क्या अब ईरान पर ग्राउंड अटैक करेगा अमेरिका? यूएस जॉइंट चीफ ऑफ स्टाफ के बयान से मची हलचल, जानें पेंटागन का प्लान
अमेरिका और ईरान के बीच पिछले कई महीनों से जारी सैन्य संघर्ष अब अपने सबसे निर्णायक और खतरनाक मोड़ पर पहुँच गया है। केवल हवाई हमलों (Air Strikes) से अपेक्षित सफलता न मिलने के बाद अब यह लगभग साफ हो गया है कि अमेरिकी सेना (US Forces) ईरान पर जमीनी हमले (Ground Attack) के जरिए फाइनल असॉल्ट की तैयारी कर रही है। पेंटागन द्वारा इराक और कुवैत से सटे ईरानी प्रांतों पर अचानक हमलों के दायरे को बढ़ाने के बाद यह आशंका और गहरी हो गई है।
यूएस जॉइंट चीफ ऑफ स्टाफ जनरल डैन कैन का बड़ा बयान
अंतिम सैन्य विकल्प को लेकर अमेरिकी संसद (सीनेट) में यूएस जॉइंट चीफ ऑफ स्टाफ जनरल डैन कैन (Gen. Dan Caine) से जब सीधे पूछा गया कि क्या अमेरिका अब ग्राउंड अटैक की तैयारी में है, तो उन्होंने रणनीतिक गोपनीयता बनाए रखते हुए स्पष्ट किया:
"मैं किसी भी काल्पनिक सवाल का जवाब नहीं दूंगा, लेकिन मैंने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के सामने ईरान के खिलाफ निर्णायक जीत के लिए सभी संभावित सैन्य विकल्प रख दिए हैं। हालांकि, इन विकल्पों के साथ अमेरिकी सेना को होने वाले संभावित खतरों और जोखिमों से भी राष्ट्रपति को अवगत कराया गया है।"
पेंटागन ने क्यों बदली अपनी रणनीति?
पिछले दो हफ्तों से अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने एफ-22, एफ-35, बी-2 स्पिरिट बॉम्बर्स, टॉमहॉक मिसाइलों और ATACMS रॉकेटों से खुजेस्तान, बुशहर, इस्फहान और तेहरान समेत ईरान के प्रमुख ठिकानों को निशाना बनाया। लेकिन इसके बावजूद इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) में तेल टैंकरों और कमर्शियल जहाजों पर ड्रोन हमले कर रही है। पेंटागन को समझ आ गया है कि केवल हवाई हमलों से युद्ध में पूर्ण जीत हासिल करना संभव नहीं है।
इराक-कुवैत सीमा से सटे इलाकों पर केंद्रित हुए हमले
रणनीति में बदलाव के तहत CENTCOM ने पिछले दो दिनों में ईरान के उन पश्चिमी प्रांतों—जैसे पूर्वी अज़रबैजान, कुर्दिस्तान, ईलाम और हमदान—पर भारी बमबारी की है, जो इराक और कुवैत की सीमाओं से लगे हैं। ईरानी सेना ने भी इन क्षेत्रों में यूएस एयर स्ट्राइक्स की पुष्टि की है। माना जा रहा है कि यह कदम जमीनी सेना के प्रवेश के लिए रास्ता साफ करने (Clearing the Path) के उद्देश्य से उठाया गया है।
खर्ग और केशम द्वीपों पर कब्जे की योजना!
सैन्य रिपोर्टों के अनुसार, अमेरिकी नौसेना का एक बड़ा जंगी बेड़ा ओमान की खाड़ी से होर्मुज और फारस की खाड़ी की ओर तेजी से बढ़ रहा है। अमेरिका का इरादा ईरान के रणनीतिक रूप से अत्यंत महत्वपूर्ण खर्ग द्वीप (Kharg Island) और केशम द्वीप (Qeshm Island) पर सीधा कब्जा जमाने का हो सकता है।
दूसरी ओर, ईरान ने चेतावनी दी है कि यदि कोई जमीनी घुसपैठ होती है, तो वह एक भयंकर क्षेत्रीय युद्ध में तब्दील हो जाएगी जिसमें बड़ी संख्या में अमेरिकी सैनिकों के हताहत होने का अंदेशा है।