सऊदी के आसमान में बढ़ा तनाव: हूतियों ने एयरस्पेस को बताया 'असुरक्षित', अंतरराष्ट्रीय उड़ानों पर मंडराया बड़ा खतरा
पश्चिम एशिया में जारी भू-राजनीतिक संघर्ष अब एक नए और बेहद खतरनाक मोड़ पर पहुंच गया है। यमन के ईरान समर्थित हूती विद्रोहियों ने वैश्विक नागरिक उड्डयन कंपनियों और अंतरराष्ट्रीय एयरलाइंस को सीधी चेतावनी जारी करते हुए सऊदी अरब के पूरे हवाई क्षेत्र (Airspace) को नागरिक उड़ानों के लिए 'असुरक्षित' (Unsafe) घोषित कर दिया है। हूतियों ने साफ शब्दों में कहा है कि सऊदी अरब का आसमान अब कभी भी 'सक्रिय सैन्य संघर्ष का अखाड़ा' बन सकता है।
इस सनसनीखेज चेतावनी के बाद खाड़ी देशों से गुजरने वाले अंतरराष्ट्रीय उड़ानों के गलियारे में हड़कंप मच गया है। यूरोप, एशिया और अमेरिका को जोड़ने वाले व्यस्ततम हवाई मार्गों में से एक होने के नाते, सऊदी एयरस्पेस पर खतरे की इस घंटी ने दर्जनों अंतरराष्ट्रीय एयरलाइनों के होश उड़ा दिए हैं।
अल-मसीरा पर चेतावनी: 'सऊदी एयरस्पेस कभी भी बन सकता है जंग का मैदान'
हूती समूह द्वारा संचालित समाचार एजेंसी सबा और उनके आधिकारिक 'अल-मसीरा' टेलीविजन चैनल पर प्रसारित बयान के अनुसार, यह चेतावनी हूती नियंत्रित 'मानवीय संचालन समन्वय केंद्र' (Humanitarian Operations Coordination Centre) की ओर से जारी की गई है।
बयान में कहा गया है कि सऊदी अरब के हवाई क्षेत्र में उड़ान भरने वाली सभी अंतरराष्ट्रीय एयरलाइंस अपने विमानों और यात्रियों की सुरक्षा के मद्देनजर सतर्क हो जाएं। हूतियों ने आरोप लगाया कि सऊदी अरब के सैन्य लड़ाकू विमान उनके ठिकानों पर बमबारी करने के लिए अपने एयरस्पेस का इस्तेमाल कर रहे हैं, इसलिए अब जवाबी कार्रवाई के तहत सऊदी हवाई क्षेत्र नागरिक विमानन के लिए सुरक्षित नहीं माना जाएगा। हालांकि, हूतियों ने यह स्पष्ट नहीं किया कि वे किस तारीख से, किस तरह के हथियारों से या किन विशेष हवाई अड्डों/रूट्स को निशाना बनाने की योजना बना रहे हैं।
100 लड़ाकू विमानों का 'यमन की सुबह' ऑपरेशन: क्यों भड़के हूती?
हूतियों की यह भड़काऊ चेतावनी सऊदी अरब के नेतृत्व वाले सैन्य गठबंधन द्वारा यमन में शुरू किए गए अब तक के सबसे बड़े संयुक्त हवाई अभियान के ठीक बाद आई है। यमन की अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त सरकार और सऊदी गठबंधन ने हूती विद्रोहियों के कब्जे से प्रमुख क्षेत्रों को छुड़ाने के लिए 'यमन की सुबह' (Dawn of Yemen) नाम से एक व्यापक रणनीतिक सैन्य अभियान शुरू किया है:
-
100 से अधिक फाइटर जेट्स का हमला: सऊदी गठबंधन के करीब 100 लड़ाकू विमानों ने राजधानी सना सहित हूती नियंत्रण वाले रणनीतिक ठिकानों पर ताबड़तोड़ हवाई हमले किए हैं।
-
300 से अधिक ठिकानों पर बमबारी: गठबंधन का दावा है कि अभियान के दौरान हूतियों के मिसाइल डिपो, ड्रोन लॉन्च पैड और सैन्य बंकरों समेत 320 से अधिक ठिकानों को नेस्तनाबूद कर दिया गया है।
-
बाब अल-मंदेब पर नियंत्रण की जंग: हूतियों ने हाल ही में लाल सागर के तटीय इलाकों और दुनिया के सबसे व्यस्त समुद्री चोकपॉइंट बाब अल-मंदेब जलडमरूमध्य की ओर अपनी पकड़ मजबूत करने की कोशिश की थी, जिसे वापस छीनने के लिए यमनी सेना जमीनी स्तर पर आगे बढ़ रही है।
अंतरराष्ट्रीय उड़ानों और भारतीय यात्रियों पर क्या पड़ेगा असर?
सऊदी अरब का हवाई क्षेत्र भारत, दक्षिण एशिया और दक्षिण-पूर्व एशिया से खाड़ी देशों (दुबई, अबू धाबी, रियाद, जेद्दा) तथा यूरोप और अमेरिका जाने वाली उड़ानों के लिए मुख्य ट्रांजिट रूट है।
यदि एयरलाइंस सुरक्षा कारणों से सऊदी एयरस्पेस को बाईपास करने का फैसला करती हैं, तो इसके गंभीर परिणाम हो सकते हैं:
-
उड़ानों का रूट डायवर्जन: विमानों को मिस्र, ओमान या अफ्रीकी महाद्वीप के लंबे रास्तों से होकर उड़ना पड़ेगा।
-
सफर का समय और ईंधन खर्च में भारी वृद्धि: रूट बदलने से उड़ानों के समय में 1 से 3 घंटे की बढ़ोतरी होगी, जिससे एयरलाइनों की परिचालन लागत और एविएशन टर्बाइन फ्यूल (ATF) की खपत काफी बढ़ जाएगी।
-
हवाई किरायों में उछाल: त्योहारों और यात्रा सीजन के दौरान यूरोप, अमेरिका और खाड़ी देशों के टिकटों के दाम अचानक आसमान छू सकते हैं।
-
हज और उमराह यात्री: भारत सहित दुनियाभर से सऊदी अरब जाने वाले लाखों तीर्थयात्रियों की उड़ानों की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर चिंताएं बढ़ गई हैं।
एविएशन रेगुलेटर्स की नजर, सऊदी अरब की साख का सवाल
फिलहाल सऊदी अरब के नागरिक उड्डयन प्राधिकरण (GACA) या रक्षा मंत्रालय की तरफ से हूतियों के इस बयान पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। हालांकि, सऊदी अरब के पास अमेरिकी पेट्रियॉट (Patriot) और थाड (THAAD) मिसाइल डिफेंस सिस्टम का एक अत्यंत मजबूत और अभेद्य सुरक्षा कवच मौजूद है, जिसने पूर्व में हूतियों द्वारा दागी गई दर्जनों बैलिस्टिक मिसाइलों और सुसाइड ड्रोनों को हवा में ही मार गिराया है।
अंतरराष्ट्रीय विमानन निगरानी एजेंसियां और अमेरिका की एफएए (FAA) स्थिति पर बारीकी से नजर बनाए हुए हैं। यदि तनाव और बढ़ता है, तो एयरलाइंस कंपनियों को किसी भी अप्रिय घटना से बचने के लिए 'नोटम' (NOTAM - नोटिस टू एयरमैन) जारी कर वैकल्पिक रूट चुनने की सलाह दी जा सकती है।