नतीजों के बाद रॉकेट बना IMFA का शेयर; जानिए रिकॉर्ड डेट और फेरो अलॉयज दिग्गज के वित्तीय आंकड़े
नई दिल्ली/भुवनेश्वर: शेयर बाजार में तिमाही नतीजों के व्यस्त दौर के बीच धातु एवं खनन क्षेत्र की दिग्गज कंपनी इंडियन मेटल्स एंड फेरो अलॉयज लिमिटेड (IMFA) ने अपने शेयरधारकों के लिए दोहरी खुशखबरी का ऐलान किया है। चालू वित्त वर्ष की सितंबर तिमाही (Q2) के वित्तीय आंकड़े जारी करते हुए कंपनी ने न केवल अपने शुद्ध मुनाफे में 51 फीसदी से अधिक की जोरदार छलांग दर्ज की है, बल्कि निवेशकों के लिए प्रति शेयर 50 फीसदी के अंतरिम डिविडेंड की भी घोषणा की है। नतीजों की घोषणा के तुरंत बाद घरेलू शेयर बाजार में कंपनी के शेयरों में जबर्दस्त लिवाली देखने को मिली और बुधवार के कारोबारी सत्र में यह स्टॉक करीब 3 फीसदी तक चढ़कर 1,123.60 रुपये के स्तर पर बंद हुआ। वैश्विक कमोडिटी बाजारों में चल रहे उतार-चढ़ाव और कच्चे माल की कीमतों के दबाव के बावजूद फेरोक्रोम के देश के सबसे बड़े एकीकृत उत्पादक द्वारा पेश किए गए ये आंकड़े यह साबित करते हैं कि कंपनी का परिचालन ढांचा और लागत नियंत्रण बेहद मजबूत स्थिति में है।
सितंबर तिमाही में 51.4% उछला शुद्ध लाभ: ₹148 करोड़ के करीब पहुंचा मुनाफा
इंडियन मेटल्स एंड फेरो अलॉयज द्वारा स्टॉक एक्सचेंजों को सौंपी गई ऑडिटेड वित्तीय रिपोर्ट के अनुसार, 30 सितंबर को समाप्त हुई दूसरी तिमाही में कंपनी का समेकित शुद्ध लाभ (Consolidated Net Profit) सालाना आधार पर 51.46 प्रतिशत बढ़कर 147.76 करोड़ रुपये पर पहुंच गया है। पिछले वित्त वर्ष की इसी समान तिमाही में कंपनी ने 97.56 करोड़ रुपये का शुद्ध मुनाफा दर्ज किया था। हालांकि, पिछली जून तिमाही (Q1) के 192.59 करोड़ रुपये के मुनाफे की तुलना में तिमाही आधार पर इसमें लगभग 23.3 प्रतिशत की क्रमिक गिरावट दर्ज की गई है, जिसकी मुख्य वजह मानसून के दौरान लॉजिस्टिक्स और वैश्विक स्तर पर फेरो अलॉयज की कीमतों में आया हल्का सुधार रहा है। इसके बावजूद सालाना आधार पर 51 फीसदी की यह बढ़त विश्लेषकों के अनुमानों से काफी बेहतर मानी जा रही है, जिससे निवेशकों का भरोसा इस काउंटर पर और पुख्ता हुआ है।
परिचालन से होने वाली आय ₹968 करोड़ के पार: राजस्व में 34.7% की जबर्दस्त वृद्धि
रेवेन्यू यानी परिचालन से होने वाली कुल आय के मोर्चे पर भी आईएमएफए ने शानदार प्रदर्शन दोहराया है। सितंबर तिमाही के दौरान कंपनी का कुल परिचालन राजस्व सालाना आधार पर 34.72 प्रतिशत की छलांग लगाकर 968.17 करोड़ रुपये पर पहुंच गया, जो पिछले वित्त वर्ष की इसी तिमाही में 718.65 करोड़ रुपये दर्ज किया गया था। वहीं जून 2026 तिमाही के 960.45 करोड़ रुपये के राजस्व के मुकाबले इसमें तिमाही आधार पर 0.8 फीसदी की हल्की बढ़त देखने को मिली है। कंपनी के मुख्य कारोबार यानी फेरो अलॉयज वर्टिकल ने इस दौरान सबसे बड़ा योगदान दिया, जहां से अकेले 967 करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त हुआ। इसमें पिछले साल की तुलना में 34 प्रतिशत की मजबूत वृद्धि दर्ज की गई है। घरेलू बुनियादी ढांचा परियोजनाओं में बढ़ती मांग और यूरोप व एशियाई देशों में उच्च गुणवत्ता वाले फेरोक्रोम के निर्यात ने कंपनी के रेवेन्यू ग्राफ को नई गति दी है।
एबिटा में 70% का विस्फोटक उछाल और 24.3% तक फैला ऑपरेटिंग मार्जिन
