आमिर खान के भांजे को मिला भारत छोड़ने का नोटिस, भड़कीं किरण राव बोलीं- 40 साल से यहीं...
बॉलीवुड अभिनेता आमिर खान के भांजे और 'जाने तू... या जाने ना' फेम अभिनेता इमरान खान को लेकर एक बेहद चौंकाने वाला मामला सामने आया है। मीडिया रिपोर्टों और प्रशासनिक गलियारों में चल रही चर्चाओं के अनुसार, अभिनेता को तकनीकी व नागरिकता संबंधी औपचारिकताओं के चलते भारत छोड़ने (Leave India) का नोटिस दिए जाने की खबर सामने आई है। इस खबर के सार्वजनिक होते ही फिल्म उद्योग से लेकर सोशल मीडिया तक भारी हलचल मच गई है। इस पूरे घटनाक्रम पर आमिर खान की पूर्व पत्नी और जानी-मानी फिल्म निर्देशक किरण राव ने बेहद तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। किरण राव ने इस फैसले और प्रशासनिक प्रक्रिया पर गहरी नाराजगी जताते हुए साफ कहा कि जिस शख्स ने अपनी पूरी जिंदगी, बचपन और करियर इसी देश में बिताया है, जिसने 40 साल से अधिक समय तक भारत को ही अपना घर माना, उसे इस तरह से मुल्क छोड़ने की बात कहना पूरी तरह अनुचित, दुखद और असंवेदनशील है।
अमेरिकी नागरिकता और भारत में रहने की तकनीकी पेचीदगी
इमरान खान का जन्म अमेरिका के विस्कॉन्सिन राज्य के मैडिसन शहर में हुआ था, जिसके चलते उनके पास जन्म से ही अमेरिकी नागरिकता और अमेरिकी पासपोर्ट है। हालांकि, उनका पालन-पोषण, स्कूली शिक्षा और करियर की शुरुआत भारत की माटी में ही हुई। मुंबई को अपना घर मानने वाले इमरान खान ने कभी भी अपनी इस पहचान को छुपाया नहीं, लेकिन भारत के नागरिकता कानून में दोहरी नागरिकता (Dual Citizenship) का प्रावधान न होने के कारण विदेशी पासपोर्ट धारक नागरिकों को वीजा, ओसीआई (ओवरसीज सिटीजन ऑफ इंडिया) या तय नियमों के तहत ही रहने की अनुमति होती है। हाल के दिनों में विदेशी नागरिकों के वीजा नवीनीकरण, स्टे रूल्स और कानूनी औपचारिकताओं के सख्त ऑडिट के बीच यह तकनीकी पेच सामने आया, जिसके बाद इस तरह के नोटिस की सुगबुगाहट शुरू हुई। हालांकि, अभिनेता के करीबी सूत्रों का कहना है कि यह केवल दस्तावेजों के नवीनीकरण और तकनीकी जांच से जुड़ा मसला है, जिसे गैर-जरूरी तूल दिया जा रहा है।
किरण राव का तीखा बयान और व्यवस्था पर उठाए सवाल
इमरान खान के समर्थन में खुलकर सामने आते हुए किरण राव ने व्यवस्था और नियमों की अंधभक्ति पर कड़े सवाल खड़े किए हैं। उन्होंने एक बातचीत के दौरान आक्रोश जताते हुए कहा, "इमरान खान कोई बाहरी व्यक्ति नहीं हैं। उन्होंने अपनी जिंदगी के 40 साल इस देश में गुजारे हैं। उन्होंने यहीं पढ़ाई की, यहीं टैक्स भरा, भारतीय सिनेमा में योगदान दिया और वे हमारे परिवार व इस समाज का अटूट हिस्सा हैं। महज किसी तकनीकी कागज या जन्मस्थान के आधार पर किसी ऐसे व्यक्ति को भारत छोड़ने का नोटिस थमा देना, जिसने भारत के अलावा कभी किसी दूसरे देश को अपना घर समझा ही नहीं, बेहद पीड़ादायक है।" किरण ने यह भी कहा कि नियम और कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए होते हैं, लेकिन उनमें मानवीय दृष्टिकोण और जमीनी हकीकत को नजरअंदाज नहीं किया जाना चाहिए। परिवार पूरी तरह इमरान के साथ खड़ा है और इस मसले को कानूनी रूप से सुलझाने की प्रक्रिया जारी है।
