केंद्रीय कर्मचारियों ने की जल्द महंगाई भत्ता घोषित करने की मांग, त्योहारी सीजन से पहले क्या इस बार 4% बढ़ेगा डीए?
देश के करीब 50 लाख केंद्रीय कर्मचारियों और 65 लाख से अधिक पेंशनभोगियों की निगाहें केंद्र सरकार के आगामी महंगाई भत्ते (Dearness Allowance - DA) और महंगाई राहत (Dearness Relief - DR) के ऐलान पर टिकी हुई हैं। सातवें वेतन आयोग (7th Pay Commission) के नियमों के तहत साल में दो बार—1 जनवरी और 1 जुलाई से—डीए में संशोधन किया जाता है। जुलाई 2026 से लागू होने वाले भत्ते की घोषणा में हो रही देरी को देखते हुए कर्मचारी संगठनों ने व्यय विभाग (Department of Expenditure) और वित्त मंत्रालय को पत्र लिखकर इसका शीघ्र फैसला लेने का आग्रह किया है। इस बीच सबसे बड़ा सवाल यह उठ रहा है कि क्या इस बार डीए में 3 प्रतिशत की बढ़ोतरी होगी या यह बढ़कर सीधे 4 प्रतिशत तक पहुंच सकता है।
कर्मचारियों ने क्यों उठाई जल्द ऐलान की मांग?
कर्मचारी संगठनों और नेशनल काउंसिल (JCM) से जुड़े प्रतिनिधियों ने सरकार को सौंपे ज्ञापन में कई अहम वित्तीय बाध्यताओं का हवाला देते हुए प्रक्रिया तेज करने की मांग की है:
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त्योहारी सीजन का खर्च: दशहरा, धनतेरस और दीपावली जैसे बड़े त्योहार सामने हैं। त्योहारों पर कर्मचारियों के घरेलू खर्च, यात्रा और खरीदारी का बजट काफी बढ़ जाता है।
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शैक्षणिक और घरेलू प्रतिबद्धताएं: जुलाई के बाद स्कूलों-कॉलेजों के दूसरे सत्र की फीस, बच्चों की किताबें और घरेलू जरूरी खर्चों का दबाव कर्मचारियों की जेब पर बढ़ता है।
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सैलरी में समय पर समायोजन: कर्मचारियों का कहना है कि वे किसी अतिरिक्त लाभ की मांग नहीं कर रहे हैं, बल्कि ऑल इंडिया कंज्यूमर प्राइस इंडेक्स (AICPI-IW) का डेटा स्पष्ट होने के बाद कैबिनेट की औपचारिक मंजूरी समय पर मिलनी चाहिए, ताकि 1 जुलाई से मिलने वाला बकाया (Arrears) और संशोधित वेतन समय पर खाते में आ सके।
3% या 4%: क्या कहता है AICPI-IW का गणित?
केंद्रीय कर्मचारियों के डीए का निर्धारण श्रम ब्यूरो (Labour Bureau) द्वारा जारी औद्योगिक श्रमिकों के उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (AICPI-IW) के पिछले 12 महीनों के औसत के आधार पर किया जाता है:
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वर्तमान दर: जनवरी 2026 से कर्मचारियों को 60% की दर से महंगाई भत्ता मिल रहा है।
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3% बढ़ोतरी का आधार: जून 2026 तक के 12 महीनों के औसत के आधार पर तय फॉर्मूले के अनुसार डीए की गणना लगभग 63.77% बैठती है। चूंकि सरकार दशमलव के बाद के अंकों को नहीं जोड़ती और हमेशा निचले पूर्णांक (Round Down) को मान्य करती है, इसलिए जून के आंकड़ों के हिसाब से डीए में 3 प्रतिशत की वृद्धि तय मानी जा रही थी, जिससे यह दर 63% हो जाती।
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4% बढ़ोतरी की संभावना कैसे बनी?: हाल ही में जुलाई 2026 के लिए जारी AICPI-IW इंडेक्स में 1.3 अंकों का बड़ा उछाल दर्ज किया गया और सूचकांक 153.2 पर पहुंच गया। इसके चलते 12 महीनों का औसत बढ़कर 149.21 हो गया है, जिससे संशोधित गणना 64.38% तक पहुंच रही है। इस आधार पर विश्लेषकों का एक वर्ग मान रहा है कि यदि सरकार हालिया मुद्रास्फीति दबाव को संज्ञान में लेती है, तो डीए में 4 प्रतिशत की बढ़ोतरी होकर यह सीधे 64% भी हो सकता है।
सैलरी पर कितना पड़ेगा असर? (3% बनाम 4%)
यदि केंद्रीय कैबिनेट इस बढ़ोतरी को मंजूरी देती है, तो न्यूनतम मूल वेतन (Basic Pay) से लेकर उच्च स्तर के अधिकारियों के वेतन में उल्लेखनीय बढ़ोतरी होगी:
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₹18,000 बेसिक पे (लेवल-1):
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3% की बढ़ोतरी (63%) होने पर हर महीने लगभग ₹540 का इजाफा होगा।
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4% की बढ़ोतरी (64%) होने पर मासिक वेतन ₹720 बढ़ जाएगा।
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₹56,900 बेसिक पे:
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3% की दर से लगभग ₹1,707 प्रति माह का लाभ मिलेगा।
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4% की दर से प्रतिमाह ₹2,276 की अतिरिक्त वृद्धि होगी।
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इसके साथ ही कर्मचारियों को जुलाई, अगस्त और सितंबर—कुल तीन महीनों का एरियर एकमुश्त वेतन के साथ मिलने की पूरी उम्मीद है।
कब तक हो सकता है औपचारिक ऐलान?
आमतौर पर केंद्र सरकार त्योहारी सीजन को ध्यान में रखते हुए सितंबर के अंतिम सप्ताह या अक्टूबर के पहले पखवाड़े में केंद्रीय मंत्रिमंडल (Union Cabinet) की बैठक में इस प्रस्ताव को मंजूरी देती है। जानकारों का मानना है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में होने वाली अगली कैबिनेट बैठकों में से किसी एक में डीए और बोनस से जुड़े प्रस्ताव पर अंतिम मुहर लग सकती है।