पेट्रोल-डीजल के नए रेट जारी: लखनऊ में 101.86 रुपये तो हैदराबाद में 116 रुपये के पार पहुंचा पेट्रोल

पेट्रोल-डीजल के नए रेट जारी: लखनऊ में 101.86 रुपये तो हैदराबाद में 116 रुपये के पार पहुंचा पेट्रोल

देश की प्रमुख तेल विपणन कंपनियों (OMCs) जैसे इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन (IOCL), भारत पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड (BPCL) और हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड (HPCL) ने आज 31 अक्टूबर के लिए पेट्रोल और डीजल के ताजा भाव जारी कर दिए हैं। अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में लगातार हो रहे उतार-चढ़ाव के बीच घरेलू स्तर पर महानगरों और विभिन्न राज्यों की राजधानियों में ईंधन के दाम अलग-अलग स्तरों पर बने हुए हैं। आज उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में वाहन चालकों को एक लीटर पेट्रोल के लिए 101.86 रुपये चुकाने पड़ रहे हैं, वहीं डीजल का भाव 94.92 रुपये प्रति लीटर दर्ज किया गया है। इसके विपरीत, दक्षिण भारत के प्रमुख तकनीकी और व्यावसायिक केंद्र हैदराबाद में पेट्रोल की कीमत 116.15 रुपये प्रति लीटर और डीजल 102.40 रुपये प्रति लीटर के आसपास बनी हुई है।

त्योहारी सीजन और रोजमर्रा की आवाजाही के इस दौर में ईंधन के दाम आम नागरिक के बजट को सीधे प्रभावित करते हैं। सुबह 6 बजे जैसे ही नए दाम अपडेट हुए, पेट्रोल पंपों पर वाहनों की कतारों के बीच उपभोक्ता अपने शहर के भावों की तुलना अन्य शहरों से करते नजर आए। लखनऊ और हैदराबाद के बीच प्रति लीटर पेट्रोल पर लगभग 14 रुपये से अधिक का बड़ा अंतर देखने को मिल रहा है, जो उपभोक्ताओं के बीच चर्चा का मुख्य विषय बना हुआ है। उत्तर भारत से लेकर दक्षिण भारत तक विभिन्न भौगोलिक क्षेत्रों में ईंधन की दरों में यह असमानता राज्यों की राजस्व नीतियों और स्थानीय कर संरचना की गहरी तस्वीर पेश करती है।

लखनऊ से लेकर हैदराबाद तक: एक ही देश में तेल की कीमतों में 14 रुपये से ज्यादा का बड़ा फासला क्यों?

कई आम उपभोक्ताओं के मन में यह सवाल स्वाभाविक रूप से उठता है कि जब कच्चा तेल एक ही दर पर देश में आयात होता है और केंद्र सरकार का बुनियादी उत्पाद शुल्क (Central Excise Duty) पूरे देश में एक समान लागू होता है, तो फिर लखनऊ में पेट्रोल 101.86 रुपये और हैदराबाद में 116.15 रुपये क्यों बिकता है। इस भारी अंतर का सबसे प्रमुख कारण संबंधित राज्य सरकारों द्वारा लगाया जाने वाला मूल्य वर्धित कर यानी वैट (VAT) और स्थानीय उपकर (Local Cess) है। तेलंगाना सरकार द्वारा पेट्रोलियम उत्पादों पर लगाया जाने वाला वैट देश में सबसे ऊंचे कर स्लैब में शामिल है, जिसके चलते हैदराबाद में पेट्रोल और डीजल दोनों के दाम देश के अन्य हिस्सों की तुलना में काफी ऊंचे रहते हैं।

दूसरी तरफ, उत्तर प्रदेश सरकार ने आम उपभोक्ताओं और माल ढुलाई की लागत को नियंत्रित रखने के उद्देश्य से पेट्रोल और डीजल पर वैट की दरों को अपेक्षाकृत संतुलित रखा हुआ है। इसके अलावा, तेल शोधक कारखानों (Refineries) से लेकर संबंधित शहर के डिपो और खुदरा पेट्रोल पंपों तक ईंधन पहुंचाने में लगने वाला परिवहन खर्च (Freight Charges) भी कीमतों को प्रभावित करता है। बंदरगाहों और पाइपलाइन नेटवर्क से दूरी के आधार पर फ्रेट चार्ज घटता-बढ़ता है, जिसे अंतिम खुदरा बिक्री मूल्य में जोड़ा जाता है। डीलर कमीशन की स्थानीय दरें भी शहर-दर-शहर मामूली अंतर पैदा करती हैं, जिसके कारण भौगोलिक दूरी और स्थानीय कराधान का यह संयुक्त प्रभाव सीधे उपभोक्ता की जेब पर दिखाई देता है।

