'हम सब देख रहे हैं...' खामेनेई के जनाजे में रोए शहबाज शरीफ तो भड़का अमेरिका

'हम सब देख रहे हैं...' खामेनेई के जनाजे में रोए शहबाज शरीफ तो भड़का अमेरिका

अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव में खुद को एक 'निष्पक्ष मध्यस्थ' (Mediator) साबित करने की कोशिश कर रहा पाकिस्तान अब बुरी तरह फंस गया है। ईरान के पूर्व सुप्रीम लीडर अयातुल्लाह अली खामेनेई के जनाजे में पाकिस्तानी प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ (Shehbaz Sharif) की मौजूदगी और उनके आंसू देखकर अमेरिका का पारा सातवें आसमान पर पहुंच गया है। अमेरिकी सांसदों ने पाकिस्तान को उसकी पुरानी हैसियत याद दिलाते हुए ओसामा बिन लादेन का जिक्र कर जमकर लताड़ लगाई है। आइए जानते हैं कूटनीति के इस नए विवाद की पूरी इनसाइड स्टोरी।

जनाजे में शहबाज शरीफ ने पढ़ी खामेनेई की 'कसीदे'

बीते 28 फरवरी को अमेरिकी और इजरायली हमलों में ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्लाह अली खामेनेई की मौत हो गई थी। करीब 4 महीने बाद ईरान में उनके अंतिम संस्कार का भव्य आयोजन किया गया, जिसमें पाकिस्तान का एक भारी-भरकम प्रतिनिधिमंडल पहुंचा। इसमें पीएम शहबाज शरीफ के अलावा सैन्य प्रमुख आसिम मुनीर, विदेश मंत्री इशाक डार और बिलावल भुट्टो शामिल थे।

तेहरान में शहबाज शरीफ ने कैमरे के सामने खामेनेई की जमकर तारीफ की। उन्होंने कहा, "खामेनेई एक महान विद्वान और महान नेता थे। दुनिया के करोड़ों मुसलमान उन्हें हमेशा याद रखेंगे।" शरीफ ने ईरान के प्रति अपनी वफादारी दिखाते हुए आगे कहा, "युद्ध में ईरान के भाइयों और बहनों ने अपनी जान गंवाई है। पाकिस्तान और ईरान साथी हैं और हम हर परिस्थिति में एक साथ खड़े रहेंगे।"

ओसामा बिन लादेन का जिक्र कर दिखाया पाकिस्तान को आईना

अमेरिकी सीनेटर ने पाकिस्तान के काले इतिहास को उजागर करते हुए तीखा तंज कसा। स्कॉट ने लिखा, "हमें याद रखना चाहिए कि पाकिस्तान असल में क्या है। हम उस देश की बात कर रहे हैं जहां ओसामा बिन लादेन एक दशक तक छिपा बैठा था। जहां ईसाइयों को प्रताड़ित करने के लिए मनमाने ईशनिंदा कानून लागू किए जाते हैं।"

उन्होंने आगे कहा कि अब इसी देश का प्रधानमंत्री ईरान के एक तानाशाह और 'नरसंहारी' नेता की शान में कसीदे पढ़ रहा है। स्कॉट ने साफ तौर पर कहा कि अमेरिका और ईरान के बीच मध्यस्थता करने के लिए पाकिस्तान की हैसियत हमास (Hamas) को पनाह देने वाले कतर से बिल्कुल भी बेहतर नहीं है।

एक तरफ पाकिस्तान भयंकर आर्थिक संकट से गुजर रहा है और आईएमएफ (IMF) बेलआउट के लिए अमेरिका की ओर टकटकी लगाए बैठा है। वहीं दूसरी तरफ, ईरान के समर्थन में उसकी इस कूटनीतिक चाल ने वाशिंगटन में गहरी नाराजगी पैदा कर दी है। कूटनीतिक जानकारों का मानना है कि शहबाज शरीफ का यह कदम पाकिस्तान के लिए आने वाले दिनों में भारी मुसीबत का सबब बन सकता है।