वाइट हाउस के पास हथियारों के जखीरे के साथ धराया शख्स, ट्रंप को जान से मारने की दी थी धमकी

वाइट हाउस के पास हथियारों के जखीरे के साथ धराया शख्स, ट्रंप को जान से मारने की दी थी धमकी

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की सुरक्षा व्यवस्था में सेंध लगाने और उन्हें जान से मारने की धमकी देने का एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। अमेरिका की राजधानी वॉशिंगटन डीसी में स्थित वाइट हाउस के बेहद करीब सीक्रेट सर्विस के मुस्तैद सुरक्षाकर्मियों ने एक हथियारबंद व्यक्ति को रंगे हाथों धर दबोचा। आरोपी की पहचान वेनेजुएला के एक नागरिक के रूप में हुई है, जिसने कथित तौर पर राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की हत्या करने की धमकी दी थी। जांच एजेंसियों के अनुसार, संदिग्ध व्यक्ति हथियारों के जखीरे के साथ एक चोरी की पिकअप गाड़ी में सवार होकर सीधे वाइट हाउस के सुरक्षा दायरे की तरफ बढ़ रहा था, लेकिन समय रहते सुरक्षा घेरे पर तैनात अधिकारियों ने उसे रोक लिया और हिरासत में ले लिया। इस बड़ी गिरफ्तारी के बाद वाइट हाउस और उसके आसपास के इलाके में सुरक्षा व्यवस्था को अभेद्य बनाते हुए हाई अलर्ट जारी कर दिया गया है।

गाड़ी से बरामद हुआ हथियारों का जखीरा: एआर-15 राइफल और मशीन पिस्टल जब्त

गिरफ्तारी के बाद जब सीक्रेट सर्विस और वॉशिंगटन पुलिस के अधिकारियों ने संदिग्ध की गाड़ी की तलाशी ली, तो उनके होश उड़ गए। संदिग्ध जिस पिकअप ट्रक में सवार था, वह पहले से ही चोरी की दर्ज थी। तलाशी के दौरान गाड़ी में रखे एक भूरे रंग के बैग से घातक हथियारों का जखीरा और दर्जनों राउंड जिंदा कारतूस बरामद किए गए। बरामद हथियारों में सैन्य स्तर की घातक AR-15 असॉल्ट राइफल, एक MAC-10 मशीन पिस्टल और एक ग्लॉक 43X (Glock 43X) हैंडगन शामिल हैं। भारी मात्रा में घातक हथियारों और गोलियों की मौजूदगी ने जांच एजेंसियों के कान खड़े कर दिए हैं, क्योंकि ये सभी हथियार बेहद कम समय में बड़े पैमाने पर तबाही मचाने में सक्षम हैं।

पूछताछ में सनसनीखेज खुलासा: 'दिमाग में आ रही थीं ट्रंप को मारने की आवाजें'

डिपार्टमेंट ऑफ होमलैंड सिक्योरिटी (DHS) और पुलिस अधिकारियों की प्राथमिक पूछताछ में इस पूरे मामले से जुड़े कई चौंकाने वाले पहलू सामने आए हैं। आरोपी ने अंग्रेजी न आने के कारण सुरक्षा अधिकारियों से 'गूगल ट्रांसलेट' ऐप के माध्यम से बातचीत की। उसने सुरक्षाकर्मियों को बताया कि उसके दिमाग में कुछ अजीब सी 'आवाजें' (Voices in head) गूंज रही थीं, जिन्होंने उसे वॉशिंगटन आने और ट्रंप को जान से मारने का निर्देश दिया था। हालांकि, सुरक्षा एजेंसियां उसके इस दावे को मानसिक रूप से अस्वस्थ होने का बहाना मानकर भी जांच कर रही हैं और यह पता लगाने में जुटी हैं कि क्या इस पूरे षड्यंत्र के पीछे कोई संगठित अंतरराष्ट्रीय सिंडिकेट या आतंकी मॉड्यूल काम कर रहा था।

अवैध प्रवासी है आरोपी: आव्रजन विभाग (ICE) ने भी कसा शिकंजा

अमेरिकी गृह सुरक्षा विभाग (DHS) द्वारा जारी ब्योरे के अनुसार, गिरफ्तार किया गया आरोपी वेनेजुएला से आया एक अनधिकृत और गैर-दस्तावेजी प्रवासी है, जो मार्च 2024 में टेक्सास सीमा के रास्ते अवैध रूप से अमेरिका में दाखिल हुआ था। हथियारों की अवैध तस्करी, चोरी की गाड़ी रखने और सार्वजनिक सुरक्षा को खतरे में डालने के गंभीर आरोपों के तहत स्थानीय अदालत में उस पर आपराधिक मामले दर्ज किए गए हैं। इसके साथ ही, यूएस इमिग्रेशन एंड कस्टम्स एनफोर्समेंट (ICE) ने भी उसके खिलाफ डिटेनर वारंट जारी कर दिया है, ताकि आपराधिक मुकदमों की सुनवाई पूरी होते ही उसके निर्वासन (Deportation) और संघीय जांच की प्रक्रिया को आगे बढ़ाया जा सके।

पेंसिल्वेनिया की रैली से लेकर वाइट हाउस तक: लगातार मंडरा रहा है ट्रंप पर खतरा

डोनाल्ड ट्रंप पर जानलेवा हमले का खतरा कोई नई बात नहीं है। इससे पहले चुनाव प्रचार के दौरान पेंसिल्वेनिया के बटलर में एक खुली रैली के दौरान उन पर जानलेवा हमला हुआ था, जहां एक गोली उनके कान को छूती हुई निकल गई थी। इसके कुछ ही महीनों बाद फ्लोरिडा के उनके गोल्फ क्लब के पास भी एक सशस्त्र स्नाइपर को पकड़ा गया था। वाइट हाउस के पास हथियारों से लैस इस संदिग्ध की ताजा गिरफ्तारी ने एक बार फिर यह साबित कर दिया है कि सत्ता में वापसी के बाद भी डोनाल्ड ट्रंप चरमपंथी तत्वों, हथियारबंद अपराधियों और अंतरराष्ट्रीय षड्यंत्रों के सबसे संवेदनशील निशाने पर बने हुए हैं। सीक्रेट सर्विस ने इस सफल अभियान के बाद राष्ट्रपति की इनर-कॉर्डन सुरक्षा और वाइट हाउस के परिधि क्षेत्रों की निगरानी को और अधिक सख्त कर दिया है।