रसोई गैस सिलेंडर बुक करने से पहले चेक करें अपने शहर का ताजा रेट: दिल्ली, लखनऊ से पटना तक 14.2 किलो घरेलू सिलेंडर के नए भाव जारी

रसोई गैस सिलेंडर बुक करने से पहले चेक करें अपने शहर का ताजा रेट: दिल्ली, लखनऊ से पटना तक 14.2 किलो घरेलू सिलेंडर के नए भाव जारी

महीने के अंत और त्योहारी माहौल के बीच अगर आपके घर में भी रसोई गैस खत्म होने वाली है और आप नया एलपीजी (LPG) सिलेंडर रिफिल बुक करने जा रहे हैं, तो एजेंसी की पर्ची कटवाने या ऑनलाइन भुगतान करने से पहले अपने शहर का आधिकारिक रेट जरूर चेक कर लें। देश की प्रमुख सरकारी तेल विपणन कंपनियों (OMCs) जैसे इंडियन ऑयल (Indane), भारत पेट्रोलियम (Bharat Gas) और हिंदुस्तान पेट्रोलियम (HP Gas) द्वारा 14.2 किलोग्राम वाले घरेलू गैर-सब्सिडी वाले रसोई गैस सिलेंडर और 19 किलोग्राम वाले कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर के ताजा रेट्स जारी रखे गए हैं। हर भारतीय घर के मासिक बजट में रसोई गैस का खर्च एक अनिवार्य मद होता है। ऐसे में सिलेंडर की कीमतों में होने वाला कोई भी छोटा-बड़ा फेरबदल सीधे तौर पर आम गृहणियों और मध्यमवर्गीय परिवारों की जेब को प्रभावित करता है। देश के विभिन्न राज्यों और शहरों में स्थानीय परिवहन खर्च, राज्य सरकारों के स्थानीय करों और भौगोलिक परिस्थितियों के चलते एलपीजी सिलेंडर के खुदरा भाव अलग-अलग होते हैं। इसलिए सिलेंडर बुक करने से पहले यह जान लेना आवश्यक है कि आपके नजदीकी वितरक पर आपको कितने रुपये का भुगतान करना होगा।

दिल्ली, मुंबई, लखनऊ और कोलकाता: 14.2 किलोग्राम घरेलू गैस सिलेंडर का ताजा रेट कार्ड

देश के प्रमुख महानगरों और उत्तर भारत के प्रमुख शहरों में आज 14.2 किलोग्राम वाले घरेलू एलपीजी सिलेंडर की कीमतें स्थिर बनी हुई हैं। राष्ट्रीय राजधानी नई दिल्ली में आम उपभोक्ताओं को 14.2 किलोग्राम का घरेलू रसोई गैस सिलेंडर 942.00 रुपये में मिल रहा है। दिल्ली से सटे राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) की बात करें तो उत्तर प्रदेश के नोएडा में यह 939.50 रुपये और हरियाणा के गुरुग्राम में 950.50 रुपये प्रति सिलेंडर पर उपलब्ध है। देश की आर्थिक राजधानी मुंबई में घरेलू सिलेंडर का भाव 941.50 रुपये प्रति सिलेंडर दर्ज किया गया है। वहीं, पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता में उपभोक्ताओं को एक सिलेंडर के लिए 968.00 रुपये चुकाने पड़ रहे हैं। दक्षिण भारत के प्रमुख महानगर चेन्नई में 14.2 किलो का घरेलू सिलेंडर 957.50 रुपये के स्तर पर बना हुआ है। उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में घरेलू गैस सिलेंडर की कीमत 979.50 रुपये पर स्थिर है। मध्य भारत के प्रमुख शहर भोपाल में यह दर 982 रुपये के आसपास है, जबकि राजस्थान की राजधानी जयपुर में उपभोक्ताओं को प्रति रिफिल 945.50 रुपये का भुगतान करना पड़ रहा है।

पटना से हैदराबाद तक: अलग-अलग राज्यों में क्यों बदल जाती हैं रसोई गैस की कीमतें?