देश के चार प्रमुख महानगरों और एनसीआर में तेल का ताजा मीटर: दिल्ली, मुंबई, कोलकाता और चेन्नई का हाल

राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (NCR) और देश के चार प्रमुख महानगरों में आज 31 अक्टूबर को पेट्रोल-डीजल की कीमतें स्थिर बनी हुई हैं। देश की राजधानी नई दिल्ली में आज पेट्रोल 94.72 रुपये प्रति लीटर और डीजल 87.62 रुपये प्रति लीटर की दर से बिक रहा है। केंद्र शासित प्रदेश होने और दिल्ली सरकार के संतुलित वैट के कारण राजधानी में ईंधन देश के अन्य प्रमुख महानगरों के मुकाबले काफी सस्ता उपलब्ध है। दिल्ली से सटे उत्तर प्रदेश के नोएडा और ग्रेटर नोएडा में पेट्रोल 94.83 रुपये और डीजल 87.96 रुपये प्रति लीटर है, जबकि हरियाणा के गुरुग्राम में पेट्रोल 95.19 रुपये और डीजल 88.05 रुपये प्रति लीटर पर दर्ज किया गया है।

आर्थिक राजधानी मुंबई की बात करें तो यहां वाणिज्यिक गतिविधियों और महाराष्ट्र सरकार के कर ढांचे के कारण पेट्रोल 103.44 रुपये प्रति लीटर और डीजल 89.97 रुपये प्रति लीटर बिक रहा है। पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता में पेट्रोल की कीमत 103.94 रुपये प्रति लीटर और डीजल की कीमत 90.76 रुपये प्रति लीटर पर स्थिर है। वहीं, तमिलनाडु की राजधानी चेन्नई में पेट्रोल 100.75 रुपये प्रति लीटर और डीजल 92.34 रुपये प्रति लीटर के स्तर पर बना हुआ है। इसके अलावा, कर्नाटक की राजधानी बेंगलुरु में पेट्रोल 102.86 रुपये और डीजल 88.94 रुपये प्रति लीटर बिक रहा है, जबकि बिहार के पटना में पेट्रोल 105.18 रुपये और डीजल 92.04 रुपये प्रति लीटर के आंकड़े को छू रहा है।

रोजाना सुबह 6 बजे कैसे तय होते हैं पेट्रोल-डीजल के दाम? जानिए डायनामिक फ्यूल प्राइसिंग का गणित

भारत में जून 2017 से 'डायनामिक फ्यूल प्राइसिंग' व्यवस्था लागू है, जिसके तहत सरकारी तेल कंपनियां हर रोज सुबह 6 बजे पेट्रोल और डीजल की नई दरें घोषित करती हैं। इस व्यवस्था का मुख्य उद्देश्य अंतरराष्ट्रीय कच्चे तेल (क्रूड ऑयल) के बाजार में होने वाले दैनिक बदलावों और विदेशी मुद्रा विनिमय दर (USD/INR) के उतार-चढ़ाव का सीधा और पारदर्शी लाभ उपभोक्ताओं तक पहुंचाना है। जब अंतरराष्ट्रीय बेंचमार्क ब्रेंट क्रूड और अमेरिकी वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट (WTI) की कीमतों में तेजी या मंदी आती है, तो भारतीय रिफाइनरियों की खरीद लागत सीधे बदल जाती है।

एक लीटर पेट्रोल के खुदरा मूल्य की संरचना को समझें तो इसमें कई घटक शामिल होते हैं। सबसे पहले कच्चे तेल की मूल लागत और रिफाइनरी का प्रोसेसिंग शुल्क आता है। इसके बाद केंद्र सरकार द्वारा लगाया जाने वाला उत्पाद शुल्क जोड़ा जाता है। इसके ऊपर राज्य सरकारों का मनमाना वैट और स्थानीय सेस लगता है, और अंत में पेट्रोल पंप मालिकों का डीलर कमीशन जोड़ा जाता है। यही कारण है कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की मूल कीमत कुल खुदरा मूल्य का केवल एक हिस्सा होती है, जबकि उसका आधा या उससे अधिक हिस्सा केंद्र और राज्य के करों तथा वितरण लागतों से मिलकर बनता है।