बॉलीवुड में इमरान खान का योगदान और वापसी की चर्चाएं
इमरान खान ने साल 2008 में फिल्म 'जाने तू... या जाने ना' से अपने बॉलीवुड करियर की धमाकेदार शुरुआत की थी और रातों-रात वे युवाओं के दिल की धड़कन बन गए थे। इसके बाद उन्होंने 'आई हेट लव स्टोरीज', 'डेली बेली', 'मेरे ब्रदर की दुल्हन' और 'एक मैं और एकक तू' जैसी कई यादगार और सफल फिल्मों में अपने अभिनय का लोहा मनवाया। लंबे समय तक बड़े पर्दे से दूरी बनाए रखने के बाद, हाल के दिनों में इमरान सोशल मीडिया पर काफी सक्रिय हुए थे और अपने मानसिक स्वास्थ्य, संघर्षों और सिनेमा में वापसी (कमबैक) को लेकर खुलकर बात कर रहे थे। ऐसे नाजुक मोड़ पर उनके देश छोड़ने के नोटिस की खबरों ने उनके प्रशंसकों को गहरा सदमा पहुंचाया है। फैंस का कहना है कि जिस अभिनेता ने अपनी कला से करोड़ों हिंदुस्तानियों के चेहरों पर मुस्कान बिखेरी, उसके साथ ऐसी प्रशासनिक उलझनें होना बेहद निराशाजनक है।
कानूनी विशेषज्ञों की राय और आगे की राह
कानूनी जानकारों का मानना है कि यदि किसी व्यक्ति के पास ओसीआई कार्ड या वैध निवास परमिट है, तो सामान्य परिस्थितियों में इस तरह के नोटिस तकनीकी विसंगतियों, कागजात के नवीनीकरण में देरी या कर व वित्तीय नियमों के अनुपालन की जांच के सिलसिले में जारी किए जाते हैं। विशेषज्ञों के अनुसार, चूंकि इमरान खान का परिवार दशकों से भारत में स्थापित है और उनके पास मजबूत पारिवारिक व सामाजिक आधार है, इसलिए वे इस नोटिस के खिलाफ उच्च न्यायालय या संबंधित विदेशी क्षेत्रीय पंजीकरण कार्यालय (FRRO) में अपील दायर कर राहत पा सकते हैं। परिवार की कानूनी टीम पहले ही जरूरी दस्तावेज जुटाने में लगी हुई है ताकि इस मामले का शांतिपूर्ण और कानूनी हल जल्द से जल्द निकाला जा सके।
सोशल मीडिया पर प्रशंसकों का समर्थन और गरमाई सियासत
इस खबर के फैलते ही इंटरनेट पर इमरान खान के पक्ष में समर्थन की लहर देखने को मिल रही है। सोशल मीडिया यूजर्स का कहना है कि इमरान ने हमेशा भारत का मान बढ़ाया है और उन्हें किसी भी हाल में इस तरह की मानसिक प्रताड़ना से नहीं गुजरना चाहिए। वहीं कुछ यूजर्स यह भी तर्क दे रहे हैं कि देश के कानून सभी के लिए समान हैं, चाहे कोई सेलिब्रिटी हो या आम नागरिक, और कानूनी औपचारिकताओं को हर किसी को समय पर पूरा करना ही चाहिए। फिलहाल, किरण राव के इस मुखर बयान ने इस पूरे मामले को राष्ट्रीय सुर्खियों में ला दिया है और अब सबकी निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि संबंधित प्रशासनिक एजेंसियां और इमरान खान की कानूनी टीम इस विवाद पर क्या अंतिम रुख अपनाती हैं।