अक्सर उपभोक्ताओं के मन में यह सवाल उठता है कि जब केंद्र सरकार पूरे देश में एक समान ऊर्जा नीति की बात करती है, तो फिर दिल्ली में गैस सिलेंडर 942 रुपये, लखनऊ में 979.50 रुपये और बिहार की राजधानी पटना में 1,031.50 रुपये का क्यों मिलता है। दक्षिण भारत के तेलंगाना राज्य की राजधानी हैदराबाद में भी घरेलू गैस सिलेंडर का भाव 994.00 रुपये के करीब पहुंच जाता है। इस भारी अंतर की सबसे बड़ी वजह लॉजिस्टिक्स यानी परिवहन लागत (Freight Charges) और राज्यों द्वारा लगाए जाने वाले स्थानीय वैट व उपकर हैं। देश के जिन हिस्सों में एलपीजी बॉटलिंग प्लांट और रिफाइनरियां नजदीक होती हैं या जहां पाइपलाइन नेटवर्क सीधा जुड़ा है, वहां परिवहन व्यय कम आता है। इसके विपरीत, पहाड़ी राज्यों जैसे जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, पूर्वोत्तर के राज्यों और दूरदराज के मैदानी इलाकों में बॉटलिंग प्लांट से गैस एजेंसियों तक सिलेंडर ट्रकों के माध्यम से पहुंचाने में ढुलाई का खर्च काफी बढ़ जाता है। इसके अतिरिक्त, प्रत्येक राज्य सरकार पेट्रोलियम उत्पादों और रसोई गैस पर अपनी स्थानीय राजस्व नीतियों के अनुसार टैक्स की दरें निर्धारित करती है, जिससे अंतिम खुदरा बिक्री मूल्य (RSP) में 50 से 90 रुपये तक का अंतर देखने को मिलता है।

19 किलो वाले कमर्शियल गैस सिलेंडर के दाम: होटल, रेस्टोरेंट और कारोबारियों पर कितना असर?

घरेलू रसोई गैस के अलावा ढाबों, चाय की दुकानों, मिष्ठान भंडारों, बड़े होटलों और कैटरिंग व्यवसायों में इस्तेमाल होने वाले 19 किलोग्राम के नीले रंग वाले कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर के दाम भी व्यापारिक जगत के लिए बेहद मायने रखते हैं। वर्तमान में 19 किलो वाले कमर्शियल सिलेंडर की कीमतें 2,700 रुपये से लेकर 3,000 रुपये के दायरे में चल रही हैं। राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में 19 किलो का कमर्शियल सिलेंडर लगभग 2,728.00 रुपये में बिक रहा है, जबकि मुंबई में इसका भाव 2,691.50 रुपये है। कोलकाता में कमर्शियल गैस की कीमत 2,872.50 रुपये और चेन्नई में 2,906.00 रुपये प्रति सिलेंडर दर्ज की गई है। उत्तर प्रदेश के लखनऊ में व्यवसायियों को एक कमर्शियल सिलेंडर के लिए लगभग 2,860.50 से 2,932.50 रुपये तक खर्च करने पड़ रहे हैं, वहीं पटना में यह आंकड़ा 3,018.00 रुपये को छू रहा है। कमर्शियल गैस की कीमतों में होने वाले उतार-चढ़ाव का सीधा असर बाजार में बिकने वाले खाने-पीने के सामान, रेस्टोरेंट के मेन्यू और मिठाइयों के दामों पर पड़ता है। त्योहारी सीजन में जब खानपान की मांग चरम पर होती है, तब कमर्शियल गैस की यह दरें छोटे और बड़े कारोबारियों की लागत का सबसे प्रमुख पैमाना बनती हैं।

पीएम उज्जवला योजना और घरेलू सब्सिडी का पूरा गणित: लाभार्थियों को कितने में पड़ेगा सिलेंडर?

आम उपभोक्ताओं को जहां पूरे बाजार भाव पर गैर-सब्सिडी वाला घरेलू गैस सिलेंडर खरीदना पड़ता है, वहीं केंद्र सरकार द्वारा संचालित 'प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना' (PMUY) के तहत आने वाले करोड़ों गरीब परिवारों को सरकार की ओर से सीधी आर्थिक राहत प्रदान की जा रही है। उज्ज्वला योजना के लाभार्थियों के लिए केंद्र सरकार प्रति वर्ष 12 सिलेंडरों तक 300 रुपये प्रति 14.2 किलोग्राम सिलेंडर की प्रत्यक्ष वित्तीय सब्सिडी (Direct Benefit Transfer - DBT) प्रदान करती है। इसका सीधा मतलब यह है कि यदि कोई उज्ज्वला लाभार्थी दिल्ली में 942 रुपये का सिलेंडर खरीदता है, तो उसके खाते में 300 रुपये की सब्सिडी सीधे वापस आ जाती है, जिससे उसे वह सिलेंडर वास्तविक रूप से मात्र 642 रुपये का पड़ता है। इसी तरह लखनऊ में 979.50 रुपये का सिलेंडर उज्ज्वला योजना के तहत लाभार्थी को शुद्ध रूप से लगभग 679.50 रुपये में मिल जाता है। यह सब्सिडी सीधे उपभोक्ता के आधार से लिंक बैंक खाते में इलेक्ट्रॉनिक ट्रांसफर के माध्यम से भेजी जाती है। सामान्य गैर-उज्ज्वला उपभोक्ताओं के लिए भी कुछ राज्यों में सांकेतिक सब्सिडी डीबीटी के जरिए बैंक खातों में भेजी जाती है, जिसकी स्थिति उपभोक्ता अपने 'myLPG.in' पोर्टल पर लॉगिन करके पारदर्शी तरीके से चेक कर सकते हैं।