घर बैठे अपने मोबाइल से सिर्फ एक SMS भेजकर ऐसे चेक करें अपने शहर का ताजा भाव

यदि आप यात्रा पर निकल रहे हैं या अपने नजदीकी पेट्रोल पंप पर जाने से पहले आज का सटीक रेट जानना चाहते हैं, तो तेल कंपनियों ने इसके लिए बेहद आसान डिजिटल और एसएमएस सुविधाएं उपलब्ध कराई हैं। इसके लिए आपको किसी लंबी प्रक्रिया से गुजरने की जरूरत नहीं है, बस एक साधारण मैसेज भेजकर आप चंद सेकंड्स में अपने शहर का मूल्य प्राप्त कर सकते हैं।

इंडियन ऑयल (IOCL) के ग्राहक अपने मोबाइल के मैसेज बॉक्स में जाकर टाइप करें RSP <डीलर कोड> और इसे 9224992249 पर भेज दें। भारत पेट्रोलियम (BPCL) के उपभोक्ता RSP <डीलर कोड> लिखकर 9223112222 पर भेज सकते हैं। हिंदुस्तान पेट्रोलियम (HPCL) के उपभोक्ता अपने फोन से HPPRICE <डीलर कोड> लिखकर 9222201122 पर एसएमएस कर सकते हैं। प्रत्येक पेट्रोल पंप का एक विशिष्ट डीलर कोड होता है, जो पंप परिसर में प्रदर्शित रहता है या संबंधित तेल कंपनी के आधिकारिक पोर्टल पर आसानी से खोजा जा सकता है। इसके अतिरिक्त, इंडियन ऑयल के 'IndianOil ONE', बीपीसीएल के 'Hello BPCL' और एचपीसीएल के 'HP Pay' मोबाइल ऐप के जरिए भी जीपीएस लोकेशन के आधार पर वास्तविक समय में कीमतें देखी जा सकती हैं।

त्योहारी सीजन में आम आदमी की जेब और मासिक बजट पर ईंधन की कीमतों का सीधा असर

त्योहारी सीजन के दौरान जब लोग खरीदारी, रिश्तेदारों से मिलने और पर्यटन के लिए सड़कों पर अधिक समय बिताते हैं, तब पेट्रोल और डीजल के दाम सीधे तौर पर पारिवारिक बजट को असंतुलित कर सकते हैं। विशेष रूप से दोपहिया और चार पहिया वाहन चालकों के लिए ईंधन का मासिक खर्च प्राथमिक मदों में गिना जाता है। हैदराबाद और पटना जैसे शहरों में जहां पेट्रोल 105 से 116 रुपये प्रति लीटर के बीच बिक रहा है, वहां दैनिक 30 से 40 किलोमीटर का सफर तय करने वाले कामकाजी पेशेवरों का मासिक ईंधन खर्च 4,000 से 6,000 रुपये तक पहुंच जाता है।

ईंधन की कीमतों का असर केवल निजी वाहन मालिकों तक सीमित नहीं रहता, बल्कि यह पूरी आपूर्ति श्रृंखला को प्रभावित करता है। देश में 80 प्रतिशत से अधिक कृषि उत्पाद, फल, सब्जियां और दैनिक उपभोग का किराना सामान ट्रकों और हल्के वाणिज्यिक वाहनों के माध्यम से एक राज्य से दूसरे राज्य में पहुंचता है। जब डीजल के दाम 90 से 102 रुपये प्रति लीटर के ऊंचे स्तर पर बने रहते हैं, तो माल ढुलाई का भाड़ा बढ़ जाता है। इसका सीधा नतीजा मंडियों में सब्जियों और किराना सामान के महंगा होने के रूप में सामने आता है। आर्थिक विश्लेषकों का मानना है कि यदि राज्यों में वैट की दरों को तर्कसंगत बनाया जाए या पेट्रोलियम उत्पादों को वस्तु एवं सेवा कर (GST) के दायरे में लाने पर सहमति बने, तो पूरे देश में ईंधन की कीमतों में एकरूपता आ सकती है और आम नागरिकों को स्थानीय करों की भारी विषमता से बड़ी राहत मिल सकती है।