जियो प्लेटफॉर्म्स को पछाड़कर दोबारा हासिल किया देश की दूसरी सबसे मूल्यवान कंपनी का तमगा

जियो प्लेटफॉर्म्स को पछाड़कर दोबारा हासिल किया देश की दूसरी सबसे मूल्यवान कंपनी का तमगा

भारतीय शेयर बाजार में टेलीकॉम और डिजिटल सेवा क्षेत्र की दो सबसे बड़ी दिग्गज कंपनियों के बीच मार्केट कैप की जंग में एक नया मोड़ सामने आया है। सुनील भारती मित्तल के नेतृत्व वाली भारती एयरटेल ने बाजार मूल्यांकन (मार्केट कैपिटलाइजेशन) के मामले में मुकेश अंबानी समर्थित जियो प्लेटफॉर्म्स को पीछे छोड़ते हुए देश की दूसरी सबसे मूल्यवान लिस्टेड कंपनी का खिताब दोबारा अपने नाम कर लिया है। हाल ही में शेयर बाजार में लिस्टिंग के बाद जियो प्लेटफॉर्म्स ने दूसरे स्थान पर कब्जा जमाया था, लेकिन एयरटेल के शेयरों में आई निरंतर तेजी और मजबूत तिमाही नतीजों ने समीकरण को एक बार फिर बदल दिया है। इस उलटफेर के बाद दलाल स्ट्रीट पर रिलायंस इंडस्ट्रीज पहले स्थान पर मजबूती से कायम है, जबकि दूसरे स्थान पर एयरटेल ने वापसी कर ली है।

शेयरों में उछाल और मूल्यांकन का गणित: ₹13 लाख करोड़ के पार पहुंची एयरटेल

कारोबारी सत्र के दौरान भारती एयरटेल के शेयरों में चौतरफा लिवाली देखने को मिली। बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) पर एयरटेल का शेयर 1.66 प्रतिशत की बढ़त के साथ ₹2,096.25 के स्तर पर बंद हुआ, जबकि दिन के कारोबार के दौरान इसने ₹2,120 का उच्चतम स्तर छुआ। शेयरों में आई इस मजबूती के कारण भारती एयरटेल का कुल बाजार मूल्यांकन बढ़कर लगभग ₹13 लाख करोड़ (₹13.15 लाख करोड़ तक) पहुंच गया। दूसरी ओर, जियो प्लेटफॉर्म्स के शेयरों में बिकवाली का दबाव देखा गया और कंपनी का शेयर 0.90 प्रतिशत टूटकर ₹1,405.75 पर बंद हुआ, जिससे उसका कुल मार्केट कैप घटकर ₹12.94 लाख करोड़ रह गया। इस तरह लगभग ₹15,000 करोड़ से अधिक के फासले से एयरटेल ने दूसरे पायदान पर अपनी बढ़त बना ली।

मजबूत वित्तीय आंकड़े और ARPU में सुधार बना तेजी का मुख्य आधार

भारती एयरटेल के शेयरों में इस तेजी के पीछे कंपनी के शानदार वित्तीय प्रदर्शन और प्रति यूजर औसत राजस्व (ARPU) में हुई ठोस वृद्धि को माना जा रहा है। हालिया तिमाही में कंपनी के समेकित शुद्ध लाभ (Consolidated Net Profit) में दोहरे अंकों की बढ़त दर्ज की गई है, जिसे प्रीमियम यूजर्स के विस्तार और मोबाइल टैरिफ सुधारों से बड़ा सहारा मिला। इसके अतिरिक्त, एयरटेल के एंटरप्राइज बिजनेस (Airtel Business) और डेटा सर्विसेज पोर्टफोलियो में साल-दर-साल 11 प्रतिशत से अधिक की आय वृद्धि दर्ज हुई है। विश्लेषकों का मानना है कि 5G नेटवर्क के तेजी से होते मुद्रीकरण (Monetization) और पोस्टपेड ग्राहकों की बढ़ती हिस्सेदारी ने कंपनी के कैश फ्लो को नई मजबूती प्रदान की है, जिससे संस्थागत निवेशकों का भरोसा एयरटेल पर लगातार बढ़ा है।

बाजार में शीर्ष कंपनियों की स्थिति और आगे की राह

भारतीय शेयर बाजार में इस समय रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड (RIL) शीर्ष पायदान पर सबसे मूल्यवान कंपनी के रूप में काबिज है। वहीं दूसरे स्थान के लिए भारती एयरटेल और जियो प्लेटफॉर्म्स के बीच कड़ा मुकाबला चल रहा है। बाजार विशेषज्ञों के अनुसार, टेलीकॉम और डिजिटल सर्विसेज सेक्टर में अगले कुछ महीनों में टैरिफ बढ़ोतरी और नई तकनीक के विस्तार के आधार पर यह मुकाबला और दिलचस्प हो सकता है। फिलहाल एयरटेल ने अपनी वित्तीय निरंतरता के दम पर बढ़त बना ली है और निवेशकों की नजरें अब दोनों कंपनियों की आगामी रणनीतियों और मार्केट शेयर की दिशा पर टिकी हुई हैं।