घर बैठे चंद सेकंड्स में करें बुकिंग: वॉट्सऐप, मिस्ड कॉल और ऑनलाइन पेमेंट के आसान तरीके

अब वह जमाना बीत चुका है जब गैस सिलेंडर बुक कराने के लिए उपभोक्ताओं को वितरक के दफ्तर में लंबी लाइनों में खड़े होकर अपनी बारी का इंतजार करना पड़ता था। आज ऑयल मार्केटिंग कंपनियों ने तकनीक के जरिए बुकिंग प्रक्रिया को बेहद सरल और त्वरित बना दिया है। यदि आप इंडेन (Indane) के ग्राहक हैं, तो आप अपने पंजीकृत मोबाइल नंबर से 7718955555 पर कॉल करके या वॉट्सऐप पर 7588888822 पर 'REFILL' लिखकर भेज सकते हैं। इसके अलावा केवल 8454955555 पर मिस्ड कॉल देकर भी बुकिंग की जा सकती है। भारत गैस (Bharat Gas) के उपभोक्ता वॉट्सऐप नंबर 1800224344 पर 'Hi' या 'Book' लिखकर भेज सकते हैं। हिंदुस्तान पेट्रोलियम (HP Gas) के ग्राहक अपने रजिस्टर्ड नंबर से 9222201122 पर वॉट्सऐप मैसेज भेजकर या मिस्ड कॉल देकर सिलेंडर बुक कर सकते हैं। इसके अतिरिक्त भारत सरकार के 'UMANG' मोबाइल ऐप, इंडियन ऑयल के 'IndianOil ONE', बीपीसीएल के 'Hello BPCL' ऐप तथा गूगल पे, फोनपे, पेटीएम और अमेज़न पे जैसे यूपीआई प्लेटफॉर्म्स पर भी उपभोक्ता अपना कंज्यूमर नंबर और डिस्ट्रीब्यूटर चुनकर सीधे ऑनलाइन भुगतान के साथ सिलेंडर बुक कर सकते हैं। डिजिटल बुकिंग पर कई पेमेंट गेटवे आकर्षक कैशबैक और रिवॉर्ड पॉइंट्स भी उपलब्ध कराते हैं।

डिलीवरी लेते समय इन 4 बातों का रखें खास ध्यान: सुरक्षा जांच और डिजिटल बिलिंग के कड़े नियम

जब गैस डिलीवरी मैन आपके दरवाजे पर सिलेंडर लेकर पहुंचे, तो डिलीवरी स्वीकार करने से पहले कुछ बुनियादी सुरक्षा और उपभोक्ता अधिकारों की जांच अवश्य कर लें। सबसे पहले सिलेंडर के ऊपरी हिस्से पर लगी प्लास्टिक की सील और सुरक्षा कैप (Safety Cap) की बारीकी से जांच करें; सील पूरी तरह से बंद और टूटी हुई नहीं होनी चाहिए। दूसरा और सबसे महत्वपूर्ण काम है डिलीवरी मैन से सिलेंडर का वजन (Tare Weight) तराजू से तुलवाना। नियमों के अनुसार हर डिलीवरी हॉकर के पास प्रमाणित डिजिटल या स्प्रिंग वजन कांटा होना अनिवार्य है। 14.2 किलो गैस और खाली सिलेंडर का वजन (जो सिलेंडर के कॉलर पर लिखा होता है, आमतौर पर लगभग 15 से 16 किलो) मिलाकर कुल वजन लगभग 29.5 से 30.5 किलोग्राम के बीच बैठना चाहिए। तीसरा, सिलेंडर की एक्सपायरी या टेस्टिंग डेट चेक करें; सिलेंडर के हैंडल के अंदरूनी हिस्से पर A, B, C, D अक्षरों के साथ वर्ष लिखा होता है (जैसे D-26 का अर्थ वर्ष 2026 की अंतिम तिमाही तक सुरक्षित परीक्षण)। चौथा, डिलीवरी मैन को केवल अधिकृत कैश मेमो में छपी राशि का ही भुगतान करें। यदि आपने ऑनलाइन पेमेंट कर दिया है, तो किसी भी प्रकार का अतिरिक्त डिलीवरी शुल्क देने से स्पष्ट इनकार करें, क्योंकि सिलेंडर को उपभोक्ता के घर के दरवाजे तक पहुंचाने का खर्च पहले से ही खुदरा मूल्य में शामिल होता है।