वित्तीय परिणामों का सबसे चमकदार पहलू कंपनी का कामकाजी मुनाफा यानी एबिटा (EBITDA) रहा है, जिसने उत्पादन लागत में आई कमी का स्पष्ट प्रमाण दिया है। चालू वित्त वर्ष की दूसरी तिमाही में आईएमएफए का एबिटा 234.87 करोड़ रुपये दर्ज किया गया, जो पिछले साल की समान अवधि के 137.89 करोड़ रुपये के मुकाबले 70.33 प्रतिशत अधिक है। परिचालन दक्षता के चलते कंपनी का एबिटा मार्जिन भी पिछले साल के 19.2 प्रतिशत से सुधरकर 24.3 प्रतिशत के मजबूत स्तर पर पहुंच गया है, यानी मार्जिन में 510 आधार अंकों (bps) का जबर्दस्त विस्तार हुआ है। यद्यपि पहली तिमाही के 281 करोड़ रुपये के एबिटा के मुकाबले क्रमिक आधार पर इसमें 16.5 प्रतिशत की सुस्ती आई है, लेकिन सालाना आधार पर 70 फीसदी की बढ़त यह दर्शाती है कि कंपनी के अपने कैप्टिव क्रोमाइट माइंस और कैप्टिव पावर जेनरेशन प्लांट्स ने बाहरी ऊर्जा लागतों के जोखिम को पूरी तरह बेअसर कर दिया है।
प्रति शेयर ₹5 का अंतरिम डिविडेंड: 12 नवंबर तय हुई रिकॉर्ड डेट
मजबूत नकदी प्रवाह और बंपर मुनाफे का सीधा लाभ कंपनी प्रबंधन ने अपने शेयरधारकों को देने का फैसला किया है। आईएमएफए के निदेशक मंडल (Board of Directors) ने 10 रुपये के फेस वैल्यू वाले प्रत्येक इक्विटी शेयर पर 5 रुपये प्रति शेयर (50 प्रतिशत) के अंतरिम डिविडेंड के भुगतान को मंजूरी दे दी है। इस अंतरिम लाभांश के लिए कंपनी ने 12 नवंबर 2026 को आधिकारिक रिकॉर्ड डेट (Record Date) निर्धारित किया है। इसका अर्थ यह हुआ कि जिन निवेशकों के डीमैट खाते में 12 नवंबर तक कंपनी के शेयर मौजूद होंगे, वे इस ₹5 प्रति शेयर के डिविडेंड के पात्र होंगे। कंपनी ने यह भी स्पष्ट किया है कि पात्र शेयरधारकों के बैंक खातों में इस डिविडेंड की कुल राशि का भुगतान 3 दिसंबर 2026 या उससे पहले कर दिया जाएगा। लगातार नियमित डिविडेंड देने का कंपनी का यह ट्रैक रिकॉर्ड लंबी अवधि के निवेशकों को अतिरिक्त आय सुरक्षा प्रदान करता है।
शेयर का ऐतिहासिक परफॉर्मेंस: 2025 की 75% रैली के बाद 2026 में कंसोलिडेशन का दौर
यदि शेयर बाजार के तकनीकी चार्ट और ऐतिहासिक रिटर्न पर नजर डालें, तो आईएमएफए के शेयरों ने लंबी अवधि के निवेशकों को असाधारण रिटर्न दिए हैं। वर्ष 2025 के दौरान कंपनी के शेयरों में लगभग 75 फीसदी की एकतरफा तेजी देखी गई थी, जिसने निवेशकों की पूंजी को भारी मुनाफा कराया था। हालांकि, कैलेंडर वर्ष 2026 की शुरुआत से ही मेटल सेक्टर में आई वैश्विक सुस्ती के चलते यह स्टॉक बिकवाली और कंसोलिडेशन के दौर से गुजर रहा था। अकेले जनवरी 2026 में इसमें 22 फीसदी से ज्यादा की गिरावट आई थी और चालू वर्ष में अब तक यह शेयर लगभग 24 फीसदी तक करेक्ट हो चुका है। लेकिन ₹1,080 से ₹1,100 के अहम सपोर्ट जोन से टकराने के बाद तिमाही नतीजों के दम पर आई यह 3 फीसदी की ताजा उछाल तकनीकी विश्लेषकों के अनुसार रिवर्सल का बड़ा संकेत हो सकती है। यदि शेयर ₹1,150 के स्तर को पार कर टिकता है, तो इसमें दोबारा पुरानी ऊंचाई छूने का मोमेंटम बन सकता है।
कैप्टिव माइंस और ऊर्जा आत्मनिर्भरता बनी कंपनी की सबसे बड़ी ताकत
ओडिशा आधारित इंडियन मेटल्स एंड फेरो अलॉयज देश की सबसे कम लागत वाली फेरोक्रोम उत्पादक कंपनियों में गिनी जाती है। कंपनी की सबसे बड़ी रणनीतिक ताकत इसका पूर्णतः एकीकृत (Fully Integrated) बिजनेस मॉडल है। आईएमएफए के पास सुकिंदा घाटी में समृद्ध कैप्टिव क्रोमाइट खदानें हैं, जो कच्चे माल की शत-प्रतिशत सुरक्षा सुनिश्चित करती हैं। इसके अलावा कंपनी के पास लगभग 200 मेगावाट से अधिक की कैप्टिव थर्मल और सोलर पावर क्षमता मौजूद है, जिससे बिजली की खपत का भारी खर्च न्यूनतम स्तर पर बना रहता है। फेरोक्रोम के विनिर्माण में बिजली ही सबसे बड़ा लागत घटक होती है, और जब कंपनी के पास अपनी खुद की बिजली और कच्चा माल दोनों हों, तो वैश्विक मंदी के दौर में भी मार्जिन सुरक्षित रहते हैं। स्टेनलेस स्टील निर्माण में फेरोक्रोम एक अनिवार्य कच्चा माल है, और भारत में स्टेनलेस स्टील की खपत जिस गति से बढ़ रही है, उसे देखते हुए आईएमएफए की मध्यम से लंबी अवधि की विकास संभावनाएं बेहद चमकदार नजर आ रही हैं।