Nawazuddin Siddiqui की 'I’m Not An Actor' ने रचा इतिहास, मात्र 2 दिन में बजट के पार पहुंची फिल्म, जानें कलेक्शन

Nawazuddin Siddiqui की 'I’m Not An Actor' ने रचा इतिहास, मात्र 2 दिन में बजट के पार पहुंची फिल्म, जानें कलेक्शन

Box Office Update: भारतीय फिल्म इंडस्ट्री में जहां करोड़ों के बजट वाली फिल्में अक्सर संघर्ष करती नजर आती हैं, वहीं नवाजुद्दीन सिद्दीकी की सादगी भरी फिल्म 'I’m Not An Actor' ने बॉक्स ऑफिस पर तहलका मचा दिया है। इस फिल्म ने यह साबित कर दिया है कि अगर कहानी में दम हो, तो बिना किसी भारी-भरकम तामझाम के भी दर्शकों का दिल जीता जा सकता है।

लागत वसूलने के करीब: हैरान करने वाले आंकड़े

इस फिल्म की सबसे बड़ी चर्चा इसके बजट और कलेक्शन को लेकर हो रही है। फिल्म का कुल निर्माण बजट मात्र 1.5 करोड़ रुपये के आसपास बताया जा रहा है। ताजा रिपोर्ट्स के अनुसार, फिल्म ने रिलीज के महज 48 घंटों में 1.46 करोड़ रुपये की कमाई कर ली है।

  • पहला दिन: 71 लाख रुपये

  • दूसरा दिन: 75 लाख रुपये

  • कुल कलेक्शन: 1.46 करोड़ रुपये

यानी महज दो दिनों में फिल्म अपनी लागत का लगभग 95% हिस्सा वसूल चुकी है। ट्रेड एनालिस्ट्स का मानना है कि सोमवार के शुरुआती शो के साथ ही फिल्म पूरी तरह मुनाफे की श्रेणी में आ जाएगी।

बिना शोर-शराबे के 'वर्ड ऑफ माउथ' की जीत

नवाजुद्दीन सिद्दीकी की इस फिल्म के लिए कोई बड़ा मार्केटिंग कैंपेन नहीं चलाया गया था। इसकी सफलता का पूरा श्रेय 'वर्ड ऑफ माउथ' (दर्शकों की तारीफ) को जाता है। देशभर के केवल 110 मल्टीप्लेक्स में रिलीज हुई इस फिल्म को देखने के लिए दूसरे दिन दर्शकों की संख्या में भारी इजाफा देखा गया। सोशल मीडिया पर फिल्म की पटकथा और नवाजुद्दीन के अभिनय की जमकर सराहना हो रही है, जिसने इसे एक सफल 'इंडी' (स्वतंत्र) फिल्म बना दिया है।

क्यों पसंद आ रही है 'I’m Not An Actor'?

निर्देशक आदित्य कृपलानी के निर्देशन में बनी यह फिल्म एक कलाकार के आंतरिक संघर्ष और मानवीय संवेदनाओं की परतें खोलती है। फिल्म की कहानी इतनी 'जमीनी' और ईमानदार है कि दर्शक इससे सीधे जुड़ रहे हैं। नवाजुद्दीन ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि वे केवल अपनी आंखों और खामोशी से भी पूरी फिल्म का भार उठा सकते हैं।

स्वतंत्र सिनेमा के लिए नई उम्मीद

इस फिल्म की कामयाबी ने छोटे फिल्ममेकर्स और स्वतंत्र सिनेमा (Independent Cinema) के लिए एक नई उम्मीद जगाई है। यह फिल्म दर्शाती है कि स्क्रीन की कम संख्या के बावजूद, अगर कंटेंट मजबूत हो, तो फिल्म बड़े बैनर की फिल्मों को टक्कर दे सकती है। उम्मीद जताई जा रही है कि आने वाले दिनों में स्क्रीन्स की संख्या बढ़ाई जा सकती है।

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