ITC ने बढ़ाए चुनिंदा सिगरेट ब्रांड्स के दाम: शेयर खरीदने को टूटे निवेशक, 2% से ज्यादा उछला भाव

ITC ने बढ़ाए चुनिंदा सिगरेट ब्रांड्स के दाम: शेयर खरीदने को टूटे निवेशक, 2% से ज्यादा उछला भाव

देश की दिग्गज एफएमसीजी कंपनी आईटीसी लिमिटेड (ITC Ltd) ने अपने चुनिंदा लोकप्रिय सिगरेट ब्रांड्स के दाम में बढ़ोतरी करने का बड़ा फैसला लिया है। कंपनी के इस कदम से जहां धूम्रपान करने वालों की जेब पर बोझ बढ़ेगा, वहीं दूसरी तरफ दलाल स्ट्रीट पर कंपनी के निवेशकों की बांछें खिल गई हैं। कीमतों में बढ़ोतरी की खबर बाजार में आते ही आईटीसी के शेयर खरीदने के लिए निवेशकों की होड़ लग गई, जिसके चलते नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) और बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) पर स्टॉक 2 प्रतिशत से अधिक की छलांग लगाकर ₹263.55 के इंट्राडे हाई पर पहुंच गया।

बाजार विश्लेषकों का मानना है कि सिगरेट की कीमतों में की गई इस वृद्धि से कंपनी के ऑपरेटिंग मार्जिन और आगामी तिमाहियों के मुनाफे (PAT) को सीधा फायदा मिलेगा।

कौन-कौन से ब्रांड हुए महंगे? 10 से 12.6% तक बढ़ी कीमतें

डीलर स्तर और बाजार रिपोर्टों के अनुसार, आईटीसी ने अपने कुछ प्रमुख ब्रांड्स के अधिकतम खुदरा मूल्य (MRP) में संशोधन किया है:

  • क्लासिक कनेक्ट (Classic Connect): इस ब्रांड के दामों में करीब 10% की बढ़ोतरी की गई है, जिसके बाद प्रति स्टिक की कीमत बढ़कर लगभग ₹21.4 हो गई है।

  • गोल्ड फ्लेक सुपर स्टार (Gold Flake Super Star): इसके 10 सिगरेट वाले पैक की कीमत में 12.66% तक की बढ़ोतरी दर्ज की गई है, जो अब बढ़कर ₹89 प्रति पैक हो गई है।

गौरतलब है कि बजट के बाद टैक्स और इनपुट लागत के दबाव को संतुलित करने के लिए कंपनी ने कीमतों में यह रणनीतिक फेरबदल किया है।

क्यों उछला शेयर? सिगरेट कारोबार है मुनाफे की रीढ़

शेयर बाजार में इस खबर का जबर्दस्त स्वागत इसलिए हुआ क्योंकि सिगरेट सेगमेंट आईटीसी के कुल कारोबार का सबसे बड़ा 'कैश काउ' (Cash Cow) और मुनाफा देने वाला इंजन माना जाता है।

  • रेवेन्यू और प्रॉफिट शेयर: हालांकि आईटीसी का होटल, पेपरबोर्ड, एग्री-बिजनेस और पैकेज्ड फूड्स का दायरा काफी बड़ा है, लेकिन सिगरेट सेगमेंट अकेले कंपनी के कुल राजस्व का लगभग 40% हिस्सा रखता है और ऑपरेटिंग प्रॉफिट में इसका योगदान 70% से भी अधिक रहता है।

  • मार्जिन प्रोटेक्शन: सिगरेट के दाम बढ़ाने से बढ़ी हुई टैक्स देनदारियों और कच्चे माल की लागत की भरपाई आसानी से हो जाती है। चूंकि भारतीय बाजार में आईटीसी का एकाधिकार (मार्केट शेयर 75% से अधिक) है, इसलिए दाम बढ़ने के बावजूद सिगरेट की बिक्री (वॉल्यूम) पर कोई खास नकारात्मक असर नहीं पड़ता।

क्या कहते हैं बाजार विशेषज्ञ और ब्रोकरेज हाउस?

मार्केट एक्सपर्ट्स के अनुसार, आईटीसी का शेयर काफी समय से कंसॉलिडेशन के दौर में था। कीमतों में बढ़ोतरी की खबर ने इसमें नए सिरे से तेजी (मोमेंटम) भर दी है:

  • तकनीकी स्तर (Technical Levels): जानकारों के मुताबिक चार्ट पर ₹256 का स्तर एक मजबूत सपोर्ट का काम कर रहा था। अब शेयर ने ₹260 के अहम हर्डल को पार कर लिया है।

  • शॉर्ट टर्म टारगेट: एनालिस्ट्स का मानना है कि मौजूदा स्तरों से शेयर में 8 से 10 फीसदी की शॉर्ट टर्म रैली देखने को मिल सकती है, जहां अगला मुख्य रेजिस्टेंस ₹268 और उसके पार ₹290 का स्तर देखा जा रहा है।

  • हाल ही में आईटीसी द्वारा अपनी आईटी इकाई 'आईटीसी इन्फोटेक' के रणनीतिक विस्तार और एफएमसीजी कारोबार को मजबूत करने के कदमों ने भी संस्थागत निवेशकों का भरोसा बढ़ाया है।

कारोबारी सत्र के अंत में बाजार में व्यापक उतार-चढ़ाव के बावजूद आईटीसी का शेयर हरे निशान में मजबूती के साथ कारोबार करता दिखा, जिससे रिटेल निवेशकों का सेंटिमेंट भी मजबूत हुआ है।