी सुविधाओं पर भी इस बजट का उपयोग किया जाएगा।

लगातार 5 दिन की छुट्टी: वीकेंड और विशेष आदेश से बना लंबा वेकेशन

दुर्गा पूजा के अवसर पर उत्सव का पूरा आनंद उठाने के लिए सरकार ने अवकाश व्यवस्था को भी विस्तारित कर दिया है। सरकारी कैलेंडर के मुताबिक, पहले जहां नवमी और विजया दशमी को लेकर सीमित छुट्टियां होती थीं, वहीं अब इसे बढ़ाकर 3 आधिकारिक दिनों का कर दिया गया है। इसके साथ ही शुक्रवार और शनिवार के साप्ताहिक अवकाश (वीकेंड) के जुड़ जाने से यह पूरी छुट्टी कुल 5 दिनों के एक लंबे अवकाश में तब्दील हो गई है।

अल्पसंख्यक मामलों के सलाहकारों और अधिकारियों ने पुष्टि की है कि कार्यकारी आदेश के जरिए अतिरिक्त दिन की छुट्टी को मंजूरी दी जा रही है। लगातार 5 दिनों के इस अवकाश से अपने पैतृक गांवों और शहरों से दूर रहने वाले लाखों लोग बिना किसी हड़बड़ाहट के अपने घरों को लौट सकेंगे और अपने परिवारों के साथ पूरे उल्लास के साथ मां दुर्गा की आराधना में शामिल हो सकेंगे।

33,800 से अधिक पूजा मंडप और 24 घंटे सुरक्षा निगरानी का कड़ा पहरा

इस साल पूरे बांग्लादेश में कुल 33,851 दुर्गा पूजा मंडप स्थापित किए जा रहे हैं। इतनी बड़ी तादाद में होने वाले आयोजनों को निर्विघ्न संपन्न कराने के लिए कानून-व्यवस्था तंत्र को पूरी तरह अलर्ट पर रखा गया है। पुलिस मुख्यालय के साथ-साथ सभी संभागीय (डिवीजनल) और जिला स्तर पर 24 घंटे काम करने वाले विशेष 'मॉनिटरिंग सेल' सक्रिय कर दिए गए हैं।

धार्मिक मामलों के राज्य मंत्री ने सुरक्षा व्यवस्था का खाका पेश करते हुए कहा कि संवेदनशील इलाकों में पुलिस के अलावा रैपिड एक्शन बटालियन (RAB) और सीमा सुरक्षा बलों के जवानों की अतिरिक्त तैनाती की जाएगी। विशेष रूप से महाअष्टमी की संधि पूजा और विजया दशमी के दिन प्रतिमा विसर्जन के संवेदनशील पलों के दौरान ड्रोन कैमरों और सीसीटीवी के जरिए चप्पे-चप्पे पर नजर रखी जाएगी। सरकार ने सभी धर्मों के लोगों से भाईचारा बनाए रखने और अफवाहों से दूर रहने की अपील की है।