सब्सिडी के लिए e-KYC हुआ अनिवार्य, जानिए आज के नए रेट और सरकार की नई गाइडलाइन
घरेलू रसोई गैस (LPG) का इस्तेमाल करने वाले करोड़ों उपभोक्ताओं के लिए सब्सिडी, सप्लाई और कीमतों को लेकर कई बेहद महत्वपूर्ण अपडेट सामने आए हैं। वैश्विक स्तर पर जारी तमाम आर्थिक संकटों और उतार-चढ़ाव के बीच भारतीय उपभोक्ताओं के लिए राहत की बात यह है कि देश में घरेलू एलपीजी सिलेंडर की कीमतें दुनिया के कई देशों और हमारे पड़ोसी मुल्कों की तुलना में अब भी काफी कम बनी हुई हैं। इस भारी राहत का एक बड़ा वित्तीय बोझ सरकार खुद अपने कंधों पर उठा रही है ताकि आम जनता की जेब पर अतिरिक्त असर न पड़े। अगर आपके घर में भी एलपीजी कनेक्शन है, तो सप्लाई और सब्सिडी से जुड़े इन नए नियमों को जानना आपके लिए बेहद जरूरी है।
30 जून 2026 तक निपटा लें ये जरूरी काम, वरना बंद हो जाएगी आपकी एलपीजी सब्सिडी
एलपीजी सब्सिडी को लेकर सरकार और तेल कंपनियों ने नियमों को सख्त कर दिया है। अब रसोई गैस पर मिलने वाली सब्सिडी का लाभ जारी रखने के लिए बायोमेट्रिक आधार ऑथेंटिकेशन (e-KYC) को पूरी तरह अनिवार्य कर दिया गया है। हिंदुस्तान पेट्रोलियम (HPCL) द्वारा जारी आधिकारिक जानकारी के मुताबिक, उपभोक्ताओं को बिना किसी रुकावट के सब्सिडी का पैसा सीधे बैंक खाते में पाने के लिए 30 जून 2026 तक अपनी ई-केवाईसी प्रक्रिया को हर हाल में पूरा करना होगा। राहत की बात यह है कि उपभोक्ता इस प्रक्रिया को घर बैठे 'HP PAY' मोबाइल ऐप के माध्यम से कर सकते हैं, या फिर अपने नजदीकी गैस डिस्ट्रीब्यूटर के ऑफिस में जाकर भी बायोमेट्रिक सत्यापन करवा सकते हैं।
एलपीजी सप्लाई बढ़ाने के लिए तेल कंपनियों का बड़ा कदम, पेट्रोल-डीजल के उत्पादन में कटौती
देश के भीतर रसोई गैस की निर्बाध सप्लाई सुनिश्चित करने के लिए तेल कंपनियों ने अपनी उत्पादन रणनीति में एक बड़ा रणनीतिक बदलाव किया है। भारत का पेट्रोलियम प्रोडक्ट इंपोर्ट इस साल मई महीने में गिरकर 9 लाख 30 हजार बैरल प्रतिदिन रह गया है, जो अक्टूबर 2022 के बाद का सबसे निचला स्तर दर्ज किया गया है। स्थानीय स्तर पर एलपीजी की बढ़ती मांग और सप्लाई की जरूरतों को पूरा करने के लिए कंपनियों ने रिफाइनरियों में घरेलू रसोई गैस का उत्पादन बढ़ा दिया है। इस वजह से पेट्रोल और डीजल के उत्पादन में लगभग 80 हजार बैरल प्रतिदिन की कटौती की गई है ताकि देश में गैस किल्लत जैसी स्थिति पैदा न हो।
₹1200 की लागत वाला सिलेंडर आम जनता को मिल रहा है बेहद सस्ता, जानिए सब्सिडी का पूरा गणित
अगर कीमतों की बात करें तो आज एलपीजी के रेट में कोई बदलाव नहीं देखा गया है, लेकिन इसके पीछे का गणित बेहद दिलचस्प है। वास्तव में एक 14.2 किलोग्राम वाले घरेलू एलपीजी सिलेंडर की वास्तविक सप्लाई और उत्पादन लागत करीब ₹1,200 आती है। इसके बावजूद सरकार इसे उपभोक्ताओं को बहुत कम कीमत पर मुहैया करा रही है। प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना (PMUY) के लाभार्थियों को यह घरेलू सिलेंडर केवल ₹613 में मिल रहा है, यानी उन्हें वास्तविक लागत के मुकाबले प्रति सिलेंडर सीधे ₹587 की बंपर राहत दी जा रही है। वहीं, अगर सामान्य उपभोक्ताओं की बात करें तो दिल्ली में बिना सब्सिडी वाला 14.2 किलो का सिलेंडर ₹913 में मिल रहा है, जो कि इसकी असली लागत से काफी कम है।
पड़ोसी देशों से तुलना: पाकिस्तान और श्रीलंका के मुकाबले भारत में बहुत सस्ता है रसोई गैस
वैश्विक स्तर पर तुलना की जाए तो भारत में रसोई गैस की कीमतें अपने कई पड़ोसी देशों के मुकाबले काफी नियंत्रित स्थिति में हैं। विभिन्न देशों में 14.2 किलो के घरेलू सिलेंडर की भारतीय रुपयों में कीमत कुछ इस तरह है:
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श्रीलंका: ₹1,241
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नेपाल: ₹1,207
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पाकिस्तान: ₹1,046
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भारत: ₹913
देश के प्रमुख शहरों में घरेलू LPG सिलेंडर के आज के नए रेट (स्रोत: इंडेन)
भारतीय तेल विपणन कंपनी इंडेन के मुताबिक, देश के अलग-अलग राज्यों और प्रमुख शहरों में टैक्स व ट्रांसपोर्टेशन कॉस्ट के आधार पर घरेलू रसोई गैस के ताजा दाम इस प्रकार हैं:
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पटना: ₹1,011
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अंडमान: ₹989
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रायपुर: ₹984.50
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हैदराबाद: ₹965
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इंदौर: ₹941
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भुवनेश्वर: ₹939
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देहरादून: ₹932
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चंडीगढ़: ₹922.50
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गुरुग्राम: ₹921.50
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अहमदाबाद: ₹920
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बेंगलुरु: ₹915.50
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दिल्ली: ₹913
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नोएडा: ₹